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कोरोना से रिकवरी के बाद बॉडी में रहती है नेचुरल इम्युनिटी? एक्सपर्ट ने दिया ये जवाब

अगर आप यह सोच रहे हैं कि आपको कोरोना हो चुका है और आपमें नेचुरल इम्युनिटी है, इसलिए वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं तो आप गलत हैं. वैक्सीन लगवाने के बाद ही बॉडी की इम्युनिटी में इजाफा हो सकता है. सभी के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना बेहद जरूरी है.

नई दिल्ली: कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट इस समय भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना के मामले बढ़ा रहा है. बीते कुछ महीनों में इस पर हुई स्टडी में सामने आया था कि इस वेरिएंट से संक्रमित लोगों में इम्युनिटी और एंटीबॉडी का लेवल दूसरे वेरिएंट के मुकाबले 11 गुना तक बढ़ रहा है जो कि भविष्य के कोरोना के वेरिएंट्स से लोगों को गम्भीर रूप से बीमार होने से बचाएगा. इन सबके बीच अमेरिका से आई एक स्टडी ने इम्युनिटी और एंटीबॉडी लेवल बढ़ने के तर्क को थोड़ा और साफ किया है.

वैक्सीन लगवाने से बनेगी एंटीबॉडी

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को और बर्कले स्थित कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की टीम जिसमे नोबेल प्राइज विनर डॉ जेनफेर दौडना भी शामिल थीं. उन्होंने चूहों और इंसानों पर की गई अपनी स्टडी से दावा किया है कि अगर किसी व्यक्ति ने वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है और उसे ओमिक्रॉन संक्रमण होता है तो उस व्यक्ति के शरीर में इम्युनिटी का स्तर नहीं बढ़ेगा. वहीं जिन लोगों ने वैक्सीन की दो डोज लगवाई हैं, उन्हें जब ओमिक्रॉन का संक्रमण हुआ उसके बाद उनके शरीर ने बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी बनी हैं.

दिल्ली स्थित आकाश अस्पताल के स्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ अक्षय बुद्धिराजा ने जी न्यूज से बातचीत करते हुए बताया कि अमेरिकी वैज्ञानिकों की ओर से की गई इस स्टडी से साफ है कि अगर किसी ने वैक्सीन नहीं लगवाई है तो ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद भी वह व्यक्ति कोरोना के आने वाले भविष्य के वेरिएंट्स के ना सिर्फ खतरे में रहेगा बल्कि भविष्य के वेरिएंट्स से वह व्यक्ति गम्भीर रूप से बीमार हो सकता है और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना ज्यादा रहेगी.

भविष्य के वेरिएंट्स से मिलेगी सुरक्षा

वहीं जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं उन लोगों में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद भविष्य में आने वाले कोरोना के वेरिएंट्स से गम्भीर रूप से बीमार होने का खतरा कम है क्योंकि उनमें इम्युनिटी लेवल कहीं ज्यादा है. ऐसे में वैक्सीन लगवाने वाले इन लोगों में कोरोना से लड़ने की शक्ति काफी बेहतर है और गम्भीर संक्रमण का खतरा सबसे कम है.

अमेरिका से आई इस स्टडी पर इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ परिणीता कौर का कहना है कि उन्होंने कोरोना की दोनों डेल्टा और ओमिक्रॉन वाली वेव में देखा था जहां कोरोना से संक्रमित लोगों में जिन्होंने वैक्सीन लगवाई थी उन्हें गम्भीर लक्षण नहीं हुए क्योंकि उनकी बॉडी हाइब्रिड इम्युनिटी की वजह से कोरोना से लड़ने के लिए पहले से ही तैयार थी. 

किन लोगों में नेचुरल इम्युनिटी?

डॉ कौर के मुताबिक हाइब्रिड इम्युनिटी हमेशा से ही किसी संक्रमण से लड़ने का एक बेहद ही अच्छा सोर्स है. ऐसे में जिन लोगों को कोरोना हो चुका है वो यह सोच कर वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं कि उनके अंदर नेचुरल इम्युनिटी है तो यह गलत है.

भारत सरकार की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत के 1 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्होंने अब तक वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है. वहीं 6 करोड़ से ज्यादा लोग ऐसे हैं जिन्होंने वैक्सीन की दूसरी डोज अब तक नहीं ली है और वैक्सीन की दूसरी डोज ओवर ड्यू है. ऐसे में हमारी आपको यही सलाह है कि वैक्सीन कि दोनों डोज लगवाएं और खुद को कोरोना के आने वाले वेरिएंट्स से सुरक्षित रखें.

कोरोना की तीसरी लहर ने फिर पकड़ी रफ्तार, देशभर में 24 घंटे में इतने लोग हुए संक्रमित

भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के करीब 3.5 लाख नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो कोविड-19 की तीसरी लहर (Covid-19 3rd Wave) के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा केस हैं.

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) की तीसरी लहर का कहर एक बार फिर दिखने लगा है और पिछले 24 घंटे में देशभर में करीब 3.5 लाख मामले दर्ज किए गए हैं. देश में कोविड-19 की तीसरी लहर (Covid-19 3rd Wave) के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा केस हैं.

24 घंटे में सामने आए 3.47 लाख नए केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) की ओर से शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus) 3 लाख 47 हजार 254 नए केस सामने आए हैं, जबकि इस दौरान महामारी की वजह से 703 लोगों की मौत हो गई.

24 घंटे में 29,722 बढ़ गए नए मामले

भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए मामले पिछले 24 घंटे में 29,722 बढ़ गए हैं. बता दें कि इससे पहले गुरुवार (20 जनवरी) को कोविड-19 (Covid-19) के 3 लाख 17 हजार 532 नए मामले सामने आए थे.

24 घंटे में 2.51 लाख लोग हुए हैं ठीक

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देशभर में 2 लाख 51 हजार 777 लोग कोविड-19 महामारी से ठीक भी हुए हैं, हालांकि एक्टिव केस की संख्या में 94 हजार 774 की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके साथ ही देश में एक्टिव केस की संख्या (Coronavirus Active Case in India) बढ़कर 20 लाख 18 हजार 825 हो गई है.

देश में पॉजिटिविटी रेट भी बढ़ा

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही पॉजिटिविटी रेट यानी संक्रमण दर भी करीब 18 प्रतिशत पहुंच गई है. देश में दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 17.94 फीसदी, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 16.56 प्रतिशत हो गई है.

24 घंटे में ओमिक्रॉन के 9692 नए केस

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के मामले भी बढ़कर 9 हजार के पार चले गए हैं और पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन के 9692 नए मामले सामने आए हैं. इसमें कल की तुलना में 4.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

Covid-19: 8 महीने बाद देश में नए केस 3 लाख के पार; 24 घंटे में 2.23 लाख लोग हुए ठीक

भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) 3 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं और देश में 8 महीने बाद कोविड-19 के नए संक्रमितों का आंकड़ा 3 लाख के पार पहुंचा है.

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है और पिछले 24 घंटे में देश में 3 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. देश में कोविड-19 की तीसरी लहर (Covid-19 3rd Wave) के दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा केस हैं.

24 घंटे में सामने आए 3.17 लाख नए केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Health Ministry) की ओर से गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus) 3 लाख 17 हजार 532 नए केस सामने आए हैं, जबकि इस दौरान महामारी की वजह से 491 लोगों की मौत हो गई.

8 महीने बाद आए इतने ज्यादा मामले

देश में 8 महीने बाद कोविड-19 के नए संक्रमितों (Covid-19 New Cases) का आंकड़ा 3 लाख के पार पहुंचा है. इससे पहले कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान 15 मई 2021 को 3.11 लाख नए केस मिले थे.

24 घंटे में 2.23 लाख लोग हुए हैं ठीक

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देशभर में 2 लाख 23 हजार 990 लोग कोविड-19 महामारी से ठीक भी हुए हैं, हालांकि एक्टिव केस की संख्या में 91 हजार 519 की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके साथ ही देश में एक्टिव केस की संख्या (Coronavirus Active Case in India) बढ़कर 19 लाख 24 हजार 51 हो गई है.

देश में पॉजिटिविटी रेट भी बढ़ा

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए मामलों में बढ़ोतरी के साथ ही पॉजिटिविटी रेट यानी संक्रमण दर भी 16 प्रतिशत से ऊपर निकल गई है. देश में दैनिक संक्रमण दर बढ़कर 16.41 फीसदी, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 16.06 प्रतिशत हो गई.

24 घंटे में ओमिक्रॉन के 9287 नए केस

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के मामले भी बढ़कर 9 हजार के पार चले गए हैं और पिछले 24 घंटे में ओमिक्रॉन के 9287 नए मामले सामने आए हैं. इसमें कल की तुलना में 3.63 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है.

कोरोना: एक दिन में 2.82 लाख से अधिक नए मामले, 441 की मौत के साथ इतने एक्टिव केस

Coronavirus case in India: दुनिया में करोड़ों लोग कोरोना के कारण लोग परेशान हैं. भारत, कोरोना वायरस की तीसरी लहर का सामना कर रहा है. रोजाना लाखों की संख्या में कोरोना के केस सामने आ रहे हैं. वहीं कई लोगों की जान भी कोरोना वायरस के कारण जा रही है.

नई दिल्ली: देश में रोजाना लाखों की संख्या में कोरोना वायरस (Coronavirus) के केस सामने आ रहे हैं. ऐसा लग रहा है मानो एक बार फिर कोरोना बम फूटा हो. बुधवार को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना के 2 लाख 82 हजार 970 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसी दौरान कोरोना के कारण 441 लोगों की मौत हुई है. 

कल के मुकाबले बढ़े 44,889 नए केस

बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कल के मुकाबले कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में 44,889 की बढ़ोतरी हुई है. देश में रोजाना की संक्रमण दर 15.13 फीसदी हो गई है. भारत में इस समय एक्टिव केस 18,31,000 हैं. ओमिक्रॉन के केस बढ़कर 8961 हो गए हैं. यह कल के मुकाबले 0.79 फीसदी है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, ‘COVID-19 के खिलाफ लड़ाई तभी जीती जा सकती है, जब हर कोई अपना लक्ष्य और दायित्व जानता हो. हर समय कोविड अनुरूप व्यवहारों का पालन करें.’ इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस तस्वीर में कोरोना को लेकर ‘5 क’ के कुछ खास नियम भी बताए हैं. इनको अमल में लाकर कोरोना से बचने और इसे फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है.

ये है ‘5क’ में शामिल है-

क्या करें- कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करें.
कब करें- हर समय.
कहां करें- हर जगह.
कौन करे- हर व्यक्ति.
क्यों करें- Covid-19 के संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए.

दिल्ली में कोरोना मामलों में आई कमी, लेकिन नहीं थम रहीं मौतें; अब आए इतने नए केस

Delhi Corona Update: राजधानी दिल्ली में कोरोना मामलों में थोड़ी कमी आई है. लेकिन कोरोना की वजह से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. जिसने दिल्ली वासियों की चिंता बढ़ा दी है. राज्य में पिछले 24 घंटे में कोरोना के कुल 11684 न‌ए मामले सामने आए हैं.

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना (Covid-19) मामलों में थोड़ी कमी आई है. दिल्ली में 18 जनवरी को कोरोना के 11684 न‌ए मामले सामने आए. इस दौरान 38 लोगों की मौत हुई जबकि 17 जनवरी को 12527 न‌ए मामलों आए थे और 24 लोगों की मौत हुई थी. हालांकि संक्रमण दर में कल के 27.99% के मुकाबले आज कमी देखने को मिली है फिलहाल दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर 22.47% हो गई है.

दिल्ली में एक्टिव मरीजों की संख्या है 78112 

दिल्ली में पिछले 24 घंटों में 52002 लोगों का कोरोना टेस्ट किया गया, जबकि 17 जनवरी को महज 44762 लोगों की टेस्टिंग की गई थी. दिल्ली में एक दिन में 17516 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं. फिलहाल कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 78112 है, जिसमें से 63432 मरीज होम आइसोलेशन में हैं.

कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ी

कोरोना के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 2590 है, जिसमें से 837 ICU, 871 ऑक्सीजन सपोर्ट पर और 139 वेंटिलेटर पर हैं. वहीं दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या 34958 से बढ़कर 37540  हो गई है.

संक्रमण दर में भी हुआ इजाफा

दिल्ली में कोरोना से अभी तक कुल मौतें 25425 हो चुकी हैं. वहीं अभी तक कोरोना से संक्रमित कुल लोगो की संख्या 1734181 हुई है. इसके अलावा राज्य में अब तक कोरोना संक्रमण से ठीक हुए कुल लोगो की संख्या बढ़कर1630644 हो गई है. दिल्ली में कोरोना की कुल संक्रमण दर 5.05% से बढ़कर 5.08% हो गई है.

दिल्ली में नहीं रुक रहीं कोरोना से मौतें

दिल्ली में कोरोना की वजह से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. जिसने दिल्ली वासियों की चिंता बढ़ा दी है. हम आपको बीते कुछ महीनों मे कोरोना से हुई मौतों की संख्या बता रहे हैं-

सितंबर महीने में मौत- 5
अक्टूबर महीने में मौत- 4
नवंबर महीने में मौत- 7
दिसंबर महीने में मौत- 9

जनवरी महीने में कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े

1,2,3 जनवरी- 1 मौत
4 जनवरी-3 मौतें
5 जनवरी- 8 मौतें
6 जनवरी- 6 मौतें
7 जनवरी- 9 मौतें
8 जनवरी-7 मौतें
9 जनवरी-17 मौतें
10 जनवरी- 17 मौतें
11 जनवरी-23 मौतें
12 जनवरी- 40 मौतें
13 जनवरी- 31 मौतें
14 जनवरी- 34 मौतें
15 जनवरी- 30मौतें
16 जनवरी –28 मौतें
17 जनवरी–24 मौते
18जनवरी –38 मौतें

दिल्ली में कोरोना के मामलों में आ रही कमी, जानें-संक्रमण को लेकर क्या है ताजा स्थिति

दिल्ली में कोरोना के मामलों में कमी आ रही है. आज भी दिल्ली में चार से पांच हजार नए मामले कम दर्ज होने की संभावना जताई गई है. जानें संक्रमण को लेकर राजधानी की ताजा स्थिति क्या है.

नई दिल्ली: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि रविवार के मुकाबले सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के नए मामलों में चार से पांच हजार तक कमी आने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में सोमवार को कोविड-19 से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान का एक साल पूरा हुआ और अब तक यहां कुल 2.85 करोड़ खुराक दी गई है.

दिल्ली में कोरोना के मामलों में कमी

जैन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के नए मामलों में कमी आ रही है और सोमवार लगातार चौथा दिन होगा जब पिछले दिन के मुकाबले नए मामलों में कमी आएगी. उन्होंने मीडिया को दिए बयान में कहा, ‘आज (सोमवार को) नए मामलों की संख्या कल (रविवार) के करीब 18 हजार के मुकाबले चार-पांच हजार कम होने की संभावना है. आज इनकी संख्या 13 से 14 हजार के बीच रहने की उम्मीद है’.

टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार

टीकाकरण अभियान पर उन्होंने कहा, ‘दिल्ली में प्राप्त शत प्रतिशत आबादी को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है जबकि लक्षित समूह के 80 प्रतिशत लोगों ने टीके की दोनों खुराक ले ली है. इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों, अग्रिम मोर्चे पर कार्य कर रहे कर्मचारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को 1.28 लाख एहतियाती खुराक (बूस्टर खुराक) दी गई है.’ उन्होंने बताया कि 1.28 लाख एहतियाती खुराकों में से 36 हजार खुराक वरिष्ठ नागरिकों को, 60 हजार खुराक अग्रिम मोर्चे के कर्मियों और 32 हजार खुराक स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई है. बता दें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जवाब देते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को कोरोना टीका जबरन नहीं लगाया जा सकता है.  

रविवार को दर्ज हुए थे इतने मामले

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को 27.8 प्रतिशत संक्रमण दर के साथ कोविड-19 के 18,286 नए मामले आए थे जबकि 28 मरीजों की मौत दर्ज की गई थी. 

वैक्सीनेशन में 'बाहुबली' हिंदुस्तान, 1 साल में दी गईं 156 करोड़ से ज्यादा डोज

Vaccination Drive In India: कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन में भारत ने कीर्तिमान रच दिया है. भारत में एक दिन में जितने लोगों को वैक्सीन लगाई गई है वो कई देशों की कुल जनसंख्या से भी ज्यादा है.

नई दिल्ली: देश में आज (रविवार को) कोरोना वैक्सीनेशन (Vaccination) को एक साल पूरा हो गया है. पिछले साल आज (16 जनवरी) ही के दिन देश में वैक्सीनेशन अभियान (Vaccination) की शुरुआत हुई थी. देश में शनिवार शाम तक कोरोना वैक्सीन की 156 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं, जिनमें से 65 करोड़ से ज्यादा वो लोग हैं जिन्हें वैक्सीन (Vaccine) की दोनों डोज मिल चुकी हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीनेशन अभियान को सबसे कामयाब अभियान बताया है.

भारत में सफल हुई ‘वैक्सीन क्रांति’

आज से ठीक एक साल पहले देश में वैक्सीन क्रांति हुई थी. 16 जनवरी 2021 को देश में कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी. सबसे पहले हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और बुजुर्गों को वैक्सीन दी गई. इसके बाद धीरे-धीरे 18 साल से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए वैक्सीन का सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाया गया. कोरोना से लड़ाई में वैक्सीन एक कारगर हथियार बनकर उभरा. 10 महीने से भी कम समय में देश ने 100 करोड़ वैक्सीनेशन के शिखर को हासिल कर लिया.

‘वैक्सीन क्रांति’ का नया चरण देश में शुरू

गौरतलब है कि बीते 25 दिसंबर को वैक्सीन क्रांति का नया चरण शुरू हुआ, जब पीएम मोदी ने बूस्टर डोज और बच्चों के वैक्सीनेशन के शुभारंभ की घोषणा की. वैक्सीनेशन का एक साल पूरा होने के मौके पर स्वास्थ्य मंत्रालय #1YearofVaccineDrive के नाम से हैशटैग शुरू कर रहा है.

वैक्सीनेशन में भारत का शानदार रिकॉर्ड

एक साल के दौरान भारत ने कोरोना वैक्सीनेशन में शानदार रिकॉर्ड कायम किया है. देश में शनिवार शाम तक कोरोना वैक्सीन की 156 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं. इनमें 90 करोड़ 68 लाख से अधिक पहली डोज और 65 करोड़ 51 लाख से अधिक दूसरी डोज शामिल हैं. शनिवार शाम तक 15 से 18 साल आयु वर्ग के बच्चों को 3 करोड़ 36 लाख से अधिक डोज लगाई गईं जबकि 42 लाख से अधिक बूस्टर डोज भी लगाई जा चुकी हैं.

वैक्सीनेशन में भारत की कामयाबी अपने आप में एक मिसाल है. देश के हेल्थ वर्कर्स ने एक दिन में इतने लोगों को वैक्सीन लगाई है, जो दुनिया के कई देशों की कुल जनसंख्या से भी ज्यादा है. दुनिया के कई विकसित देशों में भी वैक्सीनेशन की रफ्तार भारत से कम है. वैक्सीनेशन कोरोना संक्रमण को रोकने में काफी मददगार साबित हुआ है और अब इंतजार है उस दिन का जब 15 साल से नीचे के बच्चों का वैक्सीनेशन शुरू होगा ताकि देश की पूरी आबादी को वैक्सीन का सुरक्षा कवच मिल सके.

वैक्सीनेशन के बगैर स्कूल में बच्चों की एंट्री हुई बैन, इस राज्य ने लिया फैसला

राज्य में बच्चों के कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination for Children) की धीमी स्पीड से हरियाणा (Haryana) सरकार चिंता में है. इसे देखते हुए सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है.

नई दिल्ली: राज्य में बच्चों के कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination for Children) की धीमी स्पीड से हरियाणा (Haryana) सरकार चिंता में है. इसे देखते हुए सरकार ने शनिवार को बड़ा फैसला लिया. 

बिना वैक्सीनेशन वाले बच्चों को प्रवेश नहीं

हरियाणा (Haryana) के शिक्षा और गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि 15 से 18 साल के ऐसे बच्चे, जिन्होंने अब तक अपना कोरोना वैक्सीनेशन (Corona Vaccination for Children) नहीं करवाया है, उन्हें स्कूलों में एंट्री नहीं दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जो बच्चे वैक्सीन लगवा आएंगे, केवल उन्हीं को स्कूलों में प्रवेश करने दिया जाएगा. 

हरियाणा के शिक्षा मंत्री का ऐलान

अनिल विज ने ट्वीट कर कहा, सभी पैरंट्स से रिक्वेस्ट है कि अपने बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए वे उनका वैक्सीनेशन (Corona Vaccination for Children) करवा लें. फिलहाल हरियाणा (Haryana) में स्कूल बंद हैं, लेकिन वे जब भी खुलेंगे, उसमें 15 से 18 साल के ऐसे बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिन्होंने अपना वैक्सीनेशन नहीं करवाया होगा. 

हरियाणा के 11 जिलों में रेड जोन

बताते चलें कि हरियाणा में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सरकार ने 11 जिलों को रेड जोन घोषित कर रखा है. इन सभी जिलों में लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू की गई हैं. जिन जिलों में ये पाबंदियां लगी हैं, उनमें करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद,अंबाला, पंचकूला, सोनीपत में यह पाबंदियां लागू हैं. 

स्वास्थ्य मंत्रालय के इन 5 नियमों को बांध लेंगे गांठ? आसपास भी नहीं फटकेगा ओमिक्रॉन

Coronavirus Precaution: दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. इससे बचने के लिए सरकार ने 5 नियम जारी किए हैं. सरकार का कहना है कि इन नियमों को अपनाया गया तो ओमिक्रॉन पास भी नहीं फटक पाएगा.

Coronavirus Precaution: दुनिया में कोरोना वायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron) का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है. चिंता की बात ये है कि इस वेरिएंट के कई लक्षण सर्दी में होने वाले फ्लू से मिलते जुलते हैं. इसलिए अधिकतर लोग ओमिक्रॉन और फ्लू के लक्षणों में भेद नहीं कर पा रहे हैं और वायरस के आसानी से शिकार बन रहे हैं. 

इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण पर कंट्रोल करने के लिए 5 नियम जारी किए हैं. मंत्रालय का कहना है कि अगर लोग इन 5 नियमों का गंभीरतापूर्वक पालन करें तो कोरोमा वायरस आसपास भी नहीं फटकेगा. इससे कोरोना की चेन तोड़ने में भी मदद मिलेगी. आइए जानते हैं कि मंत्रालय के वे 5 नियम कौन से हैं.  

‘क्या करें’ है पहला नियम

मंत्रालय के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) की तीसरी लहर तेजी से फैल रही है. ऐसे में खुद को और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन करें. घर से बाहर कम से कम निकलने की कोशिश करें और मास्क पहनने व हाथ धोने में लापरवाही न करें. 

‘कब करें’ नियम का पालन

मंत्रालय के मुताबिक कोरोना (Coronavirus) के मामले कम होते ही कुछ लोग लापरवाह हो जाते हैं और मास्क पहनना छोड़ देते हैं. यह लापरवाही खतरनाक है. इस तरह की बेवकूफी लोगों को गहरे संकट में डाल सकती है. इसलिए समझदारी का परिचय देते हुए हर वक्त कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते रहें. 

‘कहां करें’ है तीसरा नियम

कई लोग सोचते हैं कि मास्क का इस्तेमाल केवल भीड़भाड़ वाली जगहों पर ही करना चाहिए. लेकिन जब चार दोस्त मिल रहे होते हैं तो वहां पर मास्क या सोशल डिस्टेंसिंग नहीं बरतते, जोकि उचित नहीं है. इसलिए जब तक महामारी खत्म नहीं हो जाती, हर जगह कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते रहें. 

‘कौन करे’ नियम से जोड़ें नाता

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन केवल बड़ों को ही नहीं बल्कि सभी के लिए बहुत जरूरी है. चाहे बड़े हों या बच्ची, जब भी वे घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें और दूसरों से 2 मीटर की दूरी का गैप बनाए रखें. अपने हाथों को बार-बार धोने का भी खास ध्यान बनाए रखें. 

कोरोना से मौत पर बड़ा खुलासा! जान गंवाने वाले 70% लोगों को नहीं लगी थी वैक्सीन

कोरोना महामारी को लेकर लापरवाही बरत रहे लोगों को संभल जाने की जरूरत है. कोरोना की वैक्सीन के प्रति गंभीरता नहीं बरतना, जान जोखिम में डालने के बराबर है.

नई दिल्लीः देश में तेजी से फैल रहे कोरोना को लेकर अब भी कई लोग लापरवाही बरत रहे हैं. इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली को लेकर एक चौंका देने वाली रिपोर्ट पेश की है. दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में बीते सप्ताह 97 कोरोना संक्रमित मरीजों ने जान गंवाई है. जान गंवाने वालों में से 70 लोगों को वैक्सीन नहीं लगी थी. वहीं, 19 मरीजों ने वैक्सीन की केवल एक ही डोज ली थी. सिर्फ 8 मरीजों ने ही वैक्सीन दोनों डोज ली थी.

दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के मेडिकल निदेशक बीएल शेरवाल ने बताया कि कोरोना के मौजूदा हालत में अस्पतालों में पहले की तुलना में कम मरीज भरी हो रहे हैं. उन्होंने मौतों की संख्या को लेकर कहा कि यह सिर्फ कोरोना की ही वजह से नहीं है. उन्होंने कहा कि ज्यादा मौत के पीछे को-मॉर्बिडिटी कारण निकल कर आ रहा है.

दिल्‍ली: कोरोना के कारण लागू पाबंदियों से कब मिलेगी निजात, मंत्री ने दिया जवाब

दिल्‍ली में अगर कोरोना के मामलों में कमी दर्ज हुई थी तो अगले2-3 दिनों में लगी पाबंदियों से लोगों को राहत मिल सकती है. स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने इसका ऐलान किया है.

नई दिल्ली:  राजधानी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पिछले पांच दिन से अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड-19 के मरीजों की संख्या स्थिर हैं, जिससे प्रतीत होता है कि कोरोना वायरस की मौजूदा लहर संभवत: चरम पर पहुंच चुकी है और दो-तीन दिन में मामले कम हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि दिल्ली में बुधवार को 25000 के आसपास नए मामले आ सकते हैं.

अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या स्थिर 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संक्रमण दर या मामलों से मौजूदा लहर के चरम पर पहुंचने का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की दर प्रमुख संकेतक है. मंत्री ने पत्रकारों से कहा, ‘हमने पाया है कि पिछले चार-पांच दिन से अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या स्थिर है और केवल 2200 बिस्तरों पर ही मरीज हैं. 85 प्रतिशत बिस्तर (बेड) खाली हैं’. उन्होंने कहा, ‘अस्पताल में भर्ती होने वाले कोविड-19 के मरीजों की संख्या स्थिर हैं, जिससे प्रतीत होता है कि मौजूदा लहर संभवत: चरम पर पहुंच चुकी है. हम दो-तीन दिन में मामले कम होते देख सकते हैं.’

दिल्ली में भी मामलों के जल्द कम होने की उम्मीद

जैन ने कहा कि मुंबई में कोविड-19 के मामले कम होना शुरू हो गए हैं और दिल्ली में भी मामलों के जल्द कम होने की उम्मीद है. उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर दो-तीन दिन में संक्रमण के मामले कम हो गए तो, पाबंदियां हटा दी जाएंगी. मंत्री ने कहा कि संक्रमण से हाल ही में जिन लोगों की मौत हुई उनमें से अधिकतर पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और कुछ ही लोगों की मौत केवल कोरोना वायरस के कारण हुई.

गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी

उन्होंने कहा, ‘गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जबकि कोरोना वायरस के इलाज के लिए अधिक लोग अस्पताल नहीं आ रहे हैं’. राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को संक्रमण से 23 मरीजों की मौत हो गई थी. इस महीने में 11 दिन में 93 लोगों की अभी तक संक्रमण से मौत हो चुकी है, जबकि पिछले पांच महीने में दिल्ली में संक्रमण से 54 लोगों की मौत हुई थी. दिसंबर में नौ, नवंबर में सात, अक्टूबर में चार, सितंबर में पांच, अगस्त में 29 संक्रमितों की मौत हुई थी. वहीं, जुलाई में 76 लोगों की संक्रमण से जान गई थी. स्वास्थ्य मंत्री ने केन्द्र के कोविड-19 संबंधी जांच से जुड़े नए दिशानिर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि बिना लक्षण वाले लोगों को जांच कराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा,  ‘मानव शरीर में कोरोना वायरस की मौजूदगी चिंता का विषय नहीं है, जब तक कि उसके लक्षण ना दिखने लगे’,

कोरोना से जुड़ी राहत की खबर, सिर्फ एक दिन में 3% घट गई संक्रमण दर

Covid-19 Cases Update Today: बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमित 69 हजार से ज्यादा लोग रिकवर हुए हैं. वहीं नए मामलों की संख्या घटी है.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों की संख्या देश में लगातार बढ़ रही है लेकिन पिछले 24 घंटे में कोविड-19 (Covid-19) के जितने नए मामले सामने आए हैं, उससे जुड़ी थोड़ी राहत की खबर है. पिछले दिन के मुकाबले आज (मंगलवार को) भारत में करीब 11 हजार कम कोरोना (Corona) के केस रजिस्टर हुए हैं.

बीते 24 घंटे में सामने आए कोरोना के इतने केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में देशभर में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 1 लाख 68 हजार 63 नए केस रजिस्टर हुए हैं और 277 संक्रमितों की इस दौरान वायरस की वजह से मौत हो गई. हालांकि 69 हजार 959 मरीज रिकवर (Recover) भी हुए.

एक दिन में इतने घट गए कोरोना के मामले

बता दें कि सोमवार को भारत में कोविड-19 के 1 लाख 79 हजार 723 नए मामले सामने आए थे. पिछले 24 घंटे में दर्ज हुए कोरोना के मामलों की तुलना में ये संख्या लगभग 11 हजार ज्यादा है.

कोरोना के पॉजिटिविटी रेट में आई गिरावट

जान लें कि भारत में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों की संख्या 8 लाख से ज्यादा हो गई है. देशभर में इस वक्त कोविड-19 के 8 लाख 21 हजार 446 एक्टिव केस मौजूद हैं. भारत में कोरोना का पॉजिटिविटी रेट लगभग 3 फीसदी घटकर 10.64 फीसदी हो गया है. सोमवार को कोरोना की संक्रमण दर देश में 13.29 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई थी. इसके अलावा भारत में ओमिक्रॉन के मामलों का आंकड़ा बढ़कर 4 हजार 461 हो गया है.

वहीं दिल्ली की बात करें तो यहां पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 25 फीसदी हो गया है. सोमवार को दिल्ली में कोरोना वायरस के 19 हजार 166 नए मामले दर्ज किए गए थे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में एक्टिव कोविड मामलों की संख्या 15 मई के बाद से सबसे अधिक 65 हजार 806 हो गई है, इससे पहले 15 मई को दिल्ली में 66 हजार 295 एक्टिव मामले थे.

देशभर में बढ़े कोरोना के नए मामले, बीते 24 घंटे में आंकड़ा पहुंचा 1 लाख के पार

Covid-19 Latest Update: बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस से 30 हजार से ज्यादा संक्रमित रिकवर हो गए हैं. हालांकि संक्रमण दर बढ़कर 7.74 फीसदी हो गई है.

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बीते 24 घंटे में देशभर में कोविड-19 (Covid-19) के नए 1 लाख से  ज्यादा मामले सामने आए हैं. डेली पॉजिटिविटी रेट (Daily Positivity Rate) बढ़कर 7.74 फीसदी हो गया है. वहीं वीकली पॉजिटिविटी रेट 4.54 प्रतिशत है. देश में अब तक 68.68 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं.

देश में हैं कोरोना के इतने एक्टिव केस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में देश में 1 लाख 17 हजार 100 मामले सामने आए हैं. कोरोना के एक्टिव मामलों (Active Cases) की संख्या 3 लाख 71 हजार 363 हो गई है. ये संख्या भारत में अब तक आए कुल मामलों का 1 फीसदी है. भारत में कोरोना से रिकवरी रेट 97.57 फीसदी हो गया है. बीते 24 घंटे में कोरोना से 30 हजार 836 संक्रमित रिकवर हुए हैं. देश में अब तक कोरोना से 3 करोड़ 43 लाख 71 हजार 845 मरीज रिकवर हो चुके हैं.

वैक्सीनेशन में भारत ने बनाया रिकॉर्ड

वैक्सीनेशन के मामले में भारत ने रिकॉर्ड बना लिया है. भारत ने 150 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज देने की उपलब्धि हासिल कर ली है. देश में अब तक 154.32 करोड़ वैक्सीन की डोज दी जा चुकी हैं.

अस्पतालों की तरफ नहीं भागना है- रणदीप गुलेरिया

इस बीच एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है. ये माइल्ड बीमारी है. दवाई इकट्ठा नहीं करनी है. अस्पतालों की तरफ नहीं भागना है.

अगर देश की राजधानी की बात करें तो दिल्ली में गुरुवार को 15 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए. देश की राजधानी में गुरुवार को कोरोना के 15 हजार 97 नए केस सामने आए थे. इस दौरान 6 मरीजों की मौत हो गई थी. दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर साढ़े 15 फीसदी से ज्यादा है. दिल्ली में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या 25 हजार 127 हो गई है.

1 दिन में सामने आए 90 हजार से अधिक केस, कोरोना की स्‍पीड ने किया दंग

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटे में 90928 मामले सामने आए हैं. इस दौरान 19,206 कोरोना से रिकवर हो गए. वहीं 325 लोगों की मौत हो गई. कोविड-19 का पॉजीटिव रेट 6.43% है. 

नई दिल्ली: देश में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़त हो रही है. इसने सभी की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटे में 90 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं. कई राज्यों ने कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, इसके बावजूद भी कोविड-19 थमने का नाम नहीं ले रहा है.

कोरोना केस 90 हजार के पार

जानकारी के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में 90,928 नए COVID मामले आए हैं. इस दौरान 19,206 कोरोना से रिकवर हो गए. वहीं 325 लोगों की मौत हो गई. कोविड-19 का पॉजीटिव रेट 6.43% है.

148 करोड़ से ज्यादा हुआ वैक्सीनेशन

इस समय देश में कोरोना वायरस के कुल 2,85,401 एक्टिव केस हैं. अब तक ये वायरस 3,43,41,009 लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. वहीं इससे मरने वालों का आंकड़ा 4,82,876 है. सरकार इसके प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम में तेजी लाने की बात कर रही है. आपको बता दें कि अब तक देश में कुल  148.67 करोड़ वैक्सीन डोज लग चुकी हैं.

ओमिक्रॉन के मामले 2 हजार के पार

देश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है. आंकड़ों के अनुसार देश में अब तक कुल 2034 ओमिक्रॉन के मामले सामने आ चुके हैं. सबसे ज्यादा ओमिक्रॉन केस महाराष्ट्र में हैं. वहां 797 लोग इस नए वेरिएंट की चपेट में आ चुके हैं. इनमें से 330 लोग रिकवर भी हो चुके हैं.

कोविड पर कैबिनेट की मीटिंग आज 

कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई महीनों बाद आज एक बार फिर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक होने जा रही है. यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आज सुबह 11:10 बजे से शुरू होगी. इस बैठक में कोरोना के बढ़ते मामलों और इसके बचाव पर लेकर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा कुछ और पाबंदियों पर विचार किया जा सकता है.

नोएडा और गाजियाबाद में बढ़ रहे केस

उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं. उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 2038 नए मामले सामने आए हैं. अकेले राजधानी लखनऊ से कोरोना के 288 नए मरीज सामने आए हैं. वहीं देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा से 511 और गाजियाबाद से 255 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है. इसके बाद उत्तर प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर अब 5158 हो गई है.

कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन, मरीजों को लेकर कही गई बड़ी बातें

Revised Guidelines for Mild or Asymptomatic Covid-19 Patients: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हल्के या बिना लक्षण वाले कोविड-19 के मरीजों के होम आइसोलेशन के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं.

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और इसे देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से कोविड-19 मरीजों को लेकर नई गाइडलाइन (Revised Guidelines for Mild or Asymptomatic Covid-19 Patients) जारी की गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार, हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर ही रहेंगे और मरीजों को ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की सलाह दी गई है.

कोरोना मरीजों के होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन

– बुजुर्ग मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर होम आइसोलेशन की अनुमति.
– हल्के लक्षण वाले मरीज घर पर रहेंगे, जिसके लिए प्रॉपर वेंटिलेशन रहना जरूरी है.
– मरीज को ट्रिपल लेयर मास्क पहनने की सलाह.
– मरीज को ज्यादा से ज्यादा लिक्विड लेने की सलाह.
– ऐसे मरीज जिनको एचआईवी हो, जिनका ट्रांसप्लांट हुआ हो या कैंसर से पीड़ित हों तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी.
– बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले मरीज, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 93% से ज्यादा हो उन्हें होम आइसोलेशन की अनुमति है.
– होम आइसोलेशन में रहने वाले माइल्ड और एसिम्प्टोमैटिक मरीजों को जिले स्तर पर कंट्रोल रूम के लगातार संपर्क में रहना होगा, जो उन्हें जरूरत पड़ने पर टेस्टिंग और हॉस्पिटल बेड समय पर करवा सकें.
– मरीज को एस्टरॉयड लेने पर रोक है. इसके अलावा डॉक्टर की सलाह के बिना सिटी स्कैन और चेस्ट एक्सरे कराने की भी मनाही है.
– पॉजिटिव होने के बाद होम आइसोलेशन में 7 दिन रहने और लगातार 3 दिन तक बुखार ना रहने पर होम आइसोलेशन खत्म माना जाएगा और दोबारा टेस्ट की जरूरत नहीं होगी.

24 घंटे में 58097 नए मरीज आए सामने

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में कोरोना मरीजों की संख्या में 56 फीसदी वृद्धि हुई और 58,097 नए मामले सामने आए. पिछले 24 घंटे में देश में 534 संक्रमितों की मौत हो गई, जिसके बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,82,551 हो गई है. देश में अब दो लाख 14 हजार से अधिक सक्रिय मरीज हो गए हैं.

करीब 199 दिन बाद इतने मरीज आए सामने 

भारत में 199 दिन बाद कोरोना वायरस के इतने अधिक दैनिक मामले सामने आए हैं. इससे पहले 20 जून 2021 को 58,419 नए मामले सामने आए थे. आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के ठीक होने की दर 98.01 प्रतिशत है. संक्रमण की दैनिक दर 4.18 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 2.6 प्रतिशत दर्ज की गई. देश में अभी तक कुल 3,43,21,803 लोग वायरस से ठीक हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है.

24 घंटे में बढ़े 56 प्रतिशत मामले

बता दें, मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus in India) के 37,379 नए मामले सामने आए थे, लेकिन बुधवार को कोविड-19 के नए केस बढ़कर 58 हजार से ज्यादा हो गए, जो कल (4 दिसंबर) की तुलना में लगभग 56 फीसदी से भी ज्यादा है.

केंद्र ने राज्यों को किया अलर्ट, होटलों को कोविड सेंटर के रूप में करें डेवलप

देश में कोरोना के बढ़ते हुए मामलों को देखकर अब केंद्र ने राज्यों को अलर्ट करते हुए एक लेटर लिखा कि वह अपने यहां कोविड मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए इंफ्रास्टक्चर को मजबूत बना लें. होटलों को अब कोविड सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए भी कहा गया है. इस बारे में हेल्थ मिनिस्ट्री ने सभी राज्यों को अलर्ट करते हुए लेटर लिखा है.

नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामलों को को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को अलर्ट करते हुए चिट्ठी लिखी और उन्हें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ाने को कहा है. केंद्र ने राज्यों से कहा कि हल्के और बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए होटल के कमरों को कोविड देखभाल केंद्र विकसित करें.

होटल के कमरों को बनाएं कोविड देखभाल केंद्र 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव आरती आहूजा ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे हल्के या बिना लक्षण वाले मामलों की देखभाल के लिए होटल के कमरों और अन्य समान आवासों में कोविड देखभाल केंद्र विकसित करें और ये सभी डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों से कनेक्टेड हों.

टेस्टिंग किट की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए कहा 

इसके अलावा, अगर कोरोना के केस अचानक ज्यादा बढ़ते हैं तो उस सूरत में किसी भी स्टॉक की कमी से बचने के लिए टेस्टिंग किट (आरटीपीसीआर और रैपिड एंटीजन परीक्षण दोनों के लिए) जैसी लॉजिस्टिक सप्लाई को पूरी तरह से मेंटेन किया जाए.

हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने के लिए कहा 

केंद्र ने राज्यों से कहा है कि केस बढ़ने की दशा में राज्य सरकारें मरीजों के अस्पताल में दाखिले की पूरी व्यवस्था हो. बेड की कमी ना हो, अस्थाई अस्पताल की व्यवस्था हो और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाया जाए.

दिल्ली में कोरोना के 4099 नए केस, मुंबई में 31 जनवरी तक सभी स्कूल बंद

देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं.

नई दिल्लीः देश में एक बार फिर कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है. देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले माहाराष्ट्र और दिल्ली में सामने आ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दिल्ली में आज सोमवार को कोरोना के 4099 नए मरीज मिले हैं. वहीं, महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना के 11,877 नए कोरोना मरीज सामने आए थे. कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए दोनों ही राज्य सरकारों ने पाबंदियों को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है.

साल में पहली बार 4 हजार से ज्यादा केस

दिल्ली में सोमवार को इस साल पहली बार कोरोना के 4000 से अधिक नए केस सामने आए हैं. जिसके बाद दिल्ली में संक्रमित मरीजों का कुल आंकड़ा बढ़कर 14.58 लाख के पार पहुंच गया है. दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 6.46 फीसदी हो गया है. वहीं, कोरोना के चलते आज 1 मरीज की जान भी गई है. 

दिल्ली में 2008 कंटेनमेंट जोन 

स्वास्थ्य विभाग के आंकडों के मुताबिक आज सोमवार को दिल्ली में कुल 63,477 टेस्ट किए गए हैं. इनमें से 57,813 आरटीपीआर/ सीबीएनएएटी / ट्रूनैट टेस्ट और 5,664 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल थे. दिल्ली में अब तक कुल 32,93,2684 जांचें हुई हैं और प्रति 10 लाख लोगों पर 17,33,299 टेस्ट किए गए हैं. इसके साथ ही आज दिल्ली में कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़कर 2008 पर पहुंच गई है. 

दिल्ली में जारी हैं ये पाबंदियां

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में येलो अलर्ट जारी है. रात 10 से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान पिछले सप्ताह ही किया गया है. कई जगहों पर रात आठ बजे के बाद से ही बाजार खोलने पर पाबंदी है. कई जगहों पर दुकानों को ऑड-ईवन के आधार पर खोला जा रहा है. स्कूल और कॉलेजों को बंद किया गया है. पब्लिक ट्रांस्पोर्ट में भी यात्रियों की संख्या 50 फीसदी तक घटा दी गई है.

मुंबई में 1 से 9 और 11वीं के स्कूल बंद

मुंबई में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि होने के बीच, सोमवार को नगर निकाय ने कक्षा 1 से 9 और 11 के लिए सभी स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद रखने का फैसला किया. एक नगर निकाय अधिकारी ने यह जानकारी दी. बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि कक्षा 10 और 12 के छात्रों को इस फैसले के दायरे से बाहर रखा गया है और इसका अर्थ है कि वे स्कूलों में पढ़ाई करने जा सकते हैं. पहले के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 9 और 11 के छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी.

कोरोना के बीच राहत की खबर! यहां 24 घंटे में डिस्चार्ज हुए एक हजार से ज्यादा मरीज

देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच एक राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली में पिछले 24 घंटें में 1156 मरीज डिस्चार्ज हुए. दिल्ली में कोरोना की रिकवरी दर 97.69 फीसदी है.

दिल्ली: देश में बढ़ते कोरोना (Covid-19) के मामलों के बीच एक राहत की खबर सामने आई है. राजधानी दिल्ली (Delhi) में कोरोना (Covid Latest News) के नए मामले 3000 के पार पहुंच गए हुए, वहीं संक्रमण दर साढ़े 4 फीसदी से ज्यादा हो गई है. लेकिन राहत देने वाली बात ये है कि पिछले 24 घंटे में 1156 मरीज डिस्चार्ज हुए. दिल्ली में कोरोना की रिकवरी दर 97.69 फीसदी है.  

सीएम केजरीवाल ने दी जानकारी

वहीं आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिल्ली के लोगों को जानकारी दी कि जो मामले बढ़ रहे हैं उनके सिमटम्स काफी माइल्ड हैं और कोरोना के मरीज घर में रहकर जल्दी ठीक हो जा रहे हैं इसीलिए डरने की जरूरत नहीं है.

7 महीने में सबसे ज्यादा कोरोना मामले

बता दें, दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 3194 नए मामले आए हैं. 20 मई के बाद से सबसे ज्यादा नए कोरोना मामले है. इससे पहले बीते 20 मई को दिल्ली में कोरोना के 3231 केस सामने आए थे. वहीं राज्य में कोराना की संक्रमण दर 4.59 फीसदी है. कोरोना संक्रमण दर साढ़े 7 महीने में सबसे ज्यादा है. आज दिल्ली में संक्रमण दर 20 मई के बाद से सबसे ज्यादा है. इससे पहले 20 मई को 5.50% पॉजिटिविटी रेट थी.

एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 8 हजार के पार

गौरतलब है कि दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 8397 हो गई है, जो करीब 7 महीने में सबसे ज्यादा है. 3 जून के बाद सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज है. बीते 3 जून को 8748 आंकड़ा था. इसके अलावा पिछले 24 घंटे में एक मरीज की मौत हो गई. दिल्ली में कोरोना से मौत का कुल 25,109 आंकड़ा हो गया है. होम आइसोलेशन में 4759 मरीज है. एक्टिव कोरोना मरीजों की दर 0.57 फीसदी है.

अब तक दिल्ली में कोरोना का कुल आंकड़ा 14,54,121हो गया है. 24 घंटे में  69,650 टेस्ट हुए. अब तक कुल 3,28,69,207 लोगों का कोरोना टेस्ट हो चुका है. वहीं कंटेन्मेंट जोन्स की संख्या 1621 है और कोरोना डेथ रेट 1.73 फीसदी है.

तनाव के बीच साथ नजर आए भारत और चीन के सैनिक, नए साल पर एक-दूसरे को दी मिठाई

भारत और चीन (India-China) के बीच LAC पर पिछले करीब डेढ़ साल से तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं. इसी बीच दोनों देशों ने संबंध सुधारने के लिए नई पहल की है.

नई दिल्ली: भारत और चीन (India-China) के बीच LAC पर पिछले करीब डेढ़ साल से तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं. हालांकि दोनों पक्ष अब भी मिलिट्री प्रोटोकॉल का बदस्तूर पालन कर रहे हैं. 

दोनों देशों में मिठाई का आदान-प्रदान

दोनों देशों के सैनिकों ने नए साल के मौके पर शनिवार को  LAC पर बनी कई सैन्य चौकियों पर एक-दूसरे को मिठाइयों का आदान-प्रदान किया. जिन इलाकों में मिठाइयों का एक्सचेंज किया गया, उनमें पूर्वी लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स व डेमचोक और उत्तरी सिक्किम में नाथुला व कोंगरा ला शामिल हैं. भारत और चीन (India-China) के सैनिकों ने एक-दूसरे को मिठाई देकर नए साल की बधाई दी. 

चीन के साथ ही भारत और पाकिस्तान के सैनिकों ने भी नए साल पर मिठाइयों का एक्सचेंज किया. भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ और मेंढर में पाकिस्तानी सैनिकों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान किया. 

पिछले साल से दोनों देशों में सैन्य तनाव

बताते चलें कि पिछले साल अप्रैल में चीनी सेना (China) ने तिब्बत में सैन्य अभ्यास किया था. इसके बाद सैनिकों को पुरानी जगह वापस भेजने के बजाय उसने चुपके से उन्हें आगे बढ़ा दिया और LAC पर भारतीय दावे वाले गैर-सैन्यीकृत इलाके में जाकर बैठ गए. उसने वहां पर 50 हजार सैनिकों के साथ ही भारी हथियारों की भी तैनाती कर दी. 

गलवान में मिला चीन को करारा जवाब

भारत (India) ने भी इसका कड़ा जवाब देते हुए समान मात्रा में सैनिक और हथियार LAC पर तैनात कर दिए. इसी बीच 29 अगस्त 2020 की रात को गलवान घाटी में दोनों पक्षों के बीच भिड़ंत हो गई. जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए, जबकि चीन (China) के करीब 40-50 सैनिक मारे गए. इस घटना के बाद भारत का रुख और कड़ा हो गया और उसने चीन के ऐप्स पर पाबंदी लगाने के साथ उसके साथ आर्थिक संबंधों को भी समेटना शुरू कर दिया. 

बातचीत के लिए भारत ने रखी ये शर्त

कई दौर की कूटनीतिक बातचीत के बाद पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण किनारे और गोगरा क्षेत्र में दोनों सेनाएं पीछे हट गई लेकिन बाकी इलाकों में अब आमने-सामने की तैनाती बनी हुई है. भारत (India) ने चीन (China) के सामने स्पष्ट शर्त रखी है कि मई 2020 के पहले की स्थिति बहाल न होने तक उससे संबंध सामान्य नहीं हो पाएंगे. 

बच्चों के वैक्सीनेशन पर AIIMS एक्सपर्ट ने उठाए सवाल, इस बात को लेकर जताई आशंका

AIIMS के वरिष्ठ महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय के. राय ने बच्चों को कोविड रोधी टीका लगाने के केंद्र सरकार के निर्णय को ‘अवैज्ञानिक’ करार देते हुए कहा है कि इससे कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होगा.

नई दिल्ली: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के वरिष्ठ महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय के. राय ने बच्चों को कोविड रोधी टीका लगाने के केंद्र सरकार के निर्णय को ‘अवैज्ञानिक’ करार देते हुए कहा है कि इससे कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होगा.

AIIMS के डॉक्टर ने कही ये बात

AIIMS में वयस्कों और बच्चों पर Covaxin टीके के परीक्षणों के प्रधान जांचकर्ता और ‘इंडियन पब्लिक हेल्थ एसोसिएशन’ के अध्यक्ष राय ने कहा कि इस निर्णय पर अमल करने से पहले बच्चों का टीकाकरण शुरू कर चुके देशों के आंकड़ों का भी विश्लेषण करना चाहिए.

पीएम ने किया था ऐलान

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार रात राष्ट्र के नाम संबोधन में घोषणा की थी कि 15 से 18 साल की उम्र तक के बच्चों का कोविड-19 वैक्सीनेशन 3 जनवरी से शुरू किया जाएगा. इस कदम से स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की चिंताएं कम होने और महामारी से लड़ने में मजबूती मिलने और विद्यालयों में पढ़ाई को पटरी पर लाने में मदद मिलने की उम्मीद है.

ट्वीट कर कही ये बात

राय ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को टैग करते हुए ट्वीट किया, ‘मैं राष्ट्र की नि:स्वार्थ सेवा और सही समय पर सही निर्णय लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा प्रशंसक हूं. लेकिन मैं बच्चों के टीकाकरण के उनके अवैज्ञानिक निर्णय से पूरी तरह निराश हूं.’

‘टीकाकरण कोरोना वायरस संक्रमण को नहीं रोक रहा’

उन्होंने अपने नजरिए को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी फैसले का उद्देश्य साफ होना चाहिए. राय ने कहा कि टीकाकरण का उद्देश्य या तो कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम है या गंभीरता या मौतों को रोकना है. राय ने कहा, ‘लेकिन टीकों के बारे में हमारे पास जो भी जानकारी है, उसके अनुसार वे संक्रमण के मामलों में महत्वपूर्ण कमी लाने में असमर्थ हैं. कुछ देशों में, लोग बूस्टर डोज लेने के बाद भी संक्रमित हो रहे हैं. इसके अलावा, ब्रिटेन में टीका लगवाने के बाद भी संक्रमित होने के रोजाना 50,000 मामले सामने आ रहे हैं. इसलिए यह साबित होता है कि टीकाकरण कोरोना वायरस संक्रमण को नहीं रोक रहा है, लेकिन टीके संक्रमण की गंभीरता और मृत्यु को रोकने में प्रभावी हैं.’

उन्होंने कहा कि अतिसंवेदनशील आबादी (Vulnerable Population) के बीच कोविड​​​​-19 के कारण मृत्यु दर लगभग 1.5% है, जिसका मतलब है कि प्रति 10 लाख जनसंख्या पर 15,000 लोगों की मौत. राय ने कहा, ‘टीकाकरण के माध्यम से, हम इनमें से 80-90% मौतों को रोक सकते हैं, जिसका मतलब है कि प्रति दस लाख (जनसंख्या) में 13,000 से 14,000 मौतों को रोका जा सकता है.’ टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभाव के मामले प्रति 10 लाख आबादी पर 10 से 15 के बीच होते हैं.

बच्चों के टीकाकरण से पूरे नहीं हो रहे उद्देश्य

राय का कहना है कि, ‘इसलिए, यदि आप वयस्कों के बीच इनके जोखिम और लाभ का विश्लेषण करते हैं, तो यह एक बड़ा लाभ है.’ उन्होंने कहा कि बच्चों के मामले में संक्रमण की गंभीरता बहुत कम होती है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रति 10 लाख जनसंख्या पर केवल 2 मौतों की सूचना मिली है. राय ने कहा, ‘इस खंड (बच्चों) में, 15,000 (लोग) नहीं मर रहे हैं और प्रतिकूल प्रभावों को भी ध्यान में रखते हुए, यदि आप जोखिम और लाभ का विश्लेषण करते हैं, तो उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर लाभ से अधिक जोखिम की बात सामने आती है.’ उन्होंने कहा, ‘बच्चों का टीकाकरण शुरू करने से दोनों उद्देश्य पूरे नहीं हो रहे हैं.’

राय ने कहा कि अमेरिका समेत कुछ देशों ने चार-पांच महीने पहले बच्चों का टीकाकरण शुरू किया था और बच्चों का कोविड टीकाकरण शुरू करने से पहले इन देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाना चाहिए.

दिल्ली-मुंबई में फिर डराने लगा कोरोना, एक दिन में सामने आए रिकॉर्ड मामले

देश में कोरोना एक बार फिर अपना कहर बरपा रहा है. ऐसे में दिल्ली और मुंबई में शनिवार को कोरोना वायरस के कई मामले सामने आए. जहां मुंबई में शनिवार को 757 नए मामले सामने आए, तो वहीं देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 249 नए मामले सामने आए. 

दिल्ली/मुंबई: देश में कोरोना एक बार फिर अपना कहर बरपा रहा है. ऐसे में दिल्ली और मुंबई में शनिवार को कोरोना वायरस के कई मामले सामने आए. जहां मुंबई में शनिवार को 757 नए मामले सामने आए, तो वहीं देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण के 249 नए मामले सामने आए. देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार पांचवे दिन संक्रमण के दैनिक मामलों में बढ़ोतरी हुई है. जबकि दिल्ली में 13 जून के बाद से अब तक प्रतिदिन सामने आने वाले मामलों की यह सर्वाधिक संख्या है.

मुंबई में नहीं हुई कोरोना के कारण किसी की मौत

आपको बता दें मुंबई में शनिवार को संक्रमण के कारण किसी की भी मौत नहीं हुई है. आंकड़ों के अनुसार यहां सोमवार को 204, मंगलवार को 327, बुधवार को 490, गुरुवार को 602 और शुक्रवार को 683 नए मामले सामने आए थे. इसी के साथ मुंबई में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 7,70,190 हो गई है जबकि मरने वालों की तादाद 16,368 पर स्थिर है. इसमें कहा गया है कि शनिवार को 280 मरीज संक्रमण से ठीक हुए हैं जिसके बाद संक्रमण मुक्त होने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 7,47,538 हो गई है. स्वास्थय विभाग के अनुसार मुंबई में फिलहाल कोरोना के 3,703 मरीजों का इलाज चल रहा है.

दिल्ली में बढ़ी संक्रमण दर

कोरोना से बढ़ते मामले राष्ट्रीय राजधानी में भी चिंता का विषय हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में महामारी से 1 मरीज की मौत हो गई और संक्रमण की दर बढ़कर 0.43% हो गई. दिल्ली में कोविड-19 से अब तक 25,104 मरीजों की मौत हो चुकी है. आंकड़ों के अनुसार, 13 जून को 255 मामले सामने आए थे, संक्रमण की दर 0.35% थी और उस दिन 23 मरीजों की मौत दर्ज की गई थी.

दिसंबर में ही इतने मरीजों ने तोड़ा दम

विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में अब तक संक्रमण के कुल 14,43,062 मामले सामने आ चुके हैं और 14.17 लाख से ज्यादा लोग कोविड से पीड़ित होने के बाद ठीक हो चुके हैं. दिसंबर में अब तक महामारी से 6 मरीजों की मौत हुई है.

ओमिक्रॉन: चुनावी रैलियों पर लगाई जाएगी रोक? सरकार ने दिया ये जवाब

Corona Omicron Updates: दुनिया में कोरोना की चौथी लहर शुरू होने के बाद अब देश में चुनावी रैलियों पर रोक की मांग उठने लगी है. अब इस मुद्दे पर सरकार ने जवाब दिया है. 

Corona Omicron Updates: यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में कोरोना (Coronavirus) की चौथी लहर का प्रकोप शुरू हो गया है. इन देशों में हर दिन कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें डेल्टा और ओमिक्रॉन वेरिएंट दोनों के मामले हैं. विदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार भी लगातार अपनी तैयारियों को चाकचौबंद करने में जुटी है. 

‘कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू की सलाह’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि हालात को देखते हुए कई राज्यों को नाइट कर्फ्यू लगाने की सलाह दी गई है. साथ ही उनसे जिला स्तर पर टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट पर जोर देने की अपील की गई है. क्या कोरोना (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार चुनावी रैलियों पर रोक लगाएगी, इस सवाल पर स्वास्थ्य सचिव ने घुमा-फिराकर जवाब दिया. 

‘चुनावी रैलियों के लिए जारी किए गए मानक’

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, ‘सरकार ने 21 दिसंबर को सभी राज्यों के लिए मानक टेंपलेट जारी किए हैं. इन टेंपलेट में राज्यों को समझाया गया है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कैसे करवाना है. उसमें यह भी बताया गया है कि जिन कार्यक्रमों में बड़ी मात्रा में भीड़ उमड़ती है, वहां पर कैसे रेगुलेट किया जाना है. यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिलों में पॉजिटिविटी रेट को कम रखने के लिए कैसे काम किया जाए.’

‘दुनिया में कोरोना की चौथी लहर’

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि दुनिया में ओमिक्रॉन (Omicron) आने से कोरोना (Coronavirus) की चौथी लहर चल रही है. ऐसे में हमें सावधानी बरतनी है. वहां पर 6.1 प्रतिशत कोरोना पॉजिटिविटी रेट दर्ज की जा रही है. इसकी तुलना में भारत में फिलहाल 1 प्रतिशत से भी कम पॉजिटिविटी रेट चल रही है. इस लिहाज से हम अभी बेहतर स्थिति में हैं लेकिन भविष्य के लिए तैयारियां रखनी जरूरी हैं. 

उन्होंने कहा कि देश में केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, वेस्ट बंगाल और मिज़ोरम में कोरोना के केस सबसे ज्यादा हैं. केरल में 6.1% और मिज़ोरम में 8.2% पॉजिटिविटी रेट दर्ज किए जा रहे हैं. 

‘बूस्टर डोज से भी नहीं मिलेगी मुक्ति’

वहीं WHO की माने तो कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट (Corona Omicron Updates) डेल्टा की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है. कोरोना वेरिएंट में 3 दिनों में ओमिक्रॉन के मामले बढ़ जाते हैं. WHO का कहना है कि अगर लोग बूस्टर डोज लगवा लेते हैं तो भी उन्हें कोरोना से मुक्ति मिलने वाली नहीं है. इससे बचने के लिए लोगों को भीड़भाड़ से बचना चाहिए. 

Omicron संकट बढ़ने से पहले मिली बड़ी कामयाबी, भारत में यहां हुआ 100 फीसदी टीकाकरण..

Andaman Nicobar Islands में वैक्सीनेशन पूरा करना बड़ी चुनौती थी क्योंकि यहां 800 से ज्यादा आईलैंड हैं और ज्यादातर इलाका जंगली है. यहां मौसम भी ज्यादातर खराब रहता है.

पोर्ट ब्लेयर: अंडमान निकोबार द्वीप समूह (Andaman Nicobar Islands) में 100 फीसदी वैक्सीनेशन (Vaccination) पूरा हो गया है. अंडमान निकोबार द्वीप समूह पहला ऐसा केंद्रशासित प्रदेश (Union Territories) बन गया है, जहां वैक्सीनेशन सबसे पहले पूरा हुआ. केंद्रशासित प्रदेश के प्रशासन ने दुनिया के सबसे दूरस्थ हिस्से में से एक में इस असाधारण उपलब्धि के लिए दुर्गम बाधाओं को पार किया.

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कब शुरू हुआ था वैक्सीनेशन?

अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 16 अगस्त 2021 को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था. सबसे पहले मेडिकल स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की डोज दी गई थी.

वैक्सीनेशन पूरा करना थी बड़ी चुनौती

गौरतलब है कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह में वैक्सीनेशन को पूरा करना बड़ी चुनौती थी. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 836 आईलैंड हैं, जो उत्तर से दक्षिण तक 800 किलोमीटर में फैले हुए हैं. यहां समुद्र, बेहद घने जंगल और पहाड़ियां हैं. यहां मौसम अक्सर खराब रहता है.

भारत में इतने वयस्कों को लग चुकी है वैक्सीन

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में 87 फीसदी वयस्कों को कोविड वैक्सीन की एक वैक्सीन लग चुकी है. वहीं 56 प्रतिशत से ज्यादा लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके हैं.

जान लें कि देश पर कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बना हुआ है. नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल पैनल ने अनुमान जताया है कि अगले साल फरवरी में भारत में कोरोना की तीसरी लहर पीक पर थी. Omicron की वजह से भारत में कोविड-19 की तीसरी लहर आएगी. Omicron वैरिएंट जल्द ही डेल्टा वैरिएंट की जगह ले लेगा.

शीत लहर का कहर! सर्दी तोड़ेगी सारे रिकॉर्ड, IMD ने दी कड़ाके की ठंड की चेतावनी..

मौसम विभाग ने सर्दी को लेकर चेतावनी जारी की है. जल्द ही पारा नीचे गिर जाएगा. लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा है.

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के अनुसार, अगले पांच दिनों में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), गुजरात (Gujarat) के कुछ हिस्सों और उत्तरी राजस्थान में शीत लहर (Cold Wave) से गंभीर शीत लहर की स्थिति रहने का अनुमान है. आईएमडी ने बताया कि अगले चार से पांच दिनों में उत्तर पश्चिम भारत के ज्यादातर हिस्सों, इससे सटे मध्य भारत और गुजरात के हिस्सों में तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है. पूर्वी भारत के ज्यादातर हिस्सों और महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है.

मौसम विभाग ने दी चेतावनी

आईएमडी ने एक बयान में बताया, ‘17 दिसंबर से 21 दिसंबर के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, सौराष्ट्र और कच्छ में, 18 से 21 दिसंबर तक उत्तरी राजस्थान में 19 से 21 दिसंबर के बीच, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और 19 और 20 दिसंबर के बीच गुजरात में शीत लहर, गंभीर शीत लहर की स्थिति बनने का अनुमान है.’

दिल्ली में 2-3 दिन में पारा गिरने का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री नीचे 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में कोहरा छाया रहेगा. दिल्ली में राष्ट्रीय राजधानी में मौसम सर्द रहने के साथ ही न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में पारा और कुछ डिग्री गिरने का अनुमान है. वहीं, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया गया.

बेहद खराब श्रेणी में वायु गुणवत्ता

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को भी वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रही. दिल्ली में शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 368 दर्ज किया गया, जबकि बुधवार को ये 363 था. 0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 और 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है.

ओमिक्रॉन: यहां मिले नए वेरिएंट के 8 मरीज, किसी ने नहीं की थी विदेश यात्रा..

इन आठ लोगों में सात को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है और उनके लार के नमूने दिसंबर के पहले हफ्ते में जांच के लिए ले लिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सभी संक्रमित 24 से 41 आयु वर्ग में हैं.

मुंबई: देश में ओमिक्रॉन लगातार अपने पैर पसार रहा है और विदेश से लौटे कई लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. लेकिन अब महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट के आठ नए मामले सामने आए हैं और किसी भी मरीज ने हाल में विदेश यात्रा नहीं की है. 

राज्य में अब तक 28 संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग ने एक बुलेटिन में बताया कि नये मामलों के साथ ही सार्स-सीओवी-2 के नए वेरिएंट से संक्रमित होने वालों की संख्या राज्य में बढ़कर 28 हो गई है. इनमें से सात मामले मुंबई में सामने आए और संक्रमितों में तीन महिलाएं शामिल हैं.

स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया, ‘पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) की ओर से आज दी गई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में आठ और मरीज ओमिक्रॉन से संक्रमित पाए गए हैं. इनमें से सात मरीज मुंबई के हैं और एक मरीज वसई-विरार (मुंबई की एक छोटी बस्ती) का है.

सात को लग चुकी है कोरोना वैक्सीन

उसमें कहा गया कि इन आठ लोगों में सात को कोरोना वैक्सीन लग चुकी है और उनके लार के नमूने दिसंबर के पहले हफ्ते में जांच के लिए ले लिए गए हैं. विभाग ने बताया कि सभी संक्रमित 24 से 41 आयु वर्ग में हैं. उसने बताया कि आठ में से तीन में लक्षण नहीं दिख रहे हैं, जबकि पांच में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं.

बुलेटिन में कहा गया, ‘प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, इनमें से कोई भी दूसरे देश से नहीं लौटा है.’ बुलेटिन में कहा गया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित लोगों में से एक ने बेंगलुरु की यात्रा की थी, जबकि अन्य ने नई दिल्ली का दौरा किया था.

उसमें कहा गया है कि आठ मरीजों में से दो अस्पताल में हैं और छह घरों में क्वारंटीन हैं और उनके करीबी संपर्कों का पता लगाया जा रहा है.

कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी को लेकर जारी है रिसर्च, बूस्टर डोज पर सरकार ने कही ये बात

कोरोना के खिलाफ बूस्टर डोज के जरिए इम्युनिटी बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि नेशनल कोविड वैक्सीनेशन एक्सपर्ट ग्रुप वैक्सीन का डोज शेड्यूल और बूस्टर डोज को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों पर अभी रिसर्च कर रहे हैं.

नई दिल्ली: कोरोना से लड़ने के लिए बॉडी में एंटीबॉडी कितने दिन तक रह सकती है, इसे लेकर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अन्य मुल्कों में भी रिसर्च चल रही है. सरकार ने राज्य सभा में बताया कि इस बारे में वैज्ञानिक सबूत अभी जुटाए जा रहे हैं. 

वैज्ञानिक कर रहे हैं रिसर्च

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्य सभा को बताया कि कोरोना एंटीबॉडी की स्थिरता की अवधि को समझने के लिए भारत और विदेश में कई रिसर्चर्स और वैक्सीन उत्पादकों की ओर से किए गए हैं. इस संबंध में वैज्ञानिक साक्ष्य अब भी विकसित हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि एंटीबॉडी के अतिरिक्त, ‘सेल्यूलर’ या ‘टी सैल’ एंटीबॉडी मैकेनिज्म को भी वैक्सीनेशन के जरिए तैयार किया जाता है. यह संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा देने में काफी अहम होता है. मंत्री ने कहा कि दिसंबर, 2021 तक, राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों ने कोरोना के कारण कुल 4,69,724 मौतों (वरिष्ठ नागरिकों सहित) की सूचना दी है.

बूस्टर डोज पर कही ये बात

बूस्टर डोज के जरिए इम्युनिटी बढ़ाने को लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एटीएजीआई) और नेशनल कोविड वैक्सीनेशन एक्सपर्ट ग्रुप वैक्सीन का डोज शेड्यूल और बूस्टर डोज को लेकर वैज्ञानिक साक्ष्यों पर अभी रिसर्च कर रहे हैं.

Omicron साउथ अफ्रीका से 8 हजार किमी दूर भारत में इतनी जल्दी कैसे फैला? कहां हुई चूक

Omicron Coronavirus New Variant: कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से भारत में दहशत है. रविवार को भारत के अलग-अलग राज्यों में Omicron के 17 केस पाए गए. Omicron को लेकर पूरे देश में अलर्ट है.

नई दिल्ली: Coronavirus के नए वैरिएंट Omicron का खतरा भारत में किस कदर बढ़ रहा है इसका अंदाजा आप आंकड़ों से लगा सकते हैं. सबसे पहले कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरु (Bengaluru) में Omicron के 2 केस मिले थे. लेकिन अब एक दिन में Omicron के 17 मामलों की पुष्टि हुई है. Omicron से निपटने के लिए सरकार की ओर से तमाम उपाय किए जा रहे हैं. कोशिश यही है कि इस वायरस को किसी भी तरह से फैलने से रोका जाए.

भारत के कई राज्यों में मिले Omicron के केस

एक दिन में 17 नए केस, जी हां कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए वैरिएंट Omicron का भारत में यही सच है. और ये आंकड़ा बता रहा है कि भले ही हम इसे रोकने के लिए कितनी भी कोशिशे करें, ये दबे पांव देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी पहुंच बनाता जा रहा है. 8 हजार किलोमीटर दूर साउथ अफ्रीका से भारत आकर Omicron देश में तेजी से फैल रहा है.

राजस्थान में Omicron के 9 केस मिलने से हड़कंप

सबसे ताजा मामला राजस्थान के जयपुर का है. यहां पर 9 सैंपल में Omicron की पुष्टि हुई है. चिंता की बात ये है कि इनमें से 4 लोग एक ही परिवार के हैं. ये लोग 25 नवबंर को दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से लौटे थे. राजस्थान सरकार के मुताबिक फिलहाल कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (Contact Tracing) का काम जारी है.

महाराष्ट्र में मिले Omicron के 7 मामले

वहीं महाराष्ट्र में Omicron के 7 नए केस मिले हैं. नए संक्रमितों में 44 साल की भारतीय मूल की नाइजीरियाई महिला भी है. वो अपनी 12 साल और 18 साल की 2 बेटियों के साथ 24 नवंबर को पुणे से सटे पिंपरी चिंचवड़ में अपने भाई से मिलने नाइजीरिया के लेगास से आई थी. इनके परिवार के 6 लोग Omicron से संक्रमित हो गए हैं. खास बात ये है कि इन 6 लोगों में से 3 लोगों की उम्र 18 साल से कम है और इन्होंने कोरोना की वैक्सीन नहीं ली है. वहीं Omicron का 7वां मामला पुणे से है. 47 साल का एक शख्स 25 नवंबर को फिनलैंड से भारत लौटा था. 29 नवंबर को उसकी जांच की गई और रिपोर्ट पॉजिटिव आई. डोंबिवली में एक केस पिछले हफ्ते ही मिल चुका था.

बता दें कि वैक्सीनेशन पर आज (सोमवार को) दिल्ली में राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को वैक्सीन की अतिरिक्त डोज के अलावा बच्चों की वैक्सीन पर चर्चा हो सकती है. वहीं जानकारों का कहना है कि तेलंगाना में जनवरी-फरवरी के बीच कोरोना केस बढ़ सकते हैं.

कोरोना के Omicron वैरिएंट पर लगातार स्टडी जारी है. हालांकि अब तक जो जानकारी सामने आई है उसके आधार पर एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इसके नेचर को समझने में कुछ समय और लगेगा. तब तक बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेसिंग ही एक मात्र विकल्प है.

महाराष्ट्र के बाद अब इस राज्य में मिले ओमिक्रॉन के 9 मरीज, देश में कुल 21 मामले

जयपुर में जीनोम सीक्वेंसिंग से 9 व्यक्तियों में ओमीक्रोन वायरस (Omicron) मिलने की पुष्टि हुई है. विभाग ने कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संपर्क में आए व्यक्तियों को आइसोलेट कर दिया है. 

जयपुर: ओमिक्रॉन के मामले बढ़ते जा रहे हैं. महाराष्ट्र के बाद अब जयपुर में 9 लोगों में दक्षिण अफ्रीका के ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है. इनमें से 4 लोग दक्षिण अफ्रीका से लौटे थे व अन्य 5 इनके संपर्क में ते. सभी 9 सैंपल में ओमिक्रॉन की पुष्टि हुई है. फिलहाल सभी का इलाज चल रहा है, सभी की हालत सामान्य बताई जा रही है. 

महाराष्ट्र में भी मिल चुके हैं मामले

इससे पहले महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के 7 और मामले सामने आए हैं. जिसमें पिंपरी में 6 और पुणे में 1 और मामला दर्ज किया गया है. इसके साथ महाराष्ट्र में अब तक कुल 8 मामले हैं. गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में ही देखने को मिला था. एक साथ 7 मामले सामने आने से पूरे देश में हड़कंप मच गया और जयपुर में भी नए केसेज आने से टेंशन और बढ़ गई है.

जीनोम सीक्वेंसिंग में हुई पहचान

राजस्थान में दक्षिण अफ्रीका से आए परिवार की जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट में 9 व्यक्ति कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron) से संक्रमित पाए गए हैं. चिकित्सा सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि विभाग ने दक्षिण अफ्रीका से आए परिवार को पूर्व में ही आरयूएचएस में भर्ती करवा दिया था. उनके संपर्क में आए 5 अन्य लोग भी संक्रमित पाए गए हैं, इन्हें भी आरयूएचएस में एडमिट किया जा रहा है.

34 लोग आए संपर्क में

चिकित्सा सचिव ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से आए परिवार सहित उनके सम्पर्क में आए 34 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 9 लोग कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि बाकी 25 लोग नेगेटिव हैं. उन्होंने बताया कि परिवार के संपर्क में सीकर जिले के अजीतगढ़ का एक परिवार भी आया था. विभाग ने सीकर में उन सभी 8 लोगों की भी ट्रेसिंग की, वे सभी कोरोना नेगेटिव पाए गए हैं.

कांटेक्ट ट्रेसिंग जारी

वैभव गालरिया ने बताया कि सम्पर्क में आए सभी लोगों की व्यापक स्तर पर कांटेक्ट ट्रेसिंग कर सैंपल लिए जा रहे हैं. गालरिया ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका से आए परिवार के जयपुर में आने के बाद से ही विभाग पूरी तरह सक्रिय था व लगातार इनकी मॉनिटरिंग की जा रही थी. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा सघन काट्रेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है. संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर इलाज शुरू कर दिया जाएगा.

कोरोना: जल्द मिलना शुरू हो जाएगी बूस्टर डोज? इस कंपनी ने मांगी मंजूरी

हाल ही में, केरल, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ ने केंद्र से आग्रह किया है कि वह SARS-CoV-2 के नए वैरिएंट  ‘Omicron’ के खतरे को देखते हुए बूस्टर डोज की परमीशन देने पर निर्णय करें.  

नई दिल्ली: सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने देश में वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक का हवाला देते हुए बूस्टर डोज के रूप में कोविशील्ड (Covishield) के लिए भारत के ड्रग रेगुलेटर से मंजूरी मांगी है. सूत्रों के मुताबिक सीरम इंस्टिट्यूट ने कोरोना वायरस के नए वैरिएंट से निपटने के लिए बूस्टर शॉट की जरूरत बताई है.

UK में मिल चुकी है मंजूरी

भारत के डीसीजीआई को भेजे एक आवेदन में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कहा, यूके की दवाएं और हेल्थ केयर प्रोडक्ट रेगुलेटर ने पहले ही बूस्टर डोज को मंजूरी दे दी है. वहां एस्ट्राजेनेका ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जा रही है. एक आधिकारिक सूत्र ने डीसीजीआई प्रकाश कुमार सिंह के हवाले से कहा, ‘हमारे देश के लोगों के साथ-साथ अन्य देशों के नागरिक जिन्हें पहले ही कोविशील्ड की दोनों डोज लग चुकी हैं वे लगातार बूस्टर डोज की मांग कर रहे हैं.’ 

ये राज्य कर चुके हैं मांग

डीसीजीआई ने कहा कि यह समय की मांग है और प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य के अधिकार की बात है कि वे इस महामारी से खुद को बचाने के लिए तीसरी खुराक/बूस्टर डोज से वंचित नहीं रहें. इससे पहले केंद्र सरकार ने संसद में बताया  कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह बूस्टर डोज की जरूरत के वैज्ञानिक प्रमाणों पर विचार कर रहे हैं. हाल ही में, केरल, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ ने केंद्र से आग्रह किया है कि वह SARS-CoV-2 के नए वैरिएंट  ‘Omicron’ के खतरे को देखते हुए बूस्टर डोज की परमीशन देने पर निर्णय करें.

कोर्ट भी कह चुका है ये बात

दूसरी तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने 25 नवंबर को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह उन लोगों को बूस्टर डोज देने पर अपना रुख स्पष्ट करे. कोर्ट ने कहा था कि वह दूसरी लहर जैसी स्थिति नहीं चाहता इसलिए  जिन्हें कोरोनो वायरस वैक्सीन की दोनों डोज मिल चुकी हैं उन्हें तीसरी डोज दी साकती है कि इस बाबत सरकार अपना रुख साफ करे.

CBSE Exams: प्राइवेट स्टूडेंट्स के लिए बड़ी घोषणा, एग्जाम के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

CBSE Board 12th Exams 2022 Important updates: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बताया है कि 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के लिए शामिल होने वाले प्राइवेट कैंडिडेट्स (Private Candidates) गुरुवार यानी 2 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. बोर्ड इन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करेगा.

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा 2022 (CBSE Board Exams 2022) के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है और बताया है कि 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षा के लिए शामिल होने वाले प्राइवेट कैंडिडेट्स (Private Candidates) गुरुवार यानी 2 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. सीबीएसई (CBSE) इन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करेगा.

ये स्टूडेंट दे सकते हैं एग्जाम (Who will Participate in Exam)

सीबीएसई (CBSE) के निर्देशों के मुताबिक 2021 में फेल हुए छात्रों के साथ-साथ पास होने वाले स्टूडेंट्स भी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं, जो किसी एक या एक से अधिक विषयों में अपने नंबर में सुधार करना चाहते हैं. सीबीएसई ने कहा है कि इन श्रेणियों के छात्रों के लिए परीक्षा केवल टर्म 2 के पाठ्यक्रम के आधार पर आयोजित की जाएगी.

स्टूडेंट्स को दिया जाएगा फ्रेश रोल नंबर (CBSE Exam Roll Number)

बोर्ड परीक्षा 2022 में शामिल होने वाले सभी प्राइवेट स्टूडेंट्स को नया रोल नंबर दिया जाएगा. सीबीएसई ने कहा कि परीक्षा में उपस्थित होने वाले स्टूडेंट्स को नए रोल नंबर आवंटित किए जाएंगे. किसी भी स्थिति में उम्मीदवारों को पिछले साल के रोल के साथ परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी.’

रजिस्ट्रेशन की आखिरी तिथि (CBSE Exam Last Day Registration)

प्राइवेट स्टूडेंट्स (Private Students) के लिए सीबीएसई परीक्षा 2022 के लिए रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर 2021 है. स्टूडेंट्स 30 दिसंबर तक प्रति उम्मीदवार 2000 रुपये की विलंब शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

चल रही हैं सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षाएं (CBSE 10th, 12th Exam Date)

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की टर्म 1 बोर्ड परीक्षा (CBSE Class 10th and 12th Term 1 Board Exam) पहले से चल रही है. 10वीं क्लास की परीक्षा 17 नवंबर से शुरू हो चुकी हैं, जबकि 12वीं क्लास की परीक्षा 16 नवंबर से (CBSE Class 10 And 12 Term-1 Exam) शुरू हुई थीं. 10वीं क्लास के छात्रों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं 30 नवंबर से 11 दिसंबर 2021 तक चलेंगी, जबकि 12वीं क्लास के छात्रों की मुख्य विषयों की परीक्षाएं एक दिसंबर से 22 दिसंबर तक चलेंगी. वहीं प्रैक्टिकल परीक्षाएं 30 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच आयोजित करानी होगी.

अफ्रीकी कोरोना वायरस से मची खलबली, केंद्र ने राज्यों को लिखी चिट्ठी; अलर्ट जारी

Coronavirus New Variant: केंद्र सरकार ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दक्षिण अफ्रीका, हॉन्ग-कॉन्ग और बोत्सवाना से सीधे आने वालों की कड़ी जांच की जाए. उनकी स्क्रीनिंग हो. राज्य सरकारें अलर्ट रहें.
 

नई दिल्ली: नए अफ्रीकी कोरोना वायरस (African Coronavirus) वेरिएंट B.1.1529 से खलबली मच गई है. केंद्र सरकार ने देश में अलर्ट जारी किया है. केंद्र सरकार ने भी राज्यों को चिट्ठी लिखी है. केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किया है कि एयरपोर्ट्स पर कड़ी जांच हो. दक्षिण अफ्रीका (South Africa), बोत्सवाना (Botswana) और हॉन्ग कॉन्ग (Hong Kong) में नए वेरिएंट (New Variant) से डर है. सिंगापुर (Singapore) ने दक्षिण अफ्रीका और आसपास के देशों से यात्रा पर सशर्त रोक लगाई है.

यहां मिला कोरोना का नया वेरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि नया वेरिएंट (Variant) मिला है. दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस नए म्यूटेशन (Mutation) के साथ मिला है. Covid-19 के Variant के अभी तक 100 जीनोम सीक्वेंस मिले हैं. उनपर शोध जारी है. अभी इस नतीजे पर पहुंचना मुश्किल है कि नया म्यूटेशन (Mutation) कितना खतरनाक है और उसका हमारे इम्यून सिस्टम पर क्या असर होगा?

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने क्या कहा?

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कोरोना वायरस वेरिएंट B.1.1529 पर कुछ कह पाना संभव होगा. फिलहाल इसको VE टैग दिया गया है. आगे Variant Of Concern जैसा होगा उस हिसाब से इसको ग्रीक नाम दिया जाएगा. फिलहाल यही कहा जा सकता है कि इसका प्रसार रोका जाना चाहिए क्योंकि ये जितना प्रसारित होगा, उतना ही म्यूटेट (Mutate) होगा. अपनी वैक्सीन डोज लें और सुरक्षित रहें.

केंद्र सरकार ने जारी किए निर्देश

केंद्र सरकार ने राज्यों को अलर्ट किया है. सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की कड़ी जांच करें. दक्षिण अफ्रीका, हॉन्ग-कॉन्ग और बोत्सवाना से सीधे आने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग की जाए. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को चिट्ठी भेजी है.

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डीडीएमए (DDMA) की बैठक बुलाई है. नए कोविड वेरिएंट (Covid Variant) को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने DDMA से Presentation तैयार करने को कहा है. सोमवार को DDMA अपने Presentation में तरीके और तैयारी के बारे में बताएगा.

UP-UK के बीच इन मुद्दों पर था 21 साल से विवाद, CM योगी और धामी ने मिनटों में निपटाया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश का पड़ोसी राज्य उत्तराखंड से 21 साल पुराना संपत्ति विवाद गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने चंद मिनटों में निपटा दिया. लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से साथ भेंट के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 साल से लंबित मामले को उठाया. इसके बाद दोनों राज्यों के अधिकारियों ने दोनों मुख्यमंत्रियों के सामने सारे विवाद को निपटा दिया. 

क्या था 21 साल पुराना विवाद?

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच में 21 साल से जो मामले लंबित पड़े थे, उन पर अब सहमति बनी है. हमारे सिंचाई विभाग की 5,700 हेक्टेयर भूमि पर दोनों राज्यों का संयुक्त रूप से सर्वे होगा. इसमें से जो भी जमीन यूपी के काम की है, वह यूपी को मिल जाएगी, बाकी की जमीन हम ले लेंगे. आपको बता दें कि यूपी और उत्तराखंड के बीच में अब संपत्ति का बंटवारा होगा. यूपी सरकार अब भारत-नेपाल सीमा पर बनबसा का बैराज का पुनर्निर्माण और किच्छा के बैराज का निर्माण भी कराएगी.

15 दिन में होगी दोनों राज्यों की बैठक

धामी ने बताया कि यूपी ने वाटर स्पोर्टस को शुरू करने की अनुमति दे दी है और इसके लिए अनापत्ति की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके साथ ही अन्य कुछ मुद्दों को निपटाने के लिए यूपी ने 15 दिन का समय मांगा है. पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सिंचाई विभाग की 5,700 हेक्टेयर भूमि और 1,700 आवासों को लेकर सहमति बनी है. 15 दिन में दोनों राज्य के अधिकारियों की बैठक होगी. तब सर्वे के बाद यूपी की जरूरत की संपत्ति उसे दे दी जाएगी.