Aditya roy Kapoor film 2022: आदित्य रॉय कपूर ने पहले किसी फुल-एक्शन फिल्म में काम नहीं किया था. इस हिसाब से वह इस फिल्म को याद रख सकते हैं. लेकिन दर्शकों ने अविश्वसनीय एक्शन दृश्य कई फिल्मों में देखे हैं. राष्ट्रप्रेम और एक्शन का मिक्स पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह रक्षा कवच है.

Bollywood film 2022: देशभक्ति फिल्मों के दौर में आदित्य रॉय कपूर की यह फिल्म एक्शन का कवच पहने हुए है. अगर आपको लगता है कि साउथ की फिल्मों जैसा अकल्पनीय एक्शन अबवबॉलीवुड में नहीं बनते तो यह फिल्म देखनी चाहिए. बीते जमाने के एक्शन डायरेक्टर टीनू वर्मा के बेटे कपिल वर्मा की बतौर निर्देशक यह डेब्यू फिल्म है. जो बताती है कि अपने पिता से मिले कवच को उन्होंने मजबूती से पहना है. पिता के बनाए रास्ते पर चलते हुए कहानी उन्होंने मसालेदार चुनी, लेकिन बेहतर होता स्क्रिप्ट पर थोड़ा अधिक काम किया जाता.

याददाश्त गुम

यहां दो भाई हैं, देव (जैकी श्रॉफ) और जय (आशुतोष राणा). आर्मी/रॉ में उनके साथ मूर्ति (प्रकाश राज) भी है. देव और जय का एक-एक बेटा है. देव को एक बेहद अहम रक्षा कवच यानी डिफेंस सिस्टम बनाने की जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन उसका अपहरण हो जाता है. तब उसके बारे में कुछ और बातें फैलाई जाती हैं. देव के बेटे को जय और उसकी पत्नी यश्वी मिलकर पालते हैं. वह भी बड़े होकर आर्मी जॉइन करता है. यही ओम (आदित्य रॉय कपूर) है. फिल्म के शुरुआती मिनटों में ही उसकी याददाश्त चली जाती है, लेकिन वह हालात का मुकाबला करते हुए लौटता है ताकि राष्ट्र का रक्षा कवच ला सके और परिवार पर लगा गद्दारी का धब्बा मिटा सके. यह सब क्यों, कैसे और किसकी वजह से होता है फिल्म यही बताती है.

आदित्य की इमेज

रक्षा कवच ओम सनी देओल अंदाज वाले एक्शन दृश्यों से भरी है. कपिल वर्मा के पिता ने सनी देओल के साथ कुछ चर्चित फिल्मों में काम किया. उसका असर कपिल के काम पर दिखता है. उन्होंने आदित्य से काफी कुछ सनी मार्का एक्शन करवाया है. जो कहीं-कहीं बहुत अविश्वसनीय लगता है. मुश्किल यह कि आदित्य की ऐसी इमेज नहीं है. निश्चित ही किसी भी एक्टर को हर तरह के रोल आजमाना चाहिए और आदित्य ने इससे पहले कभी फुल-एक्शन फिल्म में काम नहीं किया था. इसमें संदेह नहीं कि आदित्य ने फिल्म के लिए अपनी बॉडी पर बहुत काम किया और कुछ दृश्यों में अच्छे भी लगे. मगर सबसे जरूरी था कि उनके हिस्से में सनी देओल अंदाज वाले डायलॉग भी आते. हालांकि वैसी डायलॉगबाजी के लिए आदित्य को थोड़ी और मेहनत करनी पड़ेगी.

ट्विस्ट एंड टर्न

फिल्म की अच्छी बात यह है कि इसमें रफ्तार है. यही वजह है कि यह दर्शक को ज्यादा कुछ सोचने का मौका नहीं देती. साथ ही विलेन कौन है, इस सवाल का जवाब ढूंढते दर्शकों के सामने बहुत सारे ट्विस्ट एंड टर्न आते हैं. किसी को यह अच्छा लग सकता है और किसी को बात खिंचती हुई नजर आ सकती है. काला शा काला आइटम डांस में एलनाज नौरोजी इंप्रेस करती हैं. लेकिन फिल्म की हीरोइन संजना संघी काव्या के रूप में औसत हैं. वह एक्शन फिल्म के लिए जरूरी तीखी हीरोइन जैसी नहीं लगतीं. बल्कि काफी कूल नजर आती हैं. फिल्म की समस्या इसमें बार-बार आने वाले फ्लैश बैक हैं. पहले हिस्से में जहां कुछ चीजें बेसिर पैर की लगती हैं, वहीं दूसरे में कुछ बातें बचकानी. कहानी में ऐसा कुछ ढूंढना मुश्किल है, जो ऐसी एक्शन फिल्मों में पहले नजर नहीं आया हो. चाहे वे बॉलीवुड की हों या हॉलीवुड की. आर्मी के बैकग्राउंड में अगर इस फिल्म को विश्वसनीय बनाए जाने की कोशिश होती तो यह दर्शकों को अधिक आकर्षित करती. प्रकाश राज और आशुतोष राणा सहजता से अपने रोल को निभाते हैं. खास तौर पर प्रकाश राज यहां प्रभावित करते हैं. कैमरा वर्क बढ़िया है. स्पेशल इफेक्ट्स का भी अच्छा इस्तेमाल किया गया है.

सिर्फ एंटरटेनमेंट

पहली फिल्म के लिहाज से कपिल वर्मा का निर्देशक औसत है और उन्हें जमने के लिए अगली फिल्म में अच्छी कहानी चुनने के साथ कुछ नया भी करना होगा. यह सही है कि एक्शन वह बढ़िया जानते हैं और इस फिल्म में उन्होंने अपनी यह क्षमता दिखाई है. आइटम डांस के अलावा बाकी गीत असर नहीं छोड़ते. अगर आप ज्यादा दिमाग लगाए बगैर सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए कोई एक्शन फिल्म देखना चाहते हैं तो राष्ट्र कवच ओम आपके लिए है.

निर्देशकः कपिल वर्मा

सितारेः आदित्य रॉय कपूर, संजना संघी, आशुतोष राणा, जैकी श्रॉफ, प्रकाश राज

रेटिंग **1/2

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