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बीजेपी की तरफ बड़ी उम्मीद से देख रही जनता, नहीं कर सकते आराम: PM मोदी

BJP Chintan Shivir Latest News: पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे लक्ष्य बड़े हैं. बीजेपी का कार्यकर्ता आराम नहीं कर सकता है. हमें सत्ता का भोग नहीं करना है बल्कि भारत को ऊंचाइयों तक ले जाना है.

PM Narendra Modi Addresses BJP National Office Bearers: राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर (Jaipur) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का चिंतन शिविर चल रहा है. आज (शुक्रवार को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शिविर में शामिल बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ साल में दुनिया में भारत के प्रति ‘एक विशेष भावना’ जगी है और वह देश की ओर बहुत उम्मीदों से देख रही है. ठीक इसी तरह देश की जनता बीजेपी के प्रति ‘एक विशेष स्नेह’ रखती है और उसकी ओर बहुत उम्मीद से देख रही है.

बीजेपी के प्रति लोगों का है विशेष स्नेह

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीजेपी भले ही अभी तक की अपनी राजनीतिक यात्रा के शिखर पर हो लेकिन उसका मूल लक्ष्य भारत को ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था. पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया में भारत के प्रति किस तरह की विशेष भावना जागृत हुई है, यह हम सब देख रहे हैं. दुनिया आज भारत को बहुत उम्मीदों से देख रही है. ठीक वैसे ही भारत में बीजेपी के प्रति जनता का एक विशेष स्नेह अनुभव हो रहा है. देश की जनता को बीजेपी पर बहुत विश्वास है. वह बहुत उम्मीद से बीजेपी की ओर देख रही है.’

लक्ष्यों के लिए लगातार करना होगा काम

उन्होंने कहा कि देश की जनता की आकांक्षाओं से बीजेपी जैसे राजनीतिक दल का दायित्व भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. आजादी की 100वीं वर्षगांठ की यात्रा में बचे 25 सालों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस ‘अमृत काल’ में देश ने अपने लिए लक्ष्य तय किए हैं और बीजेपी के लिए यह समय इन लक्ष्यों के लिए निरंतर काम करने का है.

2014 में किया गया नया इतिहास लिखने का फैसला

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश के लोगों की जो उम्मीदें हैं, हमें उन्हें पूरा करना है. देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उन्हें हमें देश के लोगों के साथ मिलकर पार करना है. विजय के संकल्प के साथ आगे बढ़ना है.’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश के लोगों में निराशा का माहौल था और सरकारों से उनकी उम्मीदें खत्म हो गई थीं लेकिन 2014 में हुए आम चुनाव में देश की जनता ने एक नया इतिहास लिखने का फैसला किया.

उन्होंने कहा, ‘साल 2014 के बाद बीजेपी, देश को इस सोच से बाहर निकाल कर लाई है. आज निराशा नहीं, आशा और अपेक्षा का युग है. आज भारत के लोग आकांक्षाओं से भरे हैं. आज हिंदुस्तान का हर नागरिक नतीजे चाहता है और सरकारों को काम करते हुए देखना चाहता है. वह अपनी आंखों के सामने नतीजे पाना चाहता है. राजनीतिक नफा नुकसान से अलग, मैं इसे जनमानस में आया बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन मानता हूं.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 18 राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं, 400 से ज्यादा उसके सांसद हैं और राज्य सभा में भी वर्षों के बाद वह 100 के आंकड़े को छूने जा रही है लेकिन, इसके बावजूद चैन से बैठने का हमारा कोई हक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हमें सत्ता भोग ही करना होता तो भारत जैसे विशाल देश में कोई भी सोच सकता है, अरे इतना सारा मिल गया, अब तो बैठो, आराम करो. जी नहीं, यह रास्ता हमारे लिए नहीं है. यह रास्ता हमें मंजूर ही नहीं है.’

पीएम मोदी ने कहा कि जिन्होंने देश और पार्टी के लिए अपना जीवन खपा दिया है वह बीजेपी के कार्यकर्ताओं को आराम करने की इजाजत नहीं देते. उन्होंने कहा, ‘इतनी अच्छी विजय पताका फहर रही है लेकिन आज भी, हम अधीर और बेचैन हैं, क्योंकि हमारा मूल लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था.’

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ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने के दावे पर सवाल, ओवैसी बोले- वो तो मस्जिद का फव्वारा

Gyanvapi Mosque Case: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद यह विवाद गहराता जा रहा है. कोर्ट ने वजू के उस हिस्से को सील करने का आदेश दिया है, जहां शिवलिंग होने का दावा किया जा रहा है. अब मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मसले पर सुनवाई होनी है. लेकिन इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी हिन्दू पक्ष के दावे पर सवाल उठाए हैं.

कोर्ट कमिश्नर ने नहीं दी रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि दावा शिवलिंग मिलने का किया जा रहा है लेकिन मस्जिद की कमेटी ने साफ कहा कि यह तो मस्जिद का फव्वारा है जैसा कि हर मस्जिद में होता है. ओवैसी ने कहा कि अगर शिवलिंग था तो कोर्ट के कमिश्नर को जाकर यह बात बतानी चाहिए थी. लेकिन वह तो नहीं गए बल्कि याचिकाकर्ता के वकील दौड़कर उस हिस्से को सील करने के ऑर्डर कोर्ट से ले आए.

ओवैसी ने कहा कि कोर्ट ने मस्जिद के हिस्से को सील करने का जो आदेश दिया है वह 1991 के एक्ट के खिलाफ है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मामले में भी इस एक्ट का जिक्र किया था. ऐसे में संसद ने किसी मकसद से यह कानून बनाया था और निचली अदालत कैसे सुप्रीम कोर्ट व संसद के खिलाफ जा सकती है. 

कयामत तक मस्जिद रहेगी ज्ञानवापी

उन्होंने कहा कि हिस्से को सील करने की मांग सर्वे कमिश्नर की बजाय हिन्दू पक्ष का वकील कैसे कर सकता है, वह भी मुस्लिम पक्ष के वकील की गैर मौजूदगी में ऐसा हुआ है. उन्होंने कहा कि यह 1991 के एक्ट का उल्लंघन है जो मस्जिद के नेचर और कैरेक्टर में बदलाव करता है. 

इससे पहले ओवैसी ने सर्वे पूरा होने पर कहा था कि ज्ञानवापी मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद ही रहेगी. ओवैसी के अलावा महबूबा मुफ्ती ने भी बीजेपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा को उन मस्जिदों की एक लिस्ट सौंप देनी चाहिए जिन्हें वो लेना चाहती है. अब यह मामला सेशंस कोर्ट से होते हुए अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है, हालांकि कोर्ट ने पहले भी सर्वे पर तत्काल रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया था लेकिन सुनवाई के लिए मुस्लिम पक्ष की याचिका मंजूर की थी. 

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‘कश्मीरी पंडित खतरे में’, आतंक के खात्मे के लिए केजरीवाल ने केंद्र से की ये अपील

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Rahul Bhatt Murder: कश्मीरी पंडितों की हत्या के बढ़ते मामले पर सियासी दलों की रोज प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. अब आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवा ने कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या पर एक वीडियो जारी किया है. उन्होंने केंद्र सरकार से कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के इंतजाम करने की अपील की है.

कश्मीरी पंडित डरे हुए हैं
उनहोंने कहा कि आज पूरा देश कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है. कश्मीर उनका घर है, वो वहीं बसना चाहते हैं. राहुल भट्ट की हत्या के बाद वहां रहने वाले सभी कश्मीरी पंडित डरे हुए हैं. कश्मीरी पंडितों के प्रदर्शन पर लाठी चलाना, आंसू गैस के गोले दागना गलत है.

कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा देने का समय
दिल्ली के सीएम ने कश्मीरी पंडितों की समस्याएं गिनाते हुए कहा कि जिन अफसरों की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हुईं, उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए. ये राजनीति करने का नहीं, कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा देने का समय है. कश्मीरी पंडित सुरक्षा चाहते हैं, उनका परिवार वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा.

देश के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा

उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि कश्मीरी पंडित किसके भरोसे पर वापस अपने घर जाएंगे? कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा की व्यवस्था की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है. इसके लिए जो भी खर्च हो किया जाना चाहिए. अंत में अरविंद केजरीवा ने कहा कि आतंकियों और देश के दुश्मनों को बख्शा नहीं जाएगा.

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