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खुद को UP कांग्रेस का चेहरा बताने वाली प्रियंका बयान से पलटीं, बोलीं- चिढ़ कर कहा था

प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में सीएम कैंडिडेट वाले अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि CM का चेहरा कौन बनेगा ये पार्टी तय करेगी. मैं ये नहीं कह रही हूं कि CM का चेहरा मैं ही हूं. वो मैंने चिढ़ कर कह दिया था.

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने यूपी में सीएम कैंडिडेट वाले अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि ‘मेरी पार्टी कहीं-कहीं पर ये तय करती है कि CM का चेहरा कौन बनेगा और कहीं पर तय नहीं करती है. ये पार्टी का तरीका है. मैं ये नहीं कह रही हूं कि CM का चेहरा मैं ही हूं. वो मैंने चिढ़ कर कह दिया क्योंकि बार-बार वो ही सवाल पूछे जा रहे हैं.’

‘यूपी में बनाया जाएगा भर्ती विधान’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा, ‘भर्ती विधान को बनाने के लिए युवाओं से बात की गई. इसे भर्ती विधान इसलिए कहा गया है क्योंकि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या भर्ती की है. युवा योग्य हैं, लेकिन उन्हें नौकरियां नहीं मिलती. बड़ी-बड़ी घोषणएं होती हैं, लेकिन यह नहीं बताया जाता कि रोजगार कैसे दिए जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि भर्ती की प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाएगा, आरक्षण संबंधी ‘घोटाले’ को रोकने का कड़ा प्रावधान होगा और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ के चुनावों को बहाल किया जाएगा.

’20 लाख युवाओं को दिए जाएंगे रोजगार’

प्रियंका गांधी ने घोषणा की कि सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में 20 लाख रोजगार दिए जाएंगे, जिनमें 40 प्रतिशत यानी आठ लाख रोजगार महिलाओं को दिए जाएंगे. उनके मुताबिक, 12 लाख नौकरियां सरकार में हैं, जो खाली है और इनके लिए सरकार के पास पैसा भी है और आठ लाख रोजगार युवाओं के हुनर एवं उद्यमिता पर आधारित होंगे, जिनके लिए सरकार सहयोग देगी.

‘परीक्षाओं के फॉर्म की फीस होगी माफ’

उन्होंने कहा कि‘पुलिस सेवा, संस्कृत के शिक्षक, उर्दू के शिक्षक, आंगनबाड़ी, आशा आदि में खाली सभी पदों को भरा जाएगा. भर्ती प्रक्रिया में नौजवानों का जो भरोसा टूटा है, उसे बहाल करने के लिए सभी परीक्षाओं के फॉर्म के लिए शुल्क माफ होंगे और बस, ट्रेन यात्रा मुफ्त होगी.’

‘परीक्षा कैलेंडर होगा जारी’

प्रियंका गांधी ने ‘युवा घोषणापत्र’ में किए गए वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘एक परीक्षा कैलेंडर जारी होगा, जिसमें भर्ती विज्ञापन, परीक्षा, नियुक्ति की तारीखें दर्ज होंगी और इसका उल्लंघन होने पर कड़ी काशर्रवाई की जाएगी. आरक्षण के घोटाले को रोकने के लिए हर भर्ती के लिए सामाजिक न्याय पर्यवेक्षक होंगे.’

‘शिक्षा के बजट को बढ़ाएगी कांग्रेस पार्टी’

उन्होंने घोषणा की, ‘उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा का बजट कम किया है. हमारी सरकार आएगी तो यह बजट बढ़ाया जाएगा और सभी कॉलेज व विश्वविद्यालयों को उन्नत किया जाएगा. अच्छी शिक्षा भविष्य निर्माण के लिए सबसे जरूरी है.’ उन्होंने कहा, ‘युवाओं के रोजगार के लिए नये अवसर प्रदान किये जाएंगे. मल्लाहों और निषादों के लिए विश्वस्तरीय संस्थान बनाया जाएगा, जिसमें उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा. अति पिछड़े समुदाय के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए एक फीसदी ब्याज की दर से कर्ज दिया जाएगा.’

‘शिक्षकों के खाली पदों को भरा जाएगा’

प्रियंका गांधी ने कहा, ‘मैं बार-बार कह रही हूं कि हमारी विचारधारा अलग है. हम प्रगति और जनता की भलाई के लिए काम करेंगे. हम ध्रुवीकरण की राजनीति में शामिल नहीं हैं.’युवा घोषणापत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षा और महाविद्यालयों में शिक्षकों के 8,000 रिक्त पदों को भरा जाएगा. माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के 38,000 रिक्त पदों को भरा जाएगा. बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में रिक्त प्रधानाध्यापकों के 1 लाख पदों को भरा जाएगा.

आजादी के बाद कुछ गिने-चुने परिवारों के लिए नवनिर्माण किया गया: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात में सोमनाथ मंदिर के निकट नवनिर्मित सर्किट हाउस का ऑनलाइन उद्घाटन किया. इस दौरान कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद कुछ परिवारों के लिए निर्माण किए गए.

अहमदाबादः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि एक समय था, जब देश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पर बात करने में संकोच किया जाता था और आजादी के बाद कुछ गिने-चुने परिवारों के लिए नवनिर्माण किया गया. जबकि, उनकी सरकार उस संकीर्ण सोच को पीछे छोड़कर नए गौरव स्थलों का निर्माण कर रही है. उन्हें भव्यता दे रही है. गुजरात में सोमनाथ मंदिर के निकट नवनिर्मित सर्किट हाउस का ऑनलाइन उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने संबोधन में यह बात कही.

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों द्वारा सरकार पर विकास और पुनर्निर्माण के नाम पर ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने का आरोप लगाया जाता रहा है.  इस कड़ी में ताजा मामला इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय समर स्मारक पर जल रही लौ के साथ विलय किए जाने का है. विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम सैनिकों के बलिदान के इतिहास को मिटाने की तरह है.

पहले धार्मिक, सांस्कृतिक बात करने में था संकोच

कांग्रेस का नाम लिए बगैर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लिए हमारे पूर्वजों ने इतना कुछ छोड़ा है, लेकिन एक समय था, जब हमारी धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान पर बात करने में संकोच किया जाता था. आजादी के बाद दिल्ली में कुछ गिने-चुने परिवारों के लिए ही नवनिर्माण हुआ. आज देश उस संकीर्ण सोच को पीछे छोड़ते हुए नए गौरव स्थलों का निर्माण कर रहा है. उन्हें भव्यता दे रहा है.

बनाए गए कई स्मारक

प्रधानमंत्री ने इस कड़ी में दिल्ली में बने आंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक, रामेश्वरम में बने एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक और नेताजी सुभाष चंद्र बोस और श्यामजी कृष्ण वर्मा जैसे स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े हुए स्थानों को विकसित किए जाने का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास को सामने लाने के लिए देशभर में आदिवासी संग्रहालय भी बनाए जा रहे हैं.

पर्यटन भारत को देगा नई पहचान

उन्होंने कहा कि गुजरात के केवड़िया में बना ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ पूरे देश का गौरव है और कोरोना के बावजूद अब तक 75 लाख से ज्यादा लोग इसके दर्शन कर चुके हैं. ये नवनिर्मित स्थल हमारे सामर्थ्य के परियाचक हैं. आने वाले समय में यह प्रयास पर्यटन के साथ हमारी पहचान को भी नहीं ऊंचाई देंगे. प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ‘वोकल फोर लोकल’ अभियान का भी उल्लेख किया और कहा कि इसका मतलब सिर्फ दीवाली में स्थानीय दीये खरीदने भर से नहीं है.

विदेश जाने से पहले घूमें भारत

उन्होंने कहा कि पर्यटन भी उनके इस अभियान का हिस्सा है. उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि विदेश घूमने जाने से पहले वह देश के कम से कम 15 से 20 पर्यटन व तीर्थ स्थलों का दौरा करें. पहले आप हिंदुस्तान को अनुभव करें. बाद में दुनिया के किसी और देश में जाएं. जीवन के हर क्षेत्र में हमें इसे अपना ही होगा. देश को समृद्ध बनाना है, तो देश के नौजवानों के लिए अवसर तैयार करने हैं, तो इस रास्ते पर चलना होगा. आजादी के 75वें साल में उनकी सरकार ऐसे भारत का संकल्प ले रही है, जिसमें जो जितना समृद्ध होगा उतनी ही अपनी परंपराओं से जुड़ा होगा.

पर्यटन स्थल विरासत व विकास का प्रतीक

उन्होंने कहा कि जो जितना आधुनिक होगा, उतना ही अपनी परंपराओं से जुड़ा होगा. हमारे तीर्थ स्थान हमारे पर्यटन स्थल इस नए भारत में रंग भरने का काम करते हैं. यह हमारी विरासत और विकास दोनों के प्रतीक बनेंगे. दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था में पर्यटन के योगदान की चर्चा होती है, लेकिन भारत के तो हर राज्य में ऐसी ही अनंत संभावनाएं हैं. आप किसी भी राज्य का नाम लीजिए. गुजरात का नाम लेंगे तो सोमनाथ, द्वारका, धोलावीरा जैसे स्थान मन में आते हैं. उत्तर प्रदेश का नाम लेंगे तो अयोध्या, मथुरा, काशी, कुशीनगर, विंध्याचल छा जाते हैं. सामान्य जन का हमेशा मन करता है, इन सब जगह पर जाने का अवसर मिले.

30 करोड़ की लागत से तैयार सर्किट हाउस 

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार उत्तराखंड का नाम लेते ही बद्रीनाथ और केदारनाथ और हिमाचल प्रदेश का नाम लेने पर ज्वाला देवी जैसे तीर्थाटन और पर्यटन के कई केंद्र मन में आ जाएंगे. ये स्थान हमारी राष्ट्रीयता,  एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन स्थलों की यात्रा हमारी राष्ट्रीय एकता को बढ़ाती है. इनके विकास से हम एक बड़े क्षेत्र के विकास को गति दे सकते हैं. पिछले सात साल में देश ने पर्यटन की संभावनाओं को साकार करने के लिए लगातार काम किए हैं. पर्यटन केंद्रों का विकास आज केवल सरकारी योजना का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि जनभागीदारी और सांस्कृतिक विकास है.  धार्मिक या धरोहर स्थलों का विकास उन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा, जहां वे स्थित हैं. बता दें कि इस नए सर्किट हाउस का निर्माण 30 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है और यह सोमनाथ मंदिर के निकट स्थित है. इसमें सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. इनमें वीआईपी और डीलक्स कमरे, सम्मेलन कक्ष और सभागृह शामिल हैं. कमरों की बनावट ऐसी है कि वहीं से लोग समुद्र का नजारा भी देख सकते हैं.

उत्तराखंड: BJP ने जारी की 59 उम्मीदवारों की सूची, इस सीट से चुनाव लड़ेंगे सीएम धामी

उत्तराखंड के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक ऐलान हो गया है. पहली बार में 59 विधायक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया है.

नई दिल्ली: उत्तराखंड के लिए बीजेपी उम्मीदवारों के नाम का औपचारिक ऐलान हो गया है. उत्तराखंड में विकास कार्यों को गिनाते हुए उत्तराखंड चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने भाजपा की सूची की घोषणा की. पहली बार में 59 विधायक प्रत्याशियों के नाम का ऐलान किया गया है. उत्तराखंड के वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा से चुनाव लड़ेंगे. तो वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक हरिद्वार विधान सभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. 

59 सीटों पर हुआ ऐलान

59 उम्मीदवारों की सूची में 5 महिलाओं को टिकट दिया गया है.

किसे कहां से मिला मौका?

  • ऋषिकेश से प्रेमचंद्र अग्रवाल

  • श्रीनगर से धन सिंह रावत

  • मसूरी से गणेश जोशी

  • चकराता से रामशरण नौटियाल

  • कर्ण प्रयाग से अनिल नौटियाल

  • धनौल्टी से प्रीतम सिंह पंवार

  • खटीमा से पुष्कर सिंह धामी

  • देहरादून कैंट से सविता कपूर

  • नरेन्द्र नगर से सुबोध उनियाल

  • हरिद्वार से मदन कौशिक

  • चौबट्टाखाल से सतपाल महाराज

  • डीडीहाट से बिशन सिंह चुफाल

  • गदरपुर से अरविन्द पांडेय

  • सितारगंज से सौरभ बहुगुणा

  • हरिद्वार ग्रामीण से स्वामी यतीश्वरानंद

  • पुरोला से राजकुमार

  • रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी

  • बद्रीनाथ से महेंद्र भट्ट

  • लालकुआं से नवीन दुम्का

  • कालाढूंगी से बंशीधर भगत

  • ज्वालापुर से सुरेश राठौर

  • रुड़की से प्रदीप बत्रा

  • रानीपुर भेल से आदेश चौहान

  • खानपुर से प्रणव सिंह चैंपियन

  • रामनगर से दीवान सिंह बिष्ट

  • पूर्वा सीट से दुर्गेश्वर लाल

  • यमुनोत्री से केदार सिंह रावत

  • मंगलौर से दिनेश पवार

  • लक्सर से संजय गुप्ता

  • यमकेश्वर से रेणु बिस्ट

  • विकास नगर से मुन्ना सिंह चौहान

  • रायपुर से उमेश शर्मा

  • राजपुर रोड से खजान दास

राज्य का पांचवां चुनाव

गौरतलब है कि उत्‍तराखंड में एक ही चरण में यानी 14 फरवर को मतदान होना है और नतीजे 10 मार्च को आएंगे. उत्‍तराखंड में विधान सभा की 70 सीटें हैं, जिसके लिए बीजेपी, कांग्रेस के साथ-साथ आम आदमी पार्टी भी चुनावी मैदान में है. फिलहाल उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी की अगुआई वाली BJP सत्‍ता में है. आपको बता दें कि पुष्‍कर सिंह धामी पिछले पांच सालों में ही राज्‍य के तीसरे मुख्‍यमंत्री हैं. उत्तराखंड राज्य का निर्माण साल 2000 में हुआ था और यह राज्य का पांचवां विधान सभा चुनाव है.

यूपी चुनाव: CM योगी का अखिलेश यादव पर निशाना, कहा- SP ने दंगाइयों को बांटे टिकट

यूपी असेंबली चुनाव (UP Assembly Election 2022) में सरगर्मी बढ़ने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने एसपी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कई बड़े आरोप लगाए हैं.

लखनऊ: यूपी असेंबली चुनाव (UP Assembly Election 2022) में सरगर्मी बढ़ने के साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा है. 

‘SP ने कई दंगाइयों को दिए टिकट’

सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने कहा कि समाजवादी पार्टी (SP) ने यूपी में दंगाइयों को टिकट दिए हैं. एसपी का टिकट पाने वालों की लिस्ट उठाकर देख लीजिए, उसमें कई सारे जाने-पहचाने दंगाइयों के नाम साफ पढ़ने को मिल जाएंगे. ऐसे लोगों को जनता सबक सिखाने को तैयार बैठी है. 

‘पहले होती थी वंशवादी राजनीति’

सीएम (Yogi Adityanath) ने कहा कि पहले यूपी में दंगे होते थे, वंशवादी राजनीति होती थी. अब उन सब पर रोक लग गई है. अब यूपी में केवल विकास की बात होती है और किसी को भी कानून के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं है. अगर कोई भी ऐसा करने की जुर्रत करेगा, उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा. 

‘पिछली सरकार में होता रहता था दंगा’

मुख्यमंत्री (Yogi Adityanath) ने कहा, ‘बीजेपी ने वर्ष 2017 में सत्ता में आने से पहले अपना लोक कल्याण संकल्प पत्र जारी किया था. उसमें हमने राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को मुद्दा बनाया था. प्रदेश में उससे पहले वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति थी. इस राजनीति को बढ़ावा देकर वे लोग गरीब किसानों और आम लोगों का शोषण कर रहे थे. हर तीसरे दिन प्रदेश में दंगा होता था. इसके चलते विकास के पहिए थमे हुए थे.’ 

‘हमने 5 साल में बेहतर माहौल तैयार किया’

सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने कहा , ‘हम लोगों ने 5 वर्ष के दौरान प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल तैयार किया. बिना भेदभाव के नौजवानों को नौकरी दी. बेटियों की सुरक्षा के लिए बेहतर माहौल बनाया. विकास के कामों को आगे बढ़ाया. सहारनपुर में मां शाकुंभरी के नाम पर स्टेट यूनिवर्सिटी तो मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का काम शुरू किया. वहीं अलीगढ़ में भी स्टेट यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया. हम अपने कामों को जनता के बीच लेकर जा रहे हैं और उम्मीद है कि जनता उन पर अपनी मोहर लगाएगी.’ 

PM मोदी का BJP कार्यकर्ताओं से संवाद, किसानों के लिए कही ये बड़ी बात

Uttar Pradesh Assembly Election 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बीजेपी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उन्हें यूपी विधान सभा चुनाव में जीत का मंत्र दिया.

वाराणसी: विधान सभा चुनाव (Assembly Election) को लेकर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सरगर्मी बढ़ गई है. सभी राजनीतिक पार्टियों ने डिजिटल तरीके से प्रचार करने में पूरी ताकत झोंक दी है क्योंकि चुनाव आयोग (EC) ने 22 जनवरी तक रोड शो और रैली करने पर रोक लगा दी है. इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज (18 जनवरी को) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वाराणसी (Varanasi) के भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया.

बीजेपी कार्यकर्ताओं से पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा कि हमें नैचुरल फार्मिंग पर जोर देना चाहिए. किसानों को केमिकल फ्री खेती के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. हमें हर किसी को आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ना चाहिए.

चुनाव की घोषणा के बाद पीएम का पहला राजनीतिक कार्यक्रम

बता दें कि चुनाव आयोग (EC) की तरफ से उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का ये पहला राजनीतिक कार्यक्रम हुआ.

22 जनवरी को समीक्षा करेगा चुनाव आयोग

बता दें कि चुनाव आयोग 22 जनवरी को एक बार फिर से कोरोना से बने हालात की समीक्षा करेगा और रोड शो की इजाजत देने पर विचार करेगा. हालांकि माना जा रहा है कि चुनाव आयोग इनडोर रैली में सीमित संख्या में लोगों के शामिल होने की अनुमति दे सकता है.

यूपी में 7 चरणों में होगा चुनाव

जान लें कि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 7 चरणों में होगा. यूपी में वोटिंग 10 फरवरी, 14 फरवरी, 20 फरवरी, 23 फरवरी, 27 फरवरी, 3 मार्च और मार्च को होगी. इसके बाद 10 मार्च को विधान सभा चुनाव के नतीजे आएंगे.

पंजाब चुनाव के लिए मंगलवार को होगी मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणाः अरविंद केजरीवाल

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा मंगलवार को की जाएगी. यह बातें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहीं. 

नई दिल्लीः दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा मंगलवार को की जाएगी. केजरीवाल ने 13 जनवरी को पंजाब की जनता से मुख्यमंत्री पद के लिए पसंदीदा उम्मीदवार का नाम बताने की अपील की थी. इस बाबत उन्होंने एक मोबाइल नंबर भी जारी किया था. केजरीवाल ने तब कहा था कि वह ‘आप’ सांसद भगवंत सिंह मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहते थे, लेकिन मान ने यह फैसला पंजाब की जनता पर छोड़ने पर जोर दिया.

पंजाब में 14 फरवरी को मतदान
केजरीवाल ने एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि पंजाब में ‘आप’ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम मंगलवार दोपहर 12 बजे घोषित किया जाएगा. ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने जून 2021 में कहा था कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का दावेदार सिख समुदाय से होगा और पूरे पंजाब को पार्टी के चयन पर नाज होगा.

BJP में सीटों को लेकर फिर होगा चुनावी मंथन, CM योगी कल आएंगे दिल्ली

यूपी विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा में उम्मीदवारों के नाम पर मंथन जारी है. इसे लेकर सोमवार को दिल्ली में यूपी भाजपा कोर ग्रुप की बैठक होगी.

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. पार्टी ने हाल ही में 172 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट जारी की थी. अब 231 बची हुई सीटों पर भी उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट जल्द जारी हो सकती है.

यूपी बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में होगा सीटों पर मंथन

बची हुई 231 सीटों पर चर्चा के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली जा रहे हैं. यहां वे यूपी बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में शामिल होंगे. उनके साथ राज्य के दोनों डिप्टी सीएम, यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल भी मौजूद रहेंगे.

सीएम योगी गोरखपुर से लड़ेंगे चुनाव

बता दें कि दो दिन पहले ही बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर शहर सीट से चुनाव लड़ेंगे. वहीं केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज की सिराथू सीट से उम्मीदवार होंगे. पहले चरण के लिए 58 में से 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा हो चुकी है. इसके अलावा दूसरे चरण के लिए 55 में से 48 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है. 

21 नए चेहरों को दिया गया मौका

107 सीटों में से 83 पर बीजेपी विधायक थे, 63 विधायकों को फिर से मौका मिला है. वहीं, इस बार 21 नए चेहरों को मौका दिया गया है. 20 सिटिंग विधायकों को टिकट नहीं दिया गया है. नोएडा से पंकज सिंह, मथुरा से श्रीकांत शर्मा और कैराना से मृगांका सिंह चुनाव लड़ेंगी. इसके अलावा सरधना से संगीत सोम उम्मीदवार होंगे. आगरा ग्रामीण से बेबी रानी मौर्य, मेरठ से कमलदत्त शर्मा, देवबंद से बृजेश सिंह रावत, रामपुर मनिहारन से देवेंद्र, कुंदरकी से कमल प्रजापति, अमरोहा से मोहन कुमार लोधी, रामपुर से आकाश सक्सेना और गाजियाबाद शहर सीट से अतुल गर्ग प्रत्याशी होंगे.

PM मोदी ने स्टार्टअप्स से की बात, बोले- 'Startups का स्वर्णिम काल हो चुका है शुरू'

पीाएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप से लाखों लोगों को रोजगार मिला है. पहले बहुत कम कंपनियां बढ़ी बनती थीं. लेकिन पिछले साल 42 कंपनियां यूनिकॉर्न बनी हैं.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश के स्टार्टअप्स (Startup)से बात की. इस दौरान कृषि-स्वास्थ्य समेत कई मुद्दों पर बात की गई. पीएम मोदी ने कहा कि स्टार्टअप से लाखों लोगों को रोजगार मिला है. पहले बहुत कम कंपनियां बड़ी बनती थीं. लेकिन पिछले साल 42 कंपनियां यूनिकॉर्न बनी हैं.

16 जनवरी को मनाया जाएगा ‘नेशनल स्टार्ट-अप डे’

पीएम ने कहा कि साल 2022 भारत के स्टार्ट-अप क्षेत्र के लिए और नए अवसर लेकर आया है. भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में स्टार्ट-अप इंडिया इनोवेशन वीक का आयोजन भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप्स का कल्चर देश के दूर-दराज तक पहुंचे इसके लिए 16 जनवरी को अब ‘नेशनल स्टार्ट-अप डे’ के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है.

बचपन से ही इनोवेशन के आइडिया पर काम कर रहे हैं छात्र

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा प्रयास देश में बचपन से ही छात्रों में innovation के प्रति आकर्षण पैदा करने, innovation को institutionalise करने का है. 9,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब्स आज बच्चों को स्कूलों में innovate करने, नए Ideas पर काम करने का मौका दे रही हैं. उन्होंने कहा कि जीईएम प्लेटफॉर्म पर स्टार्ट-अप रनवे सुविधा का उपयोग स्टार्ट अप द्वारा अपने उत्पादों को सरकार को उपलब्ध कराने के लिए भी किया जा रहा है.

ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिग से सुधार

पीएम ने कहा कि सरकार के अलग-अलग विभाग, मंत्रालय, नौजवानों और स्टार्ट-अप्स के साथ संपर्क में रहते हैं. उनके आइडियाज को प्रोत्साहित करते हैं. सरकार की प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा युवाओ को innovation  का मौका देने की है. Innovation को लेकर भारत में जो अभियान चल रहा है, उसी का प्रभाव है कि Global Innovation Index में भी भारत की रैंकिंग में बहुत सुधार आया है. वर्ष 2015 में इस रैंकिंग में भारत 81 नंबर पर था. अब इनोवेशन इंडेक्स में भारत 46 नंबर पर है. 

‘स्टार्ट-अप्स का स्वर्णिम काल हो चुका है शुरू’

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस स्पीड और स्केल में आज भारत का युवा स्टार्ट-अप बना रहा है, वो वैश्विक महामारी के इस दौर में भारतीय की प्रबल इच्छा शक्ति और संकल्प शक्ति का प्रमाण है. पहले बेहतरीन से बेहतरीन समय में इक्का-दुक्का कंपनियां ही बड़ी बन पाती थी, लेकिन बीते साल तो 42 यूनिकॉर्न देश में बने हैं. हजारों करोड़ रुपये की ये कंपनियां आत्मनिर्भर होते, आत्मविश्वासी भारत की पहचान हैं. आज भारत तेज़ी से यूनिकॉर्न की सेंचुरी लगाने की तरफ बढ़ रहा है. मैं मानता हूं, भारत के स्टार्ट-अप्स का स्वर्णिम काल तो अब शुरु हो रहा है.

अखिलेश को भारी पड़ा 'अतिउत्साह', नियमों की उड़ाईं धज्जियां; अब हुआ एक्शन

लखनऊ के सपा मुख्‍यालय पर सदस्यता समारोह के दौरान उमड़ी हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है. चुनाव आयोग ने लोगों की भीड़ इकट्ठी करने और किसी प्रकार की रैली पर रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद भी अखिलेश ने यह कार्यक्रम आयोजित कराया.

नई दिल्ली: यूपी में चुनावी बिगुल बज चुका है. हर रोज कोई नेता दल बदल रहा है. लेकिन अधिकतर सुर्खियां स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Murya) बटोरे हुए हैं. कुछ दिनों पहले ही उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था. तबसे खूब कयास लगाए जा रहे थे कि वे सपा का दामन थामेंगे, लेकिन उन्होंने खुद इसका आधिकारिक ऐलान नहीं किया था. मौर्य ने कहा भी था कि शुक्रवार को सब स्पष्ट हो जाएगा. ऐसा हुआ भी, मकर संक्राति के दिन मौर्य पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के साथ एक मंच पर दिखाई दिए. 

सदस्यता समारोह में दिखा हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम

एक मंच पर हुंकार भरते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ शक्ति प्रदर्शन कर रहे अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दरअसल लखनऊ स्थित सपा मुख्‍यालय पर सदस्यता समारोह के दौरान उमड़ी हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है. चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम को जांच के आदेश दिए. इसके बाद लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश (Abhishek Prakash, DM, Lucknow) ने एक टीम को भेजकर वीडियोग्राफी कराई. डीएम अभिषेक का कहना था कि समाजवादी पार्टी का कार्यक्रम बिना अनुमति के किया गया. सूचना मिलने पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस टीम को सपा दफ्तर भेजा गया. इसके बाद कार्यक्रम पर FIR दर्ज की गई. लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में धारा 144 का उल्लंघन और महामारी एक्ट के तहत पुलिस ने यह FIR दर्ज की है.

रोक के बावजूद भी इकट्ठी हुई भीड़

आपको बता दें कि कोरोना की तीसरी लहर के बीच हो रहे यूपी विधान सभा चुनाव में संक्रमण की रोकथाम को लेकर चुनाव आयोग ने पहले से ही आगाह कर रखा है कि कोई फिजिकल रैली नहीं करेगा. इसके बावजूद भी सपा कार्यालय पर सदस्यता समारोह में हजारों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई. बताते चलें कि स्‍वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी समेत 6 विधायकों ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर सपा ज्‍वाइन करली है.

चुनाव आयोग ने रैलियों पर लगाई है पाबंदी

कुछ दिनों पहले ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब सहित 5 राज्यों में विधान सभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने साफ कर दिया था कि किसी भी राज्य में रैलियों और रोड शो के आयोजन की इजाजत नहीं होगी. इसके अलावा किसी नुक्कड़ सभा का आयोजन भी सार्वजनिक स्थानों पर नहीं किया जा सकेगा. साइकिल रैली और बाइक रैली और पदयात्रा जैसी चीजों पर भी रोक रहेगी. रात 8 बजे के बाद चुनाव प्रचार पर रोक रहेगी. चुनाव आयोग ने चुनावी पार्टियों से कहा था कि वो ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल रैली या डिजीटल रैली पर जोर दें. ये सभी पाबंदियां 15 जनवरी तक के लिए लागू की गई थीं.

सपा ने किया गाइडलाइन का उल्लंघन

चुनाव आयोग ने साफ किया था कि 15 जनवरी के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और फिर आगे इसपर फैसला लिया जाएगा. लेकिन अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की गाइडलाइन का उल्लंघन किया और हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम इकट्ठा कर कोरोना को खुला निमंत्रण दिया है. बता दें कि चुनाव आयोग ने तो यहां तक कहा था कि डोर टू डोर कैंपेन में भी 5 से ज्यादा लोग नहीं जा सकते हैं. लेकिन फिर भी शुक्रवार को जब सपा मुख्‍यालय पर नेताओं के हजारों समर्थकों-कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी तो इन सारी पाबंदियों और कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ती साफ नजर आईं.

UP: BJP के 209 कैंडिडेट हुए तय! SP-RLD की 73 सीटों की आज पहली लिस्‍ट होगी जारी

उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव के लिए बीजेपी ने लगभग 209 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं, जबकि सपा और आरएलडी ने भी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट तैयार कर ली है, जो आज जारी की जाएगी.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) में टिकटों का मंथन जारी है और कोर ग्रुप ने 3 चरण तक के प्रत्याशियों के नाम तय कर लिए हैं. चुनाव समिति (CEC) की बैठक में प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी. इस बीच सपा और आरएलडी ने भी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट तैयार कर ली है, जो आज जारी की जाएगी.

209 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम फाइनल

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यूपी चुनाव (UP Election 2022) के लिए लगभग 209 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं. प्रत्याशियों के नाम को आज चुनाव समिति (CEC) की बैठक में रखा जाएगा, जिसके बाद प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी.

14 जनवरी के बाद बीजेपी की पहली लिस्ट

भाजपा (BJP) 14 जनवरी के बाद उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है. चुनाव समिति (CEC) की बैठक में प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने के बाद बीजेपी चरणवार लिस्ट जारी कर सकती है.

बीजेपी चुनाव समिति की अहम बैठक आज

बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति (BJP CEC) की अहम बैठक आज दिल्ली में होगी, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी शामिल होंगे.

SP-RLD की 73 सीटों की लिस्‍ट होगी जारी

यूपी विधान सभा चुनाव (UP Election 2022) के लिए सपा और आरएलडी (SP-RLD) ने भी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट तैयार कर ली है, जो आज जारी की जाएगी. सपा और आरएलडी आज 73 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान करेंगी.

यूपी में सात चरणों में होगा विधान सभा चुनाव

बता दें कि उत्तर प्रदेश में इस बार 403 विधान सभा सीटों पर सात चरणों में चुनाव होगा और मतगणना 10 मार्च को होगी. यूपी में विधान सभा चुनाव की शुरुआत 10 फरवरी को राज्य के पश्चिमी हिस्से के 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान के साथ होगी. इसके बाद 14 फरवरी को दूसरे चरण में 55 सीटों पर, 20 फरवरी को तीसरे चरण में 59 सीटों पर, 23 फरवरी को चौथे चरण में 60 सीटों पर, 27 फरवरी को पांचवें चरण में 60 सीटों पर, तीन मार्च को छठे चरण में 57 सीटों पर और सात मार्च को सातवें तथा अंतिम चरण में 54 सीटों पर मतदान होगा.

नेशनल यूथ डे पर PM मोदी का युवाओं को गुरु मंत्र, कहा- 'जुट जाओ और जंग जीतो'

Swami Vivekananda’s Jayanti: आज महान दार्शनिक और विचारक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती है. हर साल 12 जनवरी का दिन राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देशभर के युवाओं को संदेश दिया.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कामराजर मनीमण्डपम का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से पुडुचेरी सरकार ने तैयार करवाया है. इस दौरान उन्होंने देशभर के युवाओं को संबोधित किया. 

राष्ट्रीय युवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं: PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आप सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं! भारत मां की महान संतान स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मैं नमन करता हूं. आज़ादी के अमृत महोत्सव में उनकी जन्मजयंती और अधिक प्रेरणादायी हो गई है.’

युवाओं को संदेश

प्रधानमंत्री ने कहा आज दुनिया भारत को एक आशा की दृष्टि से, एक विश्वास की दृष्टि से देखती है क्योंकि भारत का जन भी युवा है और भारत का मन भी युवा है. भारत अपने सामर्थ्य से भी युवा है, भारत अपने सपनों से भी युवा है. भारत अपने चिंतन से भी युवा है, भारत अपनी चेतना से भी युवा है. आजादी के समय जो युवा पीढ़ी थी, उसने देश के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने में एक पल नहीं लगाया.

युवाओं में तकनीकि का क्रेज

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत के युवा में अगर टेक्नालजी का क्रेज है, तो लोकतंत्र की चेतना भी है. आज भारत के युवा में अगर श्रम का सामर्थ्य है, तो भविष्य की स्पष्टता भी है. इसीलिए भारत आज जो कहता है, दुनिया उसे आने वाले कल की आवाज़ मानती है. भारत के युवाओं के पास डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ लोकतांत्रिक मूल्य भी हैं, उनका डेमोक्रेटिक डिविडेंड भी अतुलनीय है. भारत अपने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड के साथ साथ डवलपमेंट ड्राइवर भी मानता है.’

पुदुचेरी से मिला अध्यात्म का मंत्र

पीएम मोदी ने कहा पूरा देश इसी साल श्री अरबिंदो की 150वीं जन्म जयंती मना रहा है. वहीं इसी साल महाकवि सुब्रमण्यम भारती जी की 100वीं पुण्य तिथि है. इन दोनों मनीषियों का पुदुचेरी से खास रिश्ता रहा है. ये दोनों एक दूसरे की साहित्यिक और आध्यात्मिक यात्रा के साझीदार रहे हैं.

डिजिटल पेमेंट के मामले में सबसे आगे हिंदुस्तानी: PM

युवाओं के नाम अपने खास संबोधन में पीएम ने कहा कि ये भारत के युवाओं की ही ताकत है कि आज भारत डिजिटल पेमेंट के मामले में दुनिया में इतना आगे निकल गया है. युवाओं में वो क्षमता होती है, वो सामर्थ्य होता है कि वो पुरानी रूढ़ियों का बोझ लेकर नहीं चलता, वो उन्हें झटकना जानता है. अब यही युवा, खुद को, समाज को, नई चुनौतियों, नई डिमांड के हिसाब से तैयार कर सकता है, नए सृजन कर रहा है.

Global Prosperity के Code लिख रहे भारतीय 

बकौल प्रधानमंत्री आज भारत के युवा वैश्विक समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी और जरिया बनते हुए ग्लोबल प्रॉसपैरिटी के कोड ( Global Prosperity Code) लिख रहे हैं. पूरी दुनिया के यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में भारतीय युवाओं का जलवा है. 

देश के पास विराट स्टार्ट अप्स का मजबूत इकोसिस्टम: PM

PM मोदी ने यह भी कहा, ‘भारत के पास आज 50 हज़ार से अधिक स्टार्ट अप्स का मजबूत इकोसिस्टम . नए भारत का यही मंत्र है- Compete and Conquer यानि जुट जाओ और जीतो. जुट जाओ और जंग जीत लो.’

हमारा मानना बेटा-बेटी एक समान: PM

पीएम मोदी ने कहा कि नई सोच के तहत हमारी सरकार ने बेटियों की बेहतरी के लिए शादी की उम्र को 21 साल करने का निर्णय लिया है. बेटियां भी अपना करियर बना पाएं, उन्हें ज्यादा समय मिले, इस दिशा में ये एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है. 

PM ने बुलाई सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक, कोरोना के हालात की करेंगे समीक्षा

PM Modi Meeting With States CM: भारत में इस वक्त कोरोना वायरस के 8 लाख से ज्यादा एक्टिव मामले मौजूद हैं. इसी को देखते हुए पीएम मोदी ने बैठक बुलाई है.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आज (मंगलवार को) सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है. पीएम मोदी (PM Modi) सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज शाम 4 बजे वर्चुअल माध्यम से बैठक करेंगे. बीते शनिवार को भी पीएम मोदी ने कोरोना (Corona) को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी.

देशभर में पिछले 24 घंटे में मिले इतने मामले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना वायरस के नए 1 लाख 68 हजार 63 मामले सामने आए हैं. इस दौरान 277 कोरोना मरीजों की मौत हो गई. हालांकि 69 हजार 959 संक्रमित बीते 24 घंटे में रिकवर भी हुए.

8 लाख ज्यादा एक्टिव मामले देश में मौजूद

भारत में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों की संख्या 8 लाख के पार पहुंच गई है. देश में इस वक्त कोविड-19 के 8 लाख 21 हजार 446 एक्टिव केस मौजूद हैं.

वहीं कोरोना वायरस का पॉजिटिविटी रेट घटकर 10.64 फीसदी हो गया है. पिछले दिन के मुकाबले भारत में संक्रमण दर करीब 3 फीसदी तक घट गई है. सोमवार को देश में कोविड-19 की संक्रमण दर 13.29 फीसदी थी.

जान लें कि महाराष्ट्र पूरे देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है. महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 33 हजार 470 नए मामले सामने आए. वहीं पश्चिम बंगाल में कोरोना के 19 हजार 286 केस पिछले 1 दिन में रजिस्टर हुए. इसके अलावा दिल्ली में 19 हजार 166, तमिलनाडु में 13 हजार 990 और कर्नाटक में 11 हजार 698 नए कोविड मामले सामने आए.

बच्‍चों के वैक्‍सीनेशन पर पीएम मोदी ने कही बड़ी बात, जानें ओमिक्रॉन पर क्‍या बोले

कोलकाता में कैंसर इंस्‍टीट्यूट के उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने हाल ही में शुरू हुए बच्‍चों के रिकॉर्ड वैक्सीनेशन के आंकड़े बताए. साथ ही इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया. 

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कोलकाता के चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के दूसरे कैंपस का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कोरोना महामारी और हाल ही में शुरू हुए बच्‍चों के वैक्‍सीनेशन पर भी बात की. मोदी ने कहा कि केवल 5 दिनों के अंदर में बच्‍चों का रिकॉर्ड वैक्‍सीनेशन हुआ है. 5 दिन में डेढ़ करोड़ से ज्‍यादा बच्‍चों को वैक्‍सीन लगाए गए हैं. उन्‍होंने कहा कि इसके साथ देश ने डेढ़ सौ करोड़ वैक्‍सीन डोज देने का एक बड़ा बेंचमार्क भी सेट कर दिया है. 

ढाई करोड़ मरीजों का मुफ्त इलाज 

पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना आज अर्फोडेबल और इन्‍क्‍लूसिव हेल्‍थकेयर के मामले में एक ग्लोबल बेंचमार्क बन रही है. PM-JAY के तहत देशभर में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा मरीज, अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं. इतना ही नहीं बीते सालों में कैंसर के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की कीमत में काफी कमी की गई है. सरकार ने अब तक पश्चिम बंगाल को भी कोरोना वैक्सीन के करीब-करीब 11 करोड़ डोज मुफ्त मुहैया करा दिए हैं. बंगाल को डेढ़ हजार से अधिक वेंटिलेटर, 9 हजार से ज्यादा नए ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिए गए हैं. 49 PSA नए ऑक्सीजन प्लांट्स ने भी काम करना शुरू कर दिया है. 

देश की 90 फीसदी आबादी वैक्‍सीनेटेड 

देश के रिकॉर्ड कोविड वैक्‍सीनेशन अभियान को बड़ी उपलब्धि करार दिया. उन्‍होंने कहा कि आज भारत की 90 फीसदी वयस्क आबादी को कम से कम एक डोज लग चुका है. देश में अब तक डेढ़ सौ करोड़ वैक्‍सीन डोज दिए जा चुके हैं. 5 दिन में डेढ़ करोड़ से ज्‍यादा वैक्‍सीन डोज दिए जा चुके हैं. यह उपलब्धि पूरे देश की और हर सरकार की है. वहीं ओमिक्रॉन को लेकर उन्‍होंने जनता को आगाह भी किया. पीएम ने कहा कि ओमिक्रॉन के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है. हमें इससे पूरी ताकत से निपटना होगा.

7 सालों में बढ़ी 60 हजार सीटें 

चिकित्‍सा शिक्षा पर भी पीएम ने बात की और कहा कि साल 2014 तक देश में अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की संख्या 90,000 के आसपास थी. पिछले 7 सालों में इनमें 60,000 नई सीटें जोड़ी गई हैं. साल 2014 में हमारे यहां सिर्फ 6 एम्स थे, जबकि अब देश 22 एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है. 

बता दें कि पीएम मोदी ने जिस चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के दूसरे कैंपस का उद्घाटन किया है, उसमें 460 बेड है. इसमें कैंसर के डायग्‍नोसिस से लेकर कैंसर के इलाज के लिए एडवांस्‍ड ट्रीटमेंट उपलब्‍ध है. 

PM की सुरक्षा में चूक पर कांग्रेस में हलचल, सोनिया गांधी ने CM चन्नी को दिया ये आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद पंजाब के सीएम से बातचीत है. उन्होंने कहा कि पीएम की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक के मसले पर सभी ओर से बयानबाजी जारी है. बुधवार को पंजाब के सीएम ने खुद इस मामले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी थी. लेकिन इसके बाबजूद भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है. इसी को देखते हुए पंजाब की कांग्रेस सरकार पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में अब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी से बातचीत की है.

सोनिया ने दिए चन्नी को ये आदेश

आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष ने चन्नी से पूरे मामले की जानकारी ली और कहा कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा के मामले पर कोई कोताही नहीं होनी चाहिए.

चन्नी ने बनाई जांच कमेटी

चन्नी ने सोनिया गांधी को आश्वासन दिया कि उन्होंने इस मामले की जांच के लिए कमेटी बना दी है.

क्या है पूरा मामला?

बीते बुधवार यानी 5 दिसंबर को पंजाब के फिरोजपुर जिले (Firozpur Rally) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) एक जनसभा को संबोधित करने वाले थे. लेकिन खराब मौसम के चलते उन्हें वहां तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान पंजाब के हुसैनीवाला में एक फ्लाईओवर पर पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक देखी गई. सुरक्षा में चूक के चलते पीएम को अपना दौरा रद्द कर वापस लौटना पड़ा.

पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक

पीएम का दौरे का हर एक मिनट एक महत्वपूर्ण होता है. ऐसे में पंजाब सरकार की नियत पर सवाल तब उठने लगे जब बठिंडा एयरपोर्ट पर पीएम को यह कहना पड़ा कि अपने सीएम को थैंक्स कहना कि मैं जिंदा लौट आया. बता दें कि फ्लाईओवर पर कुछ स्थानीय लोगों और किसानों ने रास्ता रोक रखा था. यह पीएम की सुरक्षा में बड़ी चूक है क्योंकि पीएम की SPG सुरक्षा के चलते उनका रूट किसी को नहीं मालूम होता. ऐसे में उनके रास्ते में प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा पंजाब पुलिस और सरकार की विफलता है.

भारत की पवित्र भूमि पर हमारा तिरंगा ही फहराता अच्छा लगता है: राहुल गांधी

गलवान घाटी को लेकर राहुल गांधी के सुर बदल गए हैं. कांग्रेस नेता ना ट्वीट कर कहा कि भारत की धरती पर भारत का ही तिरंगा फहराता अच्छा लगता है. बता दें कि इससे पहले राहुल ने गलवान घाटी को लेकर सरकार पर हमला बोला था. 

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में तिरंगे के साथ भारतीय सेना के जवानों की तस्वीरें जारी होने की पृष्ठभूमि में बुधवार को कहा कि भारत की पवित्र भूमि पर तिरंगा ही फहराता अच्छा लगता है. उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारतीय जवानों की तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘भारत की पवित्र भूमि पर हमारा तिरंगा ही फहराता अच्छा लगता है. जयहिंद’.

सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने मंगलवार को नए साल के जश्न के तहत पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एक बड़ा तिरंगा पकड़े भारतीय सेना के जवानों की तस्वीरें जारी कीं. इसे चीन के सरकारी मीडिया द्वारा जारी उस वीडियो के जवाब में ‘जैसे को तैसा’ वाली प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें तीन दिन पहले गलवान घाटी क्षेत्र के पास एक स्थान से चीनी लोगों को नए साल की बधाई भेजने वाले पीएलए सैनिकों का एक कथित वीडियो साझा किया गया था.

इससे पहले कांग्रेस ने चीन द्वारा कथित रूप से गलवान घाटी में अपना झंडा फहराए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर डाले जाने को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए मंगलवार को कहा था कि इस मामले पर ‘चुप्पी साधकर’ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश की सेना का मनोबल तोड़ रही है.

चीन के सरकारी मीडिया की ओर से एक जनवरी को साझा किए गए एक वीडियो में कथित तौर पर चीनी सैनिकों को गलवान घाटी से चीन के लोगों को नए साल का बधाई संदेश भेजते दिखाया गया था जो कि ‘एक इंच भी जमीन नहीं देंगे’ का संकल्प लेते सुने जा सकते हैं.

UP में बढ़ सकती है सख्‍ती, लग सकता है वीकेंड कर्फ्यू; आज शाम CM की अहम बैठक

उत्तर प्रदेश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए सख्ती बढ़ सकती है. आज सीएम की बैठक होनी है. माना जा रहा है कि बैठक में मुख्यमंत्री कोरोना की मौजूदा स्थिति को देखते हुए वीकेंड कर्फ्यू का ऐलान कर सकते हैं. 

लखनऊ: दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी वीकेंड कर्फ्यू लग (UP Weekend curfew) सकता है. आज शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वास्थ्य सलाहकार समिति के साथ कोरोना की समीक्षा करेंगे. उत्तर प्रदेश में बढ़ते मामलों के चलते आज शाम 6.30 यह बैठक होगी. बता दें कि आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं. बढ़ रहे मामलों पर काबू पाने की कोशिशों के बीच डीडीएमए (DDMA) की बैठक के बाद दिल्ली में वीकेंड कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है. बता दें कि ओमिक्रॉन के माइल्ड होने के दावों के बावजूद जिस तेजी से कोरोना दिल्ली में पैर पसार रहा है, उसका आंकड़ा धीरे धीरे चिंताजनक होता जा रहा है. 

मुंबई में लॉकडाउन के संकेत

गौरतलब है कि भारत में इस वक्त कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. हालांकि, बार-बार यही दावा किया जा रहा है कि यह वायरस डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कम खतरनाक है इससे घबराने की ज्यादा जरुरत नहीं है. उधर, महाराष्ट्र में भी संख्ती बरती जा रही है. राजधानी मुंबई के मेयर ने भी आज संकेत दिए हैं कि अगर राज्य में रोज 20,000 के करीब मामले दर्ज होते रहे तो उन्हें मुंबई में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है.

अधिकतर राज्यों में बढ़ रही सख्ती

बता दें कि झारखंड में आज से Mini Lockdown लागू होगा. दरअसल, कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए यहां पर सभी स्कूल-दुकान से लेकर धार्मिक स्थलों पर पांबदी लगाई है. बताते हैं कि देश के कई राज्यों में बढ़ते ओमिक्रॉन के मामलो के बाद सख्त से सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं और कोरोना नियमों का उल्लघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं. कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू भी लागू है. उधर, हरियाणा के बाद अब पंजाब सरकार ने भी राज्य में नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है. नाइट कर्फ्यू रात 10 से सुबह 5 बजे तक रहेगा. इसके साथ ही राज्य में सभी शिक्षण संस्थानों को 15 जनवरी तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. 

प्रियंका गांधी ने खुद को किया आइसोलेट, फैमिली मेंबर और स्टॉफ की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि उनकी कोविड​-19 रिपोर्ट नेगेटिव आई है. उन्होंने डॉक्टर की सलाह के बाद खुद को होम आइसोलेट किया है.

नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने खुद को आइसोलेट कर लिया है. रविवार को परिवार के एक सदस्य और उनके एक स्टाफ सदस्य की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रियंका गांधी होम आइसोलेश में चली गई हैं.

प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट

प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि उनकी कोविड​-19 रिपोर्ट नेगेटिव आई है. उन्होंने डॉक्टर की सलाह के बाद खुद को होम आइसोलेट किया है.

डॉक्टर की सलाह पर हुईं आइसोलेट

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘मेरे परिवार के एक सदस्य और मेरे एक कर्मचारी ने कल COVID-19 का टेस्ट कराया था. दोनों की कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटव आई थी. मेरे कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आज नेगेटिव आई है, हालांकि डॉक्टर ने सलाह दी है कि मैं आइसोलेट रहूं और कुछ दिनों के बाद फिर से कोविड टेस्ट करा लूं.’

देश में बीते 24 घंटे में 33,750 कोरोना के मामले

बता दें कि बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना संक्रमण के 33,750 नए मामले सामने आए हैं. इस दौरान 123 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है.

केजरीवाल का BJP पर निशाना, कहा- CM योगी ने 5 साल में बनवाए सिर्फ श्मशान, मैं स्कूल खोलूंगा

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने न केवल श्मशान घाट बनवाए बल्कि कोरोना महामारी के दौरान अपने खराब प्रबंधन से बहुत बड़ी संख्या में लोगों को श्मशान घाट पहुंचाने का इंतजाम भी किया.

लखनऊ: दिल्ली के मुख्यमंत्री (CM) और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने रविवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा कि पांच साल में योगी सरकार (Yogi Government) ने न केवल श्मशान घाट बनवाए और बड़ी संख्या में लोगों को वहां पहुंचाने का इंतजाम भी किया.

महारैली के दौरान केजरीवाल ने योगी सरकार को घेरा

केजरीवाल ने लखनऊ में आयोजित महारैली में अपने संबोधन के दौरान उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार (BJP Government) पर जमकर हमले किए, वहीं प्रदेश की जनता से राज्य के सार्थक विकास के लिए आगामी विधान सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) को एक बार मौका देने की अपील भी की.

महामारी के दौरान खराब प्रबंधन पर कसा तंज

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) की तरफ इशारा करते हुए कहा ‘साल 2017 में देश में भाजपा के सबसे बड़े नेता ने आकर कहा था कि उत्तर प्रदेश में कब्रिस्तान (Cemetery) बनते हैं, तो श्मशान घाट (Graveyard) भी बनने चाहिए. दुख की बात ये है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले पांच साल में केवल श्मशान घाट बनवाए. सरकार ने न केवल श्मशान घाट बनवाए बल्कि कोरोना महामारी के दौरान अपने खराब प्रबंधन से बहुत बड़ी संख्या में लोगों को श्मशान घाट पहुंचाने का इंतजाम भी किया.’ 

‘योगी सरकार के प्रबंधन की आलोचना की’

उन्होंने योगी सरकार (Yogi Government) पर आरोप लगाया ‘जिस तरह से कोविड-19 (Covid-19) महामारी के दौरान योगी सरकार ने कोविड-19 का प्रबंधन किया, उससे पूरी दुनिया में उसकी थू-थू हुई. पूरी दुनिया में अगर कोई एक राज्य है जहां सबसे बुरा कोरोना का प्रबंधन हुआ तो वो उत्तर प्रदेश ही है. इतना बुरा प्रबंधन (Management) था कि उसे ढकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये फूंककर अमेरिका की मैगजीन में 10-10 पेज विज्ञापन देने पड़े.’ 

केजरीवाल बोले मैं उत्तर प्रदेश में स्कूल और अस्पताल बनाऊंगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा ‘मुझे स्कूल और अस्पताल बनवाने आते हैं. दिल्ली में बनवाकर आया हूं. उत्तर प्रदेश में भी बनवा दूंगा. विपक्षी पार्टियों (Opposition Parties) को यह सब नहीं बनवाना आता है. यह केवल कब्रिस्तान और श्मशान घाट ही बनवा सकते हैं. मगर अब देश को स्कूल और अस्पताल चाहिए.’ केजरीवाल ने कहा कि योगी सरकार के विज्ञापन (Advertising) प्रेम का हाल यह है कि दिल्ली में दिल्ली सरकार के 106 होर्डिंग ही लगे हैं जबकि योगी सरकार के 850 होर्डिंग हैं. कई बार पता नहीं चलता कि यह उत्तर प्रदेश का चुनाव लड़ रहे हैं या दिल्ली का चुनाव.

दिल्ली के सरकारी स्कूल देश में एक मिसाल

आप (AAP) संयोजक ने कहा कि उन्होंने देश के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा दिलाने के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर (Babasaheb Bhimrao Ambedkar) के सपने को पूरा करने की कसम ली है और यही वजह है कि आज दिल्ली के सरकारी स्कूल भी देश में एक मिसाल बन चुके हैं. उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा ’75 साल में इन पार्टियों ने जानबूझकर देश को गरीब और अशिक्षित रखा ताकि हम इनकी रैलियों में जाते रहें. जानबूझकर सरकारी स्कूलों को खराब रखा गया. पांच साल में अगर हमने दिल्ली में सरकारी स्कूल ठीक कर दिए तो क्या उत्तर प्रदेश में ठीक नहीं हो सकते थे.’ 

अपनी पार्टी के बांधे तारीफों के पुल

केजरीवाल ने 300 यूनिट मुफ्त बिजली, 10 लाख नौजवानों को रोजगार दिलाने, और 18 साल तथा उससे अधिक उम्र की महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रुपये देने के वादे भी दोहराते हुए जनता से आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक बार मौका देने की अपील की. उन्होंने कहा ‘आपने सारी पार्टियों को आजमा लिया. सपा (SP), बसपा (BSP), भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) को खूब मौके दे दिए. पांच साल हमें भी मौका दे दीजिए. उसके बाद पसंद ना आए तो वोट मत दीजियेगा.’

यूपी में विधान सभा चुनाव लड़ेंगे CM योगी, सीट को लेकर कही ये बात

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा है कि पार्टी जहां से कहेगी, वे वहां से चुनाव लड़ेंगे. एक अनौपचारिक बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि उनके चुनाव लड़ने के बारे में फैसला पार्टी करेगी. 

लखनऊ: यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा है कि पार्टी जहां से कहेगी, वे वहां से चुनाव लड़ेंगे. एक अनौपचारिक बातचीत में सीएम योगी ने कहा कि उनके चुनाव लड़ने के बारे में पार्टी फैसला करेगी. वह जहां से कहेगी, वे वहां से इलेक्शन लड़ेंगे. 

फिलहाल MLC हैं सीएम योगी

बताते चलें कि सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) फिलहाल विधान परिषद सदस्य हैं. सीएम बनने से पहले वे गोरखपुर के सांसद थे. उनका गृह जनपद और कार्यक्षेत्र मूल रूप से गोरखपुर रहा है. माना जा रहा है कि वे गोरखपुर या अयोध्या में से किसी एक सीट पर यूपी असेंबली का इलेक्शन लड़ सकते हैं. 

रामपुर में एसपी पर साधा निशाना

लगातार दूसरी बार बीजेपी को प्रदेश की सत्ता में लाने में जुटे सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को रामपुर में जनसभा की. इस रैली में सीएम योगी ने केंद्र और राज्‍य सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए समाजवादी पार्टी की तत्कालीन सरकारों पर जमकर हमला बोला. सीएम योगी ने ‘रामपुरी चाकू‘ का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने हर जिले को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की. ‘रामपुर में बहुत खोजने के बाद भी कुछ नहीं मिला तो ‘रामपूरी चाकू‘ को ODOP बनाया गया.’

‘SP सरकार में व्यापारी से लूट’

समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने कहा, ‘यही रामपुरी चाकू जब उनके हाथ (सपा पर इशारा) में होता है तो गरीब की संपत्ति पर कब्जा होता है, व्यापारी से लूट होती है. वहीं अच्छे लोगों के पास जब यही शस्त्र हो तो वह इससे धर्म-समाज-संस्कृति की रक्षा करते हैं. हम गुरु परंपरा को मानने वाले लोग हैं, यही रामपुरी चाकू आज जनपद का ODOP है.’

‘बबुआ को कब्रिस्तान से फुर्सत नहीं थी’

अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा, ‘रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले लोग आज कहते हैं कि अगर हम भी सत्ता में होते तो हम भी राम मंदिर बना देते. वैसे भी बबुआ को कब्रिस्तान बनाने से फुरसत होती तब न बनाते राम मंदिर. आखिर ये आपकी ताकत है. आपके वोट बैंक की ताकत इनको नाक रगड़ने के लिए मजबूर कर रही है.’

चुनावों के बाद होगी कृषि कानूनों की वापसी? कांग्रेस के आरोपों पर कृषि मंत्री की सफाई

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के शनिवार को दिए गए एक बयान को कांग्रेस ने साजिश करार दिया था. कांग्रेस ने बीजेपी पर निरस्त कृषि कानूनों को फिर से वापस लाने का आरोप लगाया था. 

नई दिल्ली: निरस्त कृषि कानूनों को लेकर एक बार फिर से बीजेपी बनाम कांग्रेस की जंग छिड़ चुकी है. एक ओर जहां कृषि मंत्री के शनिवार को दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधान सभा चुनाव में हार के डर से फिलहाल कृषि कानून वापस ले लिए हैं लेकिन चुनाव के बाद बीजेपी की तरफ से फिर से इन कानूनों को किसानों पर थोपने की साजिश की जा रही है. वहीं दूसरी ओर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस की ओर से पैदा किए जा रहे भ्रम से सावधान रहने को कहा है.

कृषि कानूनों की वापसी का कोई प्लान नहीं 

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को साफ किया कि सरकार की हाल में निरस्त किए गए कृषि कानूनों को वापस लाने की कोई योजना नहीं है और उन्होंने किसानों से इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से पैदा किए जा रहे भ्रम से सावधान रहने का आग्रह किया. तोमर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने का फैसला किया था.

बयान को लेकर मंत्री ने दी सफाई

कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के नागपुर में एक कृषि कार्यक्रम में दिए संबोधन के दौरान इस मुद्दे पर उनकी टिप्पणियों को गलत समझा गया और उनकी मंशा वह नहीं थी जो दिखाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम में मैंने कहा था कि हमने कृषि कानूनों पर एक कदम पीछे लिया है लेकिन सरकार किसानों की भलाई की दिशा में काम करने के लिए हमेशा आगे बढ़ती रहेगी. अत: इस मुद्दे पर कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए और सरकार का कृषि कानूनों को फिर से लाने का कोई इरादा नहीं है.’

कांग्रेस पर बरस पड़े कृषि मंत्री

नरेंद्र तोमर ने अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए भ्रम फैलाने के नकारात्मक काम में शामिल होने के लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि किसानों को इससे सावधान रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 2006 में आई स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं की थी. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 19 नवंबर को राष्ट्र को दिए संबोधन में राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर किसानों के एक साल लंबे चले आंदोलन को खत्म करने की कवायद में तीन विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा की थी.

कांग्रेस ने पीएम मोदी से मांगी सफाई

कांग्रेस ने कृषि कानूनों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के शनिवार को दिए गए एक बयान को साजिश का संकेत करार दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर अपना रुख साफ करने की मांग की है. कांग्रेस की उत्तर प्रदेश यूनिट के मीडिया संयोजक ललन कुमार ने रविवार को एक बयान में कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को नागपुर में एक कार्यक्रम में यह कहकर जाहिर कर दिया है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधान सभा चुनाव में हार के डर से फिलहाल कृषि कानून वापस ले लिए गए हैं लेकिन चुनाव के बाद फिर इन कानूनों को किसानों पर थोपने की साजिश की जा रही है.

‘किसान विरोधी कानून फिर थोपेगी सरकार’

ललन कुमार ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन कानूनों पर देश के किसानों से माफी मांगी और संसद में बिना चर्चा कराए इन कानूनों की वापसी का प्रस्ताव पारित कराया, उन्हीं कानूनों को कृषि मंत्री वापस लाए जाने का संकेत दे रहे हैं. प्रधानमंत्री अपने कृषि मंत्री के बयान पर अपना रुख साफ करें. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो यह माना जाएगा कि सरकार चुनाव के बाद फिर से किसान विरोधी कृषि कानून थोप देगी.’ 

कृषि मंत्री ने नागपुर में क्या कहा था ?

गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शनिवार को नागपुर में कृषि उद्योग प्रदर्शनी(Agriculture Industry Exhibition) के उद्घाटन के मौके पर अपने संबोधन में कहा था ‘हम कृषि कानून लेकर आए थे लेकिन कुछ लोगों को रास नहीं आया. वह 70 सालों की आजादी के बाद एक बड़ा सुधार था, लेकिन सरकार निराश नहीं है. हम एक कदम पीछे हटे हैं, आगे फिर बढ़ेंगे क्योंकि हिंदुस्तान के किसान इस मुल्क की रीढ़ की हड्डी हैं. जब रीढ़ मजबूत होगी तो देश मजबूत होगा.’

CM योगी का अखिलेश पर निशाना, बोले- वैक्सीन का विरोध करने वाले हैं ‘टायर्ड’ और ‘रिटायर्ड’

सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना सााधते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन का विरोध करने वाले ‘टायर्ड’ और ‘रिटायर्ड’ हैं. अखिलेश का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि ’12 बजे सोकर उठने वाले युवा नहीं हैं.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना सााधते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) का विरोध करने वाले ‘टायर्ड’ और ‘रिटायर्ड’ हैं. जनता को ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करना चाहिए.

मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण अभियान की हुई शुरुआत

सीएम योगी शनिवार को लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय इकाना क्रिकेट स्टेडियम में पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आयोजित ‘सुशासन दिवस’ कार्यक्रम में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने राज्य के 1 करोड़ छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण अभियान की शुरुआत भी की. कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे.

सपा प्रमुख पर साधा निशाना

सीएम योगी ने अखिलेश का नाम लिए बिना कहा कि ’12 बजे सोकर उठने वाले युवा नहीं हैं, कोरोना वैक्सीन का विरोध करने वाले और गुमराह करने वाले युवा नहीं हैं, ये सब ‘टायर्ड’ और ‘रिटायर्ड’ हैं, इन पर भरोसा मत करना.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘2017 के पहले समाजवादी पार्टी की सरकार के समय हर भर्ती में भाई-भतीजावाद होता था, कोई नौकरी निकलती तो एक खानदान के लोग, एक वंश के लोग चाचा, भतीजा, मामा सभी लोग वसूली में निकल पड़ते थे. कहीं शकुनि मामा, कहीं कोई दुशासन, कोई दुर्योधन वसूली में निकल पड़ता था.’

समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सरकारों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में दस साल में 2 लाख भर्ती नहीं हो पाईं लेकिन पिछले पौने पांच साल में साढ़े चार लाख नौकरी दी गई हैं.

सरकार की गिनाईं उपलब्धियां

योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कहा कि ‘जो माफिया गरीबों की संपत्ति हड़पते थे, उन माफियाओं की अवैध कमाई पर प्रदेश सरकार का बुलडोजर चलता दिखाई दिया तो उनके संरक्षणदाताओं के होश उड़ गए.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नीयत साफ होती है तो काम भी दमदार दिखता है.

‘सोच ईमानदार-काम दमदार’ का लगवाया नारा 

योगी ने कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं से ‘सोच ईमानदार-काम दमदार’ का नारा लगवाया. युवाओं का आह्वान करते हुए योगी ने कहा, ‘ सोच कभी छोटी नहीं होनी चाहिए, सोच बड़ी होगी तो विराट सोच आपके व्यक्तित्व को नई विराटता प्रदान करेगी.’

युवाओं से किया आह्वान

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से कहा,’ कभी भी जीवन में हताशा और निराशा को अपने सामने मत भटकने देना, इस जज्बे के साथ जब युवा साथी कार्य करेगा तो वो सब कुछ कर देगा जो अपने समय में इस देश के तमाम युवाओं ने करके दिखाया है.’ उन्होंने भगवान राम, भगवान कृष्‍ण, गौतम बुद्ध, आदि शंकराचार्य, गुरु गोविंद सिंह, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और रानी लक्ष्मीबाई का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया को इन लोगों ने संदेश दिया तब उस समय ये लोग युवा ही थे.

60 हजार स्टूडेंट्स को बांटे टैबलेट और स्मार्टफोन 

इकाना स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में 60 हजार छात्र-छात्राओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए गए. इनमें से पांच छात्र-छात्राओं को मंच पर अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अवसर मिला. बीएससी नर्सिंग फाइनल ईयर की छात्रा आकांक्षा मिश्रा, एमए पॉलटिकल के दृष्टिबाधित दिव्यांग छात्र सागर उपमन्‍यु, बीटेक छात्रा मेहुल गुप्ता, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रबल अवस्‍थी और बीए फाइनल ईयर की छात्रा जेबा कौसर ने अभावग्रस्त छात्रों को संसाधन मुहैया कराने के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के प्रति मंच से आभार जताया.

'किसी भी धर्म की बेअदबी बर्दाश्‍त नहीं', केजरीवाल ने पंजाब के लिए किए 5 बड़े ऐलान

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि पंजाब को गारंटी देकर जाउंगा कि आम आदमी की सरकार आएगी तो पंजाब में शांति व्यवस्था कायम करेंगे. हम हर एक व्यक्ति को सुरक्षा देंगे और पंजाब के अंदर भाई-चारे को बढ़ाया जाएगा. इसके लिए हम पांच कदम उठाएंगे.

चंडीगढ़: पंजाब में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव (Punjab Assembly Election 2022) को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को पंजाब के गुरदासपुर (Arvind Kejriwal Gurdaspur Visit) पहुंचे और कहा कि हम पंजाब में शांति व सुरक्षा का माहौल देंगे. इसके लिए उन्होंने पांच बड़े ऐलान किए, जिसके जरिए पंजाब में शांति स्थापित किए जाएंगे.

कुछ लोग कर रहे पंजाब का माहौल खराब: केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘कल लुधियाना में बम ब्लास्ट हुआ उसे सुनकर बहुत दुख हुआ. पिछले हफ्ते दरबार साहब जी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की कोशिश की गई. कुछ लोग तो हैं, जो पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. यह सारी वारदात चुनाव के समय पर क्यों होती है. पिछली बार भी चुनाव के पहले बम ब्लास्ट हुआ था और बेअदबी के वारदात हुई थी. जिसने भी यह किया था वह खुद नहीं किया. वह कहीं और कोई बैठा है.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम ऐसी सरकार देंगे, जो आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करेंगे. आज मैं इस देश की धरती से पंजाब को गारंटी देकर जाउंगा कि आम आदमी की सरकार आएगी तो पंजाब में शांति व्यवस्था कायम करेंगे. हम हर एक व्यक्ति को सुरक्षा देंगे और पंजाब के अंदर भाई-चारे को बढ़ाया जाएगा. इसके लिए हम पांच कदम उठाएंगे.

1. पुलिस के ऊपर नहीं होगी पॉलिटिकल दखलअंदाजी

आम के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘पहला कदम पुलिस के अंदर जितनी भी भर्तियां होती है सभी पैसे ले देकर होती है, उस पर रोक लगाएंगे. पुलिस के ऊपर किसी पॉलिटिकल अधिकारी की दखलअंदाजी नहीं होगी और पुलिस के कामकाज में दखलअंदाजी बंद किया जाएगा. पंजाब पुलिस के अंदर बहुत अच्छे अधिकारी हैं, उनको काम नहीं करने दिया जाता है और केवल बेईमानों को अच्छी पोस्ट मिलती है.’

2. बेअदबी करने वालों को देंगे कड़ी सजा

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा देने की बात की और कहा कि किसी भी धर्म की बेअदबी बर्दाश्‍त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा, ‘जितने भी पुराने बेअदबी और बम ब्लास्ट कांड हुए हैं. एक-एक कांड की जांच करवा कर उनके ऊपर जो बैठे हुए हैं, उनको हम जेल में चक्की पिसवाएंगे.’

3. एक ग्राम भी नशा पाकिस्तान से नहीं आएगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से पंजाब में आने वाली नशीली पदार्थों पर भी रोक लगाने की बात की. उन्होंने कहा, ‘हम बॉर्डर पर एक-एक इंच सुरक्षा देंगे ताकि वहां से कोई आतंकवादी नहीं आ सके और साथ ही नशे का एक ग्राम भी पाकिस्तान से इधर नहीं आने देंगे.’

4. बीएसएफ को देंगे आधुनिक तकनीक

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा,’हाल के समय में सीमा पार से लगातार ड्रोन के द्वारा घुसपैठ की घटनाएं सामने आई हैं. इसको रोकने के लिए हम सीमा पर तैनात बीएसएफ को सबसे आधुनिक तकनीक देंगे, जिससे जवान सीमा पार से आ रहे ड्रोन को मार गिराएं.’

5. गुरुद्वारे के लिए अलग से होगी पुलिस

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने गुरुद्वारे की सुरक्षा के लिए अलग पुलिस फोर्स बनाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा, ‘जितने भी गुरुद्वारे और चर्च हैं, हमारी सरकार आने के बाद हम इसके लिए अलग से पुलिस फोर्स होंगे, जो इनकी सुरक्षा करेंगे.’

अमित शाह ने शिवसेना को बताया विश्वासघाती, बोले- दम है तो इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें..

गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को महाराष्ट्र का दौरा किया. वे पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने शिवसेना पर जमकर निशाना साधा.

पुणेः केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र के दौरे पर हैं. महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने शिवसेना पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में तीन पहिये की सरकार है.. ये मैने पहले कहा था, मगर अब मैं उसको बदल रहा हूं. महाराष्ट्र की सरकार तीन पहियों की आटो रिक्शा है, जो पंचर है.. चलती ही नहीं है.

शाह ने शिवसेना को दी चुनौती 

अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र में निकम्मी सरकार है. शिवसेना कहती है, सत्ता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है. उन्होंने महाराष्ट्र में तीन दलों की गठबंधन की सरकार के साथ-साथ विशेष तौर पर शिवसेना को चुनौती देता हुआ कहा, ‘इस्तीफा देकर फिर से चुनाव लड़ो’. भाजपा आपका अकेले मुकाबला करेगी.   

‘महाराष्ट्र में चल रहा वसूली का शासन’

उन्होंने कहा कि देशभर मे 15 रूपये पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ. मगर महाराष्ट्र की सरकार ने तेल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की. महाराष्ट्र में राजनीति का अपराधीकरण और वसूली का शासन चल रहा है.

शाह ने एनडीआरएफ कर्मियों के साथ खाया खाना

महाराष्ट्र के पुणे जिले के तालेगांव में केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का दौरा किया, जहां उन्होंने केन्द्र के एक नए परिसर का उद्घाटन किया. उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक इकाई का भी दौरा किया जहां उन्होंने एनडीआरएफ कर्मियों के साथ बातचीत की और बल के जवानों के साथ दोपहर का भोजन किया. तालेगांव में एनडीआरएफ परिसर में एक संयुक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने बाढ़, चक्रवात या इमारत ढहने जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बल के काम की सराहना की.

आंतरिक सुरक्षा के लिए कई चुनौतियां

फोरेंसिक विज्ञान के महत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘आंतरिक सुरक्षा के लिए कई चुनौतियां हैं जैसे कि नशीले पदार्थ, हथियारों की तस्करी, जाली नोट, घुसपैठ, लेकिन एफएसएल की मदद से हम बहुत कुछ कर पाएंगे.’ गुजरात में एक अत्याधुनिक फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला का उदाहरण देते हुए शाह ने कहा कि जब (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी राज्य के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने एफएसएल की स्थापना का सख्ती से पालन किया था और परिणामस्वरूप, यह अब दुनियाभर में एक मान्यता प्राप्त संस्थान बन गया है.

शाह ने किया गुजरात का जिक्र

उन्होंने कहा, ‘जब गुजरात में एफएसएल बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा था, विशेषज्ञ फोरेंसिक विज्ञान जनशक्ति की कमी महसूस की गई थी. चूंकि देश में फोरेंसिक विज्ञान के लिए कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं था, मोदी जी ने राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना के विचार की परिकल्पना की थी, और अब विश्वविद्यालय गुजरात में काम कर रहा है.’

शाह ने बताया कि भारत में अपराध के मामलों में सजा की दर दुनिया में कहीं और की तुलना में काफी कम है. उन्होंने कहा, ‘हमारा उद्देश्य इस दर को बढ़ाना होना चाहिए. अगर हम अपराध को नियंत्रित करना चाहते हैं तो यह तब तक संभव नहीं है जब तक हम अपराधियों को सजा नहीं देते. अपराधियों को सजा देने का काम तब होगा जब हमारे पास जांच की प्रक्रिया में वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए जगह होगी.’

PM मोदी बोले- पहले निराश करती थी काशी की बदहाली, अब ये देश के विकास का रोडमैप..

पीएम मोदी ने कहा कि बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी भारत की पहचान, कला, उद्यमिता के बीजों को सहेजकर रखा है. आज जब हम बनारस के विकास की बात करते हैं, तो इससे पूरे भारत के विकास का रोडमैप भी बनता है.

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काशी दौरे का आज दूसरा दिन है. पीएम मोदी ने मंगलवार को वाराणसी के उमरहा स्थित स्वर्वेद मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में हिस्सा लिया. यहां अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि काशी की ऊर्जा अक्षुण्ण तो है ही, ये नित नया विस्तार भी लेती रहती है. 

काशी ने बचाकर रखी पहचान

पीएम मोदी ने कहा कि बनारस जैसे शहरों ने मुश्किल से मुश्किल समय में भी भारत की पहचान, कला, उद्यमिता के बीजों को सहेजकर रखा है. आज जब हम बनारस के विकास की बात करते हैं, तो इससे पूरे भारत के विकास का रोडमैप भी बनता है. उन्होंने कहा कि काशी से जाएंगे तो नए संकल्प आशीर्वाद लेकर जायेंगे. पहले जब आप आते थे तो कैसा हाल था, यहां की बदहाली निराश करती थी, रिंग रोड का काम समय से पहले पूरा किया गया है और अब यहां पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो गई है.

उन्होंने कहा कि हमारा देश इतना अद्भुत है कि यहां जब भी समय विपरीत होता है, कोई न कोई संत-विभूति, समय की धारा को मोड़ने के लिए अवतरित हो जाती है. ये भारत ही है जिसकी आजादी के सबसे बड़े नायक को दुनिया महात्मा बुलाती है. 

गीता जयंती की दी बधाई

काशी में लोगों को गीता जयंती की बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज के ही दिन कुरुक्षेत्र की युद्ध की भूमि में जब सेनाएं आमने-सामने थीं, मानवता को योग, आध्यात्म और परमार्थ का परम ज्ञान मिला था. उन्होंने कहा कि इस अवसर पर भगवान कृष्ण के चरणों में नमन करते हुए आप सभी को, सभी देशवासियों को गीता जयंती की हार्दिक बधाई देता हूं.

कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योग को वैश्विक मान्यता मोदी जी के कारण मिली है. वैश्विक मंच पर भारत की परंपरा, संस्कृति और सभ्यता को आज जो मान्यता प्राप्त हुई है उस पर हर भारतवासी गौरवान्वित है.

शर्तों के साथ मंजूर नहीं सरकार के प्रस्ताव, किसान मोर्चा ने फिर मांगी सफाई

संयुक्त किसान मोर्चा की बड़ी मीटिंग हुई जिसमें सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को लेकर सहमति बनाने पर चर्चा की गई है. किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 6 मांगे रखी थीं, उन 6 सूत्रीय मांगों पर भारत सरकार की तरफ से किसान नेताओं को जवाब आ गया है.

नई दिल्ली: कृषि कानूनों की वापसी के बाद आखिर किसान अपना आंदोलन खत्म कब करेंगे इस बात का जवाब अब तक नहीं मिल पाया है. संयुक्त किसान मोर्चा अपना MSP को कानूनी मान्यता देने की मांग पर अड़ गया है और आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं है. सरकार से बातचीत के लिए भी 5 किसान नेताओं के नाम तय हुए हैं जो आगे की रणनीति तय करेंगे. हालांकि सरकार की ओर से मिले प्रस्तावों पर किसानों को आपत्ति है और इस पर चर्चा के लिए फिर से बैठक होगी. 

किसान मोर्चा की अहम बैठक

इस बीच मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बड़ी मीटिंग हुई जिसमें सरकार की ओर से दिए गए प्रस्ताव को लेकर सहमति बनाने पर चर्चा की गई है. किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर 6 मांगे रखी थीं, उन 6 सूत्रीय मांगों पर भारत सरकार की तरफ से किसान नेताओं को जवाब आ गया है. सरकार की ओर से कहा गया है कि किसानों की मांग पर विचार किया जा रहा है और सरकार पहले ही MSP को लेकर कमेटी बनाने का ऐलान कर चुकी है. 

सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि ऐसे लोग MSP कमेटी का हिस्सा न हों जो पहले ही कानून बनाने की वकालत करते रहे हैं, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए. शर्तों के साथ केस वापसी के मुद्दे पर SKM ने कहा कि सरकार ने आंदोलन वापसी की शर्त पर केस वापस लेने की बात कही गई है जो हमें मंजूर नहीं है. इस मुद्दे पर सरकार से आगे बात की जाएगी.

किसान मोर्चा ने कहा कि आंदोलन शुरू होने के बाद पहली बार सरकार ने लिखित रूप में प्रस्ताव दिया है जो अच्छी बात है. उन्होंने कहा कि कुछ बिन्दुओं पर हमारी साथियों के मन में संदेह था और प्रस्ताव को अच्छा करने के लिए सुझाव हमारे साथियों की ओर से भी दिए गए. कमेटी को लेकर किसान नेताओं का कहना है कि अब कुछ प्रस्तावों पर सफाई की जरूरत है और इस पर चर्चा के लिए फिर से बैठक होगी.    

कल हो सकता है बड़ा ऐलान

किसान नेता कुलवंत सिंह ने दावा किया है कि बुधवार को आंदोलन खत्म करने का ऐलान हो सकता है. किसान आंदोलन को लेकर किसानों के बीच भी एक राय नहीं है. पंजाब के जत्थों का मानना है कि कृषि कानूनों की वापसी के बाद आंदोलन अब खत्म कर देना चाहिए लेकिन राकेश टिकैत समेत कुछ किसान नेता MSP गारंटी के बिना आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं. 

सरकार ने किसानों को भेजे प्रस्ताव

सरकार की ओर से किसानों को जो जवाबी पत्र लिखा गया है उसमें कहा गया है कि MSP पर प्रधानमंत्री ने खुद और बाद में कृषि मंत्री ने एक कमेटी बनाने की घोषणा की है, जिस कमेटी में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक सम्मिलत होंगे. हम इसमें साफ करना चाहते हैं कि किसान प्रतिनिधि में SKM के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

इसके अलावा कहा गया है कि जहां तक किसानों को आंदोलन के वक्त के केसों का सवाल है यूपी सरकार और हरियाणा सरकार ने इसके लिए पूर्णतया सहमति दी है कि आंदोलन वापस खींचने के बाद तत्काल ही केस वापस लिए जाएंगे. साथ ही किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार के संबंधित विभाग और संघ प्रदेश क्षेत्र के आंदोलन के केस पर भी आंदोलन वापस लेने के बाद केस वापस लेने पर सहमति बनी है.

सरकार की ओर से किसानों को जो जवाबी पत्र लिखा गया है उसमें कहा गया है कि MSP पर प्रधानमंत्री ने खुद और बाद में कृषि मंत्री ने एक कमेटी बनाने की घोषणा की है, जिस कमेटी में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और किसान संगठनों के प्रतिनिधि और कृषि वैज्ञानिक सम्मिलत होंगे. हम इसमें साफ करना चाहते हैं कि किसान प्रतिनिधि में SKM के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

आंदोलन खत्म होते ही केस वापसी

इसके अलावा कहा गया है कि जहां तक किसानों को आंदोलन के वक्त के केसों का सवाल है यूपी सरकार और हरियाणा सरकार ने इसके लिए पूर्णतया सहमति दी है कि आंदोलन वापस खींचने के बाद तत्काल ही केस वापस लिए जाएंगे. साथ ही किसान आंदोलन के दौरान भारत सरकार के संबंधित विभाग और संघ प्रदेश क्षेत्र के आंदोलन के केस पर भी आंदोलन वापस लेने के बाद केस वापस लेने पर सहमति बनी है.

सरकार की ओर से कहा गया है कि मुआवजे का जहां तक सवाल है, इसके लिए भी हरियाणा और यूपी सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. दोनों विषयों के संबंध में पंजाब सरकार ने भी सार्वजनिक घोषणा कर दी है. जहां तक इलेक्ट्रिसिटी बिल का सवाल है, संसद में पेश करने से पहले इसे लेकर सभी स्टेकहोल्डर्स की राय ली जाएगी.

पराली के मुद्दे पर सरकार ने कहा कि केंद्र ने जो कानून पारित किया है उसकी धारा 14 एवं 15 में क्रिमिलन लाइबिलिटी से किसान को मुक्ति दी गई है. 

दिल्ली में पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत, PM मोदी बोले- रूस के साथ नहीं बदले रिश्ते

राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि रणनीतिक रूप से दोनों देश साझेदार हैं और अफगानिस्तान समेत कई वैश्विक मुद्दों पर हम लगातार संपर्क में रहे हैं. साथ ही आर्थिक मसलों पर भी हम एक लंबे विजन पर काम कर रहे हैं.

नई दिल्ली: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंच चुके हैं और यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया. दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता भी होनी है जिसमें एके-203 असॉल्ट राइफलों समेत कई समझौतों पर मुहर लगेगी.

दोनों देशों के संबंध नहीं बदले

प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से मुलाकात के दौरान कहा कि कोरोना के बावजूद भारत और रूस के संबंधों में कोई बदलाव नहीं आया है और कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भी दोनों देशों के बीच बेहतरीन कॉर्डिनेशन देखा गया. उन्होंने कहा कि साल 2021 हमारे संबंधों के लिए कई मायनों में अहम है. साथ ही पिछले दशकों में कई बदलाव हुए लेकिन भारत-रूस संबंध हमेशा एक जैसे ही रहे.

पीएम मोदी ने कहा कि रणनीतिक रूप से दोनों देश साझेदार हैं. पीएम मोदी ने कहा कि अफगानिस्तान समेत कई वैश्विक मुद्दों पर हम लगातार संपर्क में रहे हैं. साथ ही आर्थिक मसलों पर भी हम एक लंबे विजन पर काम कर रहे हैं. पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि आपकी यात्रा भारत के साथ आपके संबंधों की प्रतिबद्धता को दिखाती है.

भारत एक मजबूत ताकत: पुतिन

रूसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान कहा कि वह भारत आकर बहुत खुश हैं. दुर्भाग्यवश कोरोना महामारी की वजह से यह मुलाकात पहले नहीं हो पाई लेकिन भारत आने के न्योते के लिए पीएम मोदी का आभार जताता हूं. उन्होंने कहा कि हम भारत को एक मजबूत ताकत मानते हैं और इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई है. 

 

पुतिन ने कहा कि कई अहम मुद्दों को लेकर हमारे बीच बेहचर तालमेल रहा है और हम अपनी तकनीकी भारत लाकर मेक इन इंडिया मिशन से जुड़ना चाहते हैं. साथ ही ग्लोबल एजेंडा पर भी हम एक-दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं और आतंकवाद को लेकर हमारी चिंताएं एक जैसी हैं. रूस के राष्ट्रपति ने कहा कि अफगानिस्तान में पैदा हुए हालात को लेकर भी दोनों देश चिंतित हैं. साथ ही मुझे उम्मीद है कि भारत-रूस के बीच साझा सैन्य अभ्यास का दौर भी चलेगा.  

PM मोदी ने देवेगौड़ा को नहीं देने दिया था रिजाइन, पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया किस्सा

पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा ने कहा कि मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनसे हुई मुलाकातों ने उनकी धारणा बदल दी. देवेगौड़ा ने कहा, ‘मैंने उनके व्यक्तित्व में बदलाव देखा है.’ 

मांड्या: पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा (HD Deve Gowda) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के लिए उनका सम्मान तब कई गुना बढ़ गया, जब उन्होंने लोक सभा से इस्तीफा देने की उनकी इच्छा ठुकरा दी. देवेगौड़ा ने उक्त घटना को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के लोक सभा चुनाव में मोदी को चुनौती दी थी कि यदि भाजपा 276 सीटें जीतकर अपने दम पर सत्ता में आई तो वह लोक सभा से इस्तीफा दे देंगे.

जब मोदी ने दिया न्योता

एच. डी. देवेगौड़ा (HD Deve Gowda) ने कहा, ‘मैंने उनसे कहा था कि अगर आप 276 सीटें जीतते हैं तो मैं इस्तीफा दे दूंगा. आप दूसरों के साथ गठबंधन करके शासन कर सकते हैं, लेकिन अगर आप अपने दम पर 276 सीटें जीतते हैं, तो मैं (लोक सभा से) इस्तीफा दे दूंगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अपने दम पर सत्ता में आई, जिसके बाद उन्हें अपने किए वादे को पूरा करने की इच्छा हुई. JD(S) संरक्षक ने याद करते हुए कहा कि जीत के बाद, मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था.

विरोध के बाद भी इतना सम्मान

देवेगौड़ा ने कहा कि समारोह समाप्त होने के बाद, उन्होंने PM मोदी (Narendra Modi) से मिलने का समय मांगा, जिसके लिए वह सहमत हो गए. उन्होंने कहा कि जब उनकी कार संसद के बरामदे में पहुंची तो प्रधानमंत्री मोदी खुद वहां उनका स्वागत करने पहुंचे. देवेगौड़ा ने कहा, ‘मुझे तब घुटने में दर्द था, जो अभी भी है. वह जिस भी तरह के व्यक्ति हों, उस दिन जब मेरी कार वहां पहुंची, मोदी खुद आए, मेरा हाथ पकड़कर मुझे अंदर ले गए. यह व्यवहार उस व्यक्ति के लिए था, जिसने उनका (मोदी) इतना विरोध किया था.’

मोदी के प्रति मन में बढ़ा सम्मान

देवेगौड़ा ने कहा, ‘मैंने उनसे कहा कि मैं अपनी बात पर कायम हूं. कृपया मेरा इस्तीफा स्वीकार करें. उन्होंने मुझसे कहा कि मैं चुनाव के दौरान बोली जाने वाली चीजों को इतनी गंभीरता से क्यों ले रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि जब भी स्थिति उत्पन्न होगी, तो उन्हें मेरे साथ मामलों पर चर्चा करने की आवश्यकता होगी.’ घटना के बाद, देवेगौड़ा ने मोदी से छह से सात बार मुलाकात की क्योंकि उनके प्रति उनका सम्मान बढ़ गया था. 

मोदी ने किया बदलाव

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने गोधरा की घटना के बाद मोदी का विरोध किया था और उस दौरान संसद में दिए गए उनके भाषण उनके दावे की गवाही देते हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि, मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनसे हुई मुलाकात ने उनकी धारणा बदल दी.देवेगौड़ा ने कहा, ‘मैंने उनके व्यक्तित्व में बदलाव देखा – वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जो थे और प्रधानमंत्री बनने के बाद वे क्या हैं.’ देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि जब भी उन्होंने मोदी से मिलने की इच्छा व्यक्त की, वह मिलने के लिए तुरंत तैयार हो गए.

सिर्फ एक रुपये में घर देगी योगी सरकार, जानें किन्हें मिलेगा इस योजना का फायदा

1 Rupee House Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) केवल एक रुपये में सरकारी कर्मचारियों को मकान देने जा रही है. इस स्कीम का मसौदा तैयार कर लिया गया है. जल्द ही इस योजना पर अमल यानी काम शुरू कर दिया जाएगा. जानकारों का मानना है कि यूपी में अगले साल होने जा रहे चुनावों (UP Election 2022) के लिए ये स्कीम भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का मास्टर स्ट्रोक हो सकती है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) से पहले सूबे की जनता के लिए सौगातों का पिटारा खोल रही है. इसी सिलसिले में अब बारी आई है सरकारी कर्मचारियों और वकीलों की. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सरकार नई स्कीम के तहत लाखों सरकारी कर्मचारियों और वकीलों को सब्सिडी पर घर देगी. वह भी केवल एक रुपये में.

CM योगी का मास्टर स्ट्रोक!

दरअसल यूपी सरकार ग्रुप सी और डी के लाखों कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को सब्सिडी पर घर उपलब्ध कराने जा रही है. इन मकानों के खरीदारों से जमीन का नाममात्र मूल्य केवल 1 रुपये लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक उच्चाधिकारियों की बैठक में इन योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. हाई लेवल से मिली मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराया जाएगा. उसके बाद ही हजारों कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा.

इस शर्त पर मिलेगा मकान

आपको बता दें कि एक रुपये में मिलने वाले इन बेहतरीन घर के खरीदारों को यह सुविधा सिर्फ इस शर्त पर मिलेगी कि वो इसे अगले 10 साल तक नहीं बेच पाएंगे. गौरतलब है कि अभी तक ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों को छूट पर मकान देने की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार का यह फैसला सरकारी कर्मचारियों और उनके परिजनों को जमकर पसंद आ सकता है.

आपको बताते चलें कि ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारी और ऐसे अधिवक्ता जिनके पास अधिक आय नहीं है, जिसके चलते उन्हें घर पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए इन्हें छूट पर मकान देने पर विचार-विमर्श कर मसौदा तैयार किया गया है.

यूं तय होंगे पात्रता के नियम

इन एक रुपये वाले मकानों को देने की प्रक्रिया क्या होगी और कैसे की जाएगी, इस पर शुरुआती दौर की बातचीत में काफी हद तक सहमति बनी है. इन घरों के आवंटन के लिए पात्रता मानदंड बाद में तय किए जाएंगे. वहीं पात्र लोगों को मकान देने के लिए उनका संबंधित विभाग ही नोडल होगा. वहीं अधिवक्ता एवं कार्मिक न्याय विभाग को ग्रुप सी व डी कर्मियों के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है.

संविधान दिवस पर PM मोदी का मंत्र, बोले- आम आदमी संविधान की सबसे बड़ी ताकत

संविधान दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा, सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास, ये संविधान की भावना का सबसे सशक्त प्रकटीकरण है. संविधान के लिए समर्पित सरकार, विकास में भेद नहीं करती और ये हमने करके दिखाया है.  

नई दिल्ली: संविधान दिवस के मौके पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा, आम आदमी संविधान की सबसे बड़ी ताकत है. लोकतंत्र में सभी की आस्था जरूरी है और हमें मिलकर लक्ष्य तक पहुंचना है. उन्होंने सबका साथ, सबका विका, सबका प्रयास पर जोर देते हुए कहा, जनकल्याण की योजनाओं का लाभ सभी को मिलना जरूरी है.

‘अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है’

दिल्ली में आयोजित संविधान दिवस समारोह में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आजादी के लिए जीने-मरने वाले लोगों ने जो सपने देखे थे, उन सपनों के प्रकाश में और हजारों साल की भारत की महान परंपरा को संजोए हुए, हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें संविधान दिया. जो देश लगभग भारत के साथ आजाद हुए वो आज हमसे काफी आगे हैं, मतलब अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. हमारे संविधान में समावेश पर कितना जोर दिया गया है लेकिन आजादी के इतने दशकों बाद भी बड़ी संख्या में देश के लोग बहिष्करण (एक्सक्लूजन) को भोगने के लिए मजबूर रहे हैं. 

‘हमारी प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत एक’ 

पीएम मोदी ने कहा, वो करोड़ों लोग जिनके घरों में शौचालय तक नहीं था, ​बिजली के अभाव में अंधेरे में अपनी जिंदगी बिता रहे थे उनकी तकलीफ समझकर उनका जीवन आसान बनाने के लिए खुद को खपा देना मैं संविधान का असली सम्मान मानता हूं. उन्होंने कहा, हम सभी की अलग-अलग भूमिकाएं, अलग-अलग जिम्मेदारियां, काम करने के तरीके भी अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन हमारी आस्था, प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत एक ही है- हमारा संविधान.

‘संविधान ने हमेशा हमारी मदद की’

संविधान दिवस पर पीएम मोदी ने कहा, किसी युग में सोने की चिड़िया कहे जाने वाला भरता गरीबी से जूझता रहा था. ऐसे समय में देश को आगे बढ़ाने में संविधान हमेशा हमारी मदद करता रहा. उनहोंने कहा, सबसे बड़ा लाभ क्या हुआ है ये भी हमें समझना होगा. जिन दो करोड़ से अधिक लोगों को अपना पक्का घर मिला है, रसोई गैस मिली है, 5० करोड़ से अधिक लोगों का 5 लाख तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित हुआ है, उन गरीबों के जीवन की बड़ी चिंता कम हुई है.

‘बिना भेदभाव के विकास किया’ 

पीएम मोदी ने कहा, संविधान के लिए समर्पित सरकार, विकास में भेद नहीं करती और ये हमने करके दिखाया है. आपने भी अनुभव किया होगा जब सरकार किसी एक वर्ग के लिए कुछ करती है बड़ी उदारवादी कहलाती है लेकिन मैं हैरान हूं जब कोई सरकार सबके लिए काम करती है तो उतना महत्व नहीं दिया जाता. कभी-कभी उसका जिक्र नहीं होता. कैसे हर राज्य वर्ग का भला हो रहा है उस पर ध्यान नहीं दिया जाता. प्रधानमंत्री ने कहा, पिछले 7 वर्षो में बिना भेदभाव के विकास किया है. नेशनल हेल्थ का सर्वे बताता है कि जब काम किया जाए तो असर होता है. पुरुषों की तुलना में बेटियां बढ़ रही हैं और भी बहुत सी चीजें हैं जिन पर हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.

BJP करने जा रही अनोखा 'प्रयोग', आपके शहर में अब किराए पर घर लेकर रहेंगे ये दिग्गज नेता

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) बीजेपी के लिए काफी मायने रखता है. इसकी बुनियाद पर 2024 की नींव रखने की तैयारी भी है, इसीलिए चुनाव में जीत हासिल करने की हर रणनीति को धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है इसी क्रम में पार्टी नेतृत्व ने सभी चुनाव प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने अपने प्रभार वाले क्षेत्र में अस्थायी निवास बना लें. सभी सह प्रभारियों को भी अस्थायी निवास बनाने का निर्देश है.

प्रभारियों ने घर ढूंढना भी किया शुरू 

बीजेपी ने चुनाव प्रभारी और सह प्रभारियों को निर्देश में कहा है कि वे अपने-अपने  प्रभार वाले क्षेत्रों में अस्थायी घर/फ्लैट किराए पर लेकर अगले 4 महीना वहीं रहें. माना जा रहा है कि चुनाव प्रभार से सम्बंधित ये सभी चुनाव प्रभारी और सह प्रभारी संसद के शीतकालीन सत्र के बाद और चुनाव खत्म होने तक अस्थाई निवास में ही रहेंगे. पार्टी की सोच है कि ये अगर अस्थायी तौर पर अपने प्रभार क्षेत्र में लगातार बने रहेंगे तो उससे कार्यकर्ताओं से हमेशा सम्पर्क में रहेंगे. साथ ही पार्टी की जो रणनीति उस क्षेत्र के लिए बनेगी, उसको भी जल्दी से जल्दी धरातल पर उतार सकेंगे. पार्टी के निर्देश के बाद इन नेताओं ने घर ढूंढना शूरू भी कर दिया है. कुछ ने तो घर फाइनल भी कर लिया है. 

क्षेत्रवार प्रभारी नियुक्त

यूपी चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी बनाने के साथ ही 7 सह प्रभारियों की भी नियुक्ति की थी. आज हुई बैठक में बीजेपी ने प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों (बीजेपी की संगठनात्मक संरचना के लिहाज से)- गोरखपुर, कानपुर, काशी, अवध, बृज व पश्चिम के प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं. बीजेपी ने तीन कद्दावर नेताओं को दो-दो क्षेत्र की जिम्मेदारी दी है. ये प्रभारी क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों की बैठकें लेंगे.