Anthology Film Victim On OTT: फिल्मों में हिंदू देवी-देवताओं के अपमान के बाद अब भगवान बुद्ध के अपमान पर विवाद खड़ा हो गया है. तमिल फिल्मों के चर्चित निर्देशक पा. रंजीत की एक फिल्म में बुद्ध की प्रतिमा से जुड़े दृश्य पर कई बौद्धों ने आपत्ति की है.

Pa. Ranjith Film Dhammam: तमिल फिल्म डायरेक्टर पा. रंजीत की शॉर्ट फिल्म धम्मम में दिखाए गए एक सीन पर विवाद खड़ा हो गया है. यह एक एंथोलॉजी फिल्म का हिस्सा है. इसके एक दृश्य ने कई बौद्धों को आहत और नाराज कर दिया है. वे पा. रंजीत से माफी की मांग कर रहे हैं. साथ ही रहे हैं कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनके विरुद्ध लीगल एक्शन लिया जाएगा. हालांकि कई बौद्ध लोग इस दृश्य को आपत्तिजनक नहीं मान रहे हैं और उनका कहना कि यह विवाद बेकार है. दोनों पक्ष अपनी बात रख रहे हैं और सोशल मीडिया में इसकी गर्मी देखी जा सकती है.

बुद्ध ने खुद कहा, ईश्वर नहीं है
हाल में ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव पर रिलीज हुई एंथोलॉजी फिल्म विक्टिमः हू इज नेक्स्ट से इस विवाद की शुरुआत हुई. फिल्म में जाति व्यवस्था की राजनीति पर प्रहार करती हुई चार कहानियां हैं. इन्हीं में से एक कहानी पा. रंजीत की है. धम्मम शीर्षक वाली इस किसान पिता-पुत्री की कहानी के एक दृश्य में दिखाया गया है कि खेत में भगवान बुद्ध की पत्थर की बड़ी प्रतिमा जमीन में गड़ी है. लड़की के पिता दूर खेत में काम कर रहे हैं. लड़की बुद्ध की प्रतिमा के कंधों पर पैर रख कर खड़ी हो जाती है और जैसे आसमान में उड़ना चाहती है. यह देख कर उसके पिता नाराज हो जाते हैं और कहते हैं कि वह भगवान का अपमान कर रही है. इस पर लड़की जवाब देती है कि खुद बुद्ध ने कहा था कि ईश्वर जैसी कोई चीज नहीं होती और आप उन्हें भगवान कह रहे हैं.

A young girl climbs on top of a bust of Buddha. She’s trying to fly, & her father doesn’t like what he’s seeing, he shouts to her & said, “Why you are playing over our God? The girl replied calmly, “Budhha himself said there is no God..”

कई देश बुद्ध को मानते हैं भगवान
कई बौद्धों की भावनाएं इस दृश्य से आहत हुई हैं. तमिल बौद्ध संघ काउंसिल (टीएनबीएससी) ने दृश्य की कड़ी आलोचना करते हुए निर्देशक के विरुद्ध कानूनी कदम उठाने की बात कही है. काउंसिल ने कहा है कि पा. रंजीत ने लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और उन्हें यह सीन तुरंत अपनी फिल्म से हटा कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए. साथ ही उसने तमिलनाडु सरकार से कहा कि सीन पर तत्काल रोक लगाते हुए इसके ऑनलाइन सर्कुलेशन को रोका जाना चाहिए क्योंकि दुनिया में अनेक देश हैं, जो बुद्ध को ईश्वर और भगवान का दर्जा देते हैं. काउंसिल ने कहा कि वह पा. रंजीत से कोई सफाई नहीं चाहती. उन्हें सिर्फ यह सीन फिल्म से हटा कर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.

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