UP Politics Latest Update: हरिओम यादव ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में सपा की हार होने पर उन्होंने दो साल में पार्टी के खत्म होने की बात कही.

Hariom Yadav On SP Defeat In By-Election: मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के समधी हरिओम यादव (Hariom Yadav) ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) पर निशाना साधा है. हरिओम यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2024 तक समाप्त हो जाएगी. उन्होंने आजमगढ़ (Azamgarh) और रामपुर (Rampur) के लोकसभा उपचुनाव में सपा की हार का ठीकरा अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव पर फोड़ा. उन्होंने रामगोपाल को शकुनि भी बताया.

अपने ही गढ़ में हुई सपा की हार

जान लें कि चुनाव आयोग ने 26 जून को लोकसभा उपचुनाव के नतीजे घोषित किए. उत्तर प्रदेश में रामपुर और आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है. भारतीय जनता पार्टी ने सपा की दोनों सीटों पर कब्जा कर लिया है. रामपुर में बीजेपी के घनश्याम लोधी ने सपा प्रत्याशी मोहम्मद आसिम राजा को सीधे मुकाबले में 42,192 वोटों के अंतर से हराया.

अखिलेश के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव भी हारे चुनाव

वहीं, आजमगढ़ में बीजेपी, सपा और बीएसपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. इस सीट पर बीजेपी प्रत्याशी दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने 8,679 वोटों से जीत दर्ज की. निरहुआ को जहां 3,12,768 वोट मिले, वहीं सपा प्रत्याशी धर्मेद्र यादव को 3,04,089 वोट मिले. बीएसपी के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को 2,66,210 वोट मिले. इन सीटों पर सपा की हार को पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.

आजम खान और अखिलेश के इस्तीफे से खाली हुई थी सीट

विशेष रूप से, आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों पर पार्टी के दिग्गज नेता अखिलेश यादव और आजम खां थे. इस साल की शुरुआत में उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद अखिलेश यादव और आजम खान के इस्तीफा देने के बाद इन सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ा था.

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद पार्टी के सहयोगी दल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं. राजभर ने कहा कि वह अपने दम पर नहीं बल्कि अपने पिता मुलायम सिंह यादव की कृपा से मुख्यमंत्री बने थे. साल 2012 का विधानसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में हुआ था मगर ताज अखिलेश के सिर सजा. उन्होंने अखिलेश की नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में वर्ष 2014, 2017, 2019 और 2022 में लोकसभा व विधानसभा के जो भी चुनाव हुए, सभी में सपा हारी.

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