British Politics: क्या भारतवंशी ऋषि सुनक ब्रिटेन के नए पीएम बन पाएंगे. यूके का नया पीएम चुनने के लिए बुधवार देर शाम पहले राउंड की वोटिंग हुई, जिसका नतीजा आपको जानना चाहिए. 

British Politics: ब्रिटेन (UK) में बोरिस जॉनसन के इस्तीफे के बाद सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी में नए पीएम के चुनने की प्रक्रिया तेज हो गई है. पार्टी के सांसदों ने देश का नया पीएम चुनने के लिए बुधवार को पहले राउंड की वोटिंग की. इस राउंड में सबसे ज्यादा वोट हासिल कर पूर्व वित्त मंत्री और भारतवंशी ऋषि सुनक (Rishi Sunak) सबसे आगे सिद्ध हुए. 
 उनके साथ ही अटॉर्नी जनरल सुएला ब्रेवरमैन, विदेश सचिव लिज़ ट्रस, व्यापार मंत्री पेनी मोर्डंट, पूर्व कैबिनेट मंत्री केमी बैडेनोच और टॉम तुगेंदत भी इस दौड़ में शामिल हैं.

पहले राउंड की वोटिंग में ऋषि सुनक (Rishi Sunak) को 88 वोट हासिल हुए. उनके बाद Penny Mordaunt को 67 वोट और Truss Liz को 50 वोट मिले. वित्त मंत्री Nadhim Zahawi और जॉनसन कैबिनेट के पूर्व मंत्री Jeremy Hunt को पर्याप्त वोट नहीं मिले, जिसके चलते वे पीएम पद की दौड़ से बाहर हो गए. सुनक के अलावा एक और भारतवंशी अटार्नी जनरल Suella Braverman भी पीएम पद की दौड़ में बनी हुई हैं. 

सभी प्रत्याशियों ने दिया अपना प्रेजेंटेशन

पहले राउंड की वोटिंग से पहले सभी 8 प्रत्याशियों ने पार्टी सांसदों के सामने अपना प्रेजेंटेशन दिया. इस दौरान उन्हें बोलने के लिए 12-12 मिनट का वक्त दिया गया था. सभी प्रत्याशियों ने प्रेजेंटेशन के दौरान देश का पीएम बनने पर अपनाई जाने वाली नीतियों को सांसदों के सामने रखा और उनसे अपना समर्थन देने की अपील की. कंजर्वेटिव पार्टी को ब्रिटेन में टोरी पार्टी भी कहा जाता है. संसद में इस पार्टी के 358 सांसद हैं. इन सभी सांसदों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवार को चुनने के लिए वोटिंग की. 

पार्टी की ओर से तय किए गए नियमों के मुताबिक पहले राउंड को पार करने के लिए न्यूनतम 30 सांसदों का वोट मिलना जरूरी था. जो प्रत्याशी इस शर्त को पूरा नहीं कर पाया, वह इस दौड़ से बाहर निकल गया. इसके बाद बचे हुए उम्मीदवारों के लिए दूसरा राउंड आयोजित किया जाएगा. उसमें फिर से सांसद वोट डालेंगे. यह दूसरा राउंड गुरुवार को होगा और इसमें गुप्त वोटिंग होगी.

मुद्रास्फीति से निपटना पहली प्राथमिकता

द डेली टेलीग्राफ के साथ एक इंटरव्यू में ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने कहा कि मुद्रास्फीति से निपटना उनकी नंबर एक आर्थिक प्राथमिकता है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधान मंत्री मार्गरेट थैचर ने उनके दृष्टिकोण का समर्थन किया है. पूर्व चांसलर ने कहा, ‘मुझे विश्वास है कि मैं विश्वास बहाल करने, अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और देश को फिर से जोड़ने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हूं. मेरा मानना ​​​​है कि मैं व्यापक स्थानों में अपील कर सकता हूं. मैं देश की अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण कर सकता हूं और देश को फिर से जोड़ सकता हूं.’

सुनक ने कहा, ‘मेरा मानना है कि कड़ी मेहनत ही सब कुछ है. इसी से यह निर्धारित होता है कि मैं कौन हूं. यही विचार मुझे कंजर्वेटिव बनाता है कि मैं काम के बड़प्पन में विश्वास करता हूं.’

जॉनसन ग्रुप ने रोड़े अटकाने शुरू किए

ब्रिटेन (UK) में जैसे-जैसे नए पीएम की चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे वहां राजनीति के मोहरे भी फेंके जाने शुरू हो गए हैं. पीएम की पोस्ट से हटे बोरिस जॉनसन के समर्थक सांसदों ने आरोप लगाया है कि ऋषि सुनक (Rishi Sunak) चुनाव प्रक्रिया को फिक्स करने की कोशिश कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि अंतिम 2 प्रतिद्वंदियों में सुनक के सामने जेरेमी हंट आएं, जिसे वे आसानी से हरा सकें. ऐसा कहने के साथ ही जॉनसन ग्रुप ने अपना समर्थन विदेश सचिव लिज़ ट्रस को दे दिया है.

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