Presidential Candidate: क्या इस बार राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगा? अगर उम्मीदवार उतारेगा तो वह कौन होगा? कांग्रेस के एक नेता का दावा है कि उनकी पार्टी इस चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकती है.  

Presidential Candidate: चुनाव आयोग ने तो राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए तारीख का ऐलान कर दिया. जल्द ही सत्तापक्ष यानि NDA की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का ऐलान हो जायगा. लेकिन सवाल ये है कि क्या विपक्षी दल भी राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार उतारेंगे या NDA के उम्मीदवार पर ही आम सहमति बनेगी.

गुलाम नबी आजाद का नाम आया सामने

कांग्रेस पार्टी के एक सीनियर नेता के मुताबिक पार्टी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम को लेकर विपक्षी दलों में सहमति बनाने की कोशिश करेगी. कांग्रेस के नेता के मुताबिक उम्मीदवार चाहे तो कांग्रेस का होगा या फिर टीएमसी का. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लिए गुलाम नबी आजाद के नाम पर पार्टी के प्लेटफॉर्म पर चर्चा हो भी चुकी है. पार्टी के नेताओं का मानना है कि गुलाम नबी आजाद के नाम पर विपक्षी दलों में आम सहमति बनाना आसान होगा. क्योंकि आजाद लंबे समय तक राज्यसभा में विपक्ष के नेता रह चुके हैं और उनके विपक्षी नेताओं से अच्छे संबंध भी हैं. लेकिन अभी ये नाम फाइनल नहीं हुआ है.

विपक्ष मजबूती से लड़ सकता है राष्ट्रपति पद का चुनाव 

अगर कांग्रेस के नाम पर विपक्षी दलों में सहमति नहीं बनती है तो TMC से भी विपक्षी उम्मीदवार का नाम आ सकता है.  अगर उस नाम पर बाकी विपक्षी दलों की सहमति बनती है तो कांग्रेस पार्टी भी उसका समर्थन कर सकती है. कांग्रेस पार्टी को ऐसा लगता है कि ऐसी स्थिती में विपक्ष मजबूती से राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ेगा. कांग्रेस के एक सीनियर नेता का दावा है कि NDA के पास 48.5 % वोट है जबकि गैर NDA दलों के वोट की संख्या 51.5% है. सिर्फ UPA के दलों का वोट करीब 24 से 25 फीसदी के करीब हैं. सभी विपक्षी दलों को मिला लें तो ये भी करीब 47% के करीब पहुंचता है. कांग्रेस के नेता के मुताबिक सबकुछ BJD और YSR Congress के रुख पर निर्भर करेगा. क्योंकि इन दोनों दलों का वोट करीब 4% है. जो कि अगर पूरे विपक्षी दलों के एक साथ रह जाएगा तो उनकी जीत हो सकती है और अगर वो वोट NDA को मिल जाएगा तो उसके उम्मीदवार की जीत तय है. वैसे कांग्रेस के नेताओं को BJD और YSR से समर्थन की उम्मीद न के बराबर है क्योंकि इन दोनों के नेताओं ने हाल ही में प्रधानमंत्री से मुलाकात की है.

कड़ी टक्कर देने की तैयारी

अब ऐसे में कांग्रेस पार्टी विपक्षी दलों से बात करके एक ऐसे उम्मीदवार को उतारना चाहती है, जिसके नाम पर एक राय हो और जो सत्तापक्ष के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर से सके.

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