India Nepal Border: भारत-नेपाल सीमा पर पाकिस्तान, कतर और तुर्की करोड़ों की फंडिंग कर मस्जिद और मदरसों का निर्माण कर रहे हैं. इसके साथ ही नेपाल को मुस्लिम देश बनाने की बड़ी साजिश का भी खुलासा हुआ है.

India Nepal Border News: नेपाल-भारत के सीमाई क्षेत्रों में सैकड़ो की संख्या में नई-नई मस्जिदें और मदरसे बन रहे हैं. सीमा पर हो रहे ये बदलाव भारत के साथ-साथ नेपाल के अंदर भी देखे जा रहे हैं. सवाल ये है कि इन मस्जिदों और मदरसों के लिए कौन फंडिंग कर रहा है? सीमा पर बन रही मस्जिदों और मदरसों की फंडिंग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. ज़ी मीडिया के पास मौजूद Exclusive दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि भारत से सटे नेपाल के बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान, तुर्की और कतर जैसे देशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग हो रही है.

500 करोड़ रुपये की फंडिंग!

भारत-नेपाल सीमा के दोनों हिस्सों में फंडिंग का इस्तेमाल मदरसा, मस्जिद और धर्म परिवर्तन के लिए हो रहा है. सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक महज दो सालों के भीतर ही नेपाल में  पाकिस्तान, तुर्की, कतर और दूसरे गल्फ देशों से 500 करोड़ रुपये की फंडिंग की जानकारी सामने आई है.

किन देशों से कितनी फंडिंग?

-भारत नेपाल सीमा पर नेपाल में मस्जिद और मदरसों को बनाने के लिए अक्टूबर 2020 में तुर्की और कतर से 350 करोड़ रुपये की फंडिंग.

-अक्टूबर 2021 में मदरसे के लिए 25 करोड़ रुपये की फंडिंग पकिस्तान से.

-जनवरी 2021 में नेपाल में मदरसे के लिए कतर से 90 लाख रुपये की फंडिंग.

-फरवरी 2020 में नेपाल में 100 करोड़ रुपये की फंडिंग एक इस्लामिक संगठन ने की.

एक गांव में चार-चार मदरसे

विदेशी फंडिंग की इस साजिश की तह तक जाने के लिए हमारी टीम ने भारत नेपाल सीमा पर जाने का फैसला किया. सबसे पहले हमारी टीम नेपाल के कपिलवस्तु पहुंची, जहां रास्ते में जगह-जगह बड़ी मस्जिद और मदरसे मिले. नेपाल-भारत सीमा पर हर तरफ यही हाल है. नेपाल की सीमा से महज 5 किलोमीटर दूर एक गांव में चार-चार मदरसे मिले. गांव वालों ने बताया कि इनमें से कुछ मदरसे बिल्कुल नए हैं. गांव में सरकारी स्कूल होने के बजाय यहां इन बच्चों को मदरसों में पढ़ाया जा रहा है.

मदरसों को बनाने के लिए पैसा कहां से आ रहा?

सिद्धार्थनगर में स्थित नेपाल से सटे भारतीय इलाके में स्थित एक गांव के लोगों ने बताया कि गांव में चार मदरसा है. जिसमें से एक मदरसे के निर्माण का काम चल रहा है. मदरसों को बनाने के लिए पैसा कहां से आ रहा है? इसका गांव वाले ठीक से जवाब नहीं दे पाए. कुछ ने कहा कि गांव वाले मिलकर मदरसे का खर्च उठा रहे हैं. यहां पर चल रहे इन मदरसों को लेकर जब लोगों से विदेशी फंडिंग के बारे में जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने इससे साफ इंकार कर दिया. लोगों के मुताबिक उन्होंने अपने पैसे से इन मस्जिदों और मदरसों को बनाया है. कुछ दिनों पहले भी SSB की एक ऐसी ही रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश से सटे बॉर्डर के इलाकों के सैकड़ों की संख्या में बन रही मस्जिदों और मदरसों की संख्या पर चिंता जाहिर की गई थी. 

विदेशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग

नेपाल से सटे इलाकों में मदरसे और मस्जिद बनाने के साथ-साथ नेपाल को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की भी साजिश हो रही है. धर्मांतरण के लिए भी विदेशों से करोड़ों रुपये की फंडिंग की जानकारी सामने आई है. जिसके जरिये नेपाल में रह रहे हिन्दू आबादी को मुस्लिम धर्म में कन्वर्ट किया जा रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक गल्फ देशों में नौकरी दिलाने के साथ-साथ पैसे का लालच देकर नेपाल में लोगों का धर्मांतरण कराने की जानकारी सामने आई है. 

कहां कितने लोगों ने इस्लाम कबूल किया?

1. मोरंग-43
2. झापा-30
3. विराटनगर-78
4. सुनसारी-29
5. काठमांडू-15

सीमा पर जेहादी गतिविधियों में इजाफा?

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक सीमा पर जेहादी गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है. पाकिस्तान की ISI नेपाल से सटे भारत के इन इलाकों के जरिये आतंकियों को घुसपैठ कराने में लगी हुई है. पाकिस्तान से सटे भारत की सीमा पर कड़ी चौकसी के चलते आतंकियों के लिए सीमा पार करना अब आसान नहीं रहा. आये दिन आतंकी घुसपैठ की कोशिशों के दौरान सेना और BSF के हाथों मार गिराए जाते हैं. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठन नेपाल सीमा को अपना बेस बना रहे हैं. आतंकी उत्तर प्रदेश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं. पिछले दिनों गोरखनाथ मंदिर पर भी ऐसे ही एक हमले की साजिश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम किया था.

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