1 Rupee House Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) केवल एक रुपये में सरकारी कर्मचारियों को मकान देने जा रही है. इस स्कीम का मसौदा तैयार कर लिया गया है. जल्द ही इस योजना पर अमल यानी काम शुरू कर दिया जाएगा. जानकारों का मानना है कि यूपी में अगले साल होने जा रहे चुनावों (UP Election 2022) के लिए ये स्कीम भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का मास्टर स्ट्रोक हो सकती है.

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव 2022 (UP Election 2022) से पहले सूबे की जनता के लिए सौगातों का पिटारा खोल रही है. इसी सिलसिले में अब बारी आई है सरकारी कर्मचारियों और वकीलों की. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सरकार नई स्कीम के तहत लाखों सरकारी कर्मचारियों और वकीलों को सब्सिडी पर घर देगी. वह भी केवल एक रुपये में.

CM योगी का मास्टर स्ट्रोक!

दरअसल यूपी सरकार ग्रुप सी और डी के लाखों कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को सब्सिडी पर घर उपलब्ध कराने जा रही है. इन मकानों के खरीदारों से जमीन का नाममात्र मूल्य केवल 1 रुपये लिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक उच्चाधिकारियों की बैठक में इन योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है. हाई लेवल से मिली मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास कराया जाएगा. उसके बाद ही हजारों कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा.

इस शर्त पर मिलेगा मकान

आपको बता दें कि एक रुपये में मिलने वाले इन बेहतरीन घर के खरीदारों को यह सुविधा सिर्फ इस शर्त पर मिलेगी कि वो इसे अगले 10 साल तक नहीं बेच पाएंगे. गौरतलब है कि अभी तक ग्रुप सी और डी के कर्मचारियों को छूट पर मकान देने की कोई व्यवस्था नहीं है. ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार का यह फैसला सरकारी कर्मचारियों और उनके परिजनों को जमकर पसंद आ सकता है.

आपको बताते चलें कि ग्रुप C और ग्रुप D के कर्मचारी और ऐसे अधिवक्ता जिनके पास अधिक आय नहीं है, जिसके चलते उन्हें घर पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए इन्हें छूट पर मकान देने पर विचार-विमर्श कर मसौदा तैयार किया गया है.

यूं तय होंगे पात्रता के नियम

इन एक रुपये वाले मकानों को देने की प्रक्रिया क्या होगी और कैसे की जाएगी, इस पर शुरुआती दौर की बातचीत में काफी हद तक सहमति बनी है. इन घरों के आवंटन के लिए पात्रता मानदंड बाद में तय किए जाएंगे. वहीं पात्र लोगों को मकान देने के लिए उनका संबंधित विभाग ही नोडल होगा. वहीं अधिवक्ता एवं कार्मिक न्याय विभाग को ग्रुप सी व डी कर्मियों के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है.

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