Delhi excise policy 2021-22: आबकारी नीति को बनाने में मत्रियों के समूह ने जो फैसले लिये उसमें उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं ली गई थी. इसके अलावा आबकारी विभाग ने शराब व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के जो फैसले लिये वो भी बिना किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी के किया गया. 

FIR on Manish Sisodia: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की है. सिसोदिया के अलावा 12 आरोपी और दो कंपनियों के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर छापेमारी की गई है. यह छापेमारी दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ, बैंगलुरु में 31 जगहों पर की गई. इस छापामारी में सीबीआई ने जांच से जुड़े दस्तावेज जब्त किये हैं. सीबीआई ने 17 अगस्त को मनीष सिसोदिया और तत्कालीन आबकारी विभाग के कमिश्नर आरवा गोपी कृष्णा समेत 15 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इसमें चार सरकारी अधिकारी, शराब व्यापारी और 2 कंपनियां शामिल हैं.

घोटाले में शामिल अफसर और कारोबारी

दरअसल यह मामला दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में हुए भ्रष्टाचार से जुड़ा है जिसकी जांच पहले दिल्ली के LG वीके सक्सेना ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी से करवाई थी. 8 जुलाई 2022 को दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी ने दिल्ली के उपराज्यपाल को अपनी जांच सौंपी जिसमें बताया कि कैसे दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में सरकार ने कुछ लोगों को फायदा पहुंचाया है. इस घोटाले में आबकारी नीति को बनाने वाले कुछ अधिकारियों के साथ शराब का लाइसेंस लेने वाले लोग शामिल थे. उपराज्यपाल ने जो चिट्ठी लिखी, उसमें बताया गया कि कैसे कोरोना काल में सरकार ने शराब व्यापारियों को कोविड के नाम पर 144 करोड़ की छूट दे दी थी जबकि दिल्ली के लोगों को सबसे ज्यादा मदद की जरूरत थी.

आबकारी नीति को बनाने में मत्रियों के समूह ने जो फैसले लिये उसमें उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं ली गई थी. इसके अलावा आबकारी विभाग ने शराब व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के जो फैसले लिये वो भी बिना किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी के किया गया. इसी के बाद उपराज्यपाल ने 20 जुलाई को भारत सरकार के गृह सचिव को चिट्ठी लिख इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने 22 जुलाई को जांच के लिये सीबीआई को नोटिफिकेशन जारी किया था.

सीबीआई की जांच में हुए खुलासे

सीबीआई में जो मामला दर्ज किया उसके मुताबिक M/s Only Much Louder के पूर्व सीईओ विजय नायर, M/s Pernod Ricard के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, M/s Brindco Spirits के मालिक अमनदीप ढाल और M/s Indo Spirits के मालिक समीर महेंद्रू इस आबकारी नीति को अधिकारियों के साथ मिलकर बनाने में शामिल थे. इसके अलावा M/s Buddy Retail Pvt Ltd के डायरेक्टर अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे मनीष सिसोदिया के काफी करीबी हैं और शराब माफियाओं से पैसों को लेकर इन सरकारी अधिकारियों तक पहुंचा रहे थे.

जांच में पता चला कि M/s Indo Spirits के मालिक समीर महेंद्रू ने मनीष सिसोदिया के करीबी दिनेश अरोड़ा की कंपनी M/s Radha Industries के UCO Bank के खाते 10220210004647 में 1 करोड़ रुपये जमा किये. यानी दिनेश अरोड़ा के जरिये पैसे सरकारी अधिकारियों तक पहुंचाये गए. इसके अलावा अर्जुन पांडे ने भी समीर महेंद्रू से 2 से 4 करोड़ रुपये लिये जो विजय नायर की तरफ से दिये गये थे. अर्जुन पांडे भी मनीष सिसोदिया के करीबी हैं.

सरकारी अफसरों को पहुंचाया फायदा

इसके अलावा जांच में पता चला कि M/s Mahadev Liquors के अधिकारी सन्नी मारवाह भी इन सरकारी अधिकारियों के काफी करीबी हैं और सरकारी अधिकारियों को लगातार फायदे पहुंचाते रहे हैं. सन्नी मारवाह पोंटी चड्ढा की कंपनियों में भी डायरेक्टर हैं. हालांकि पोंटी चढ्ढा की मौत के बाद ये कंपनियां अब पोंटी चढ्ढा का परिवार संभालता है.

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