Hyderabad traffic: तेलंगान सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के मौके पर 16 अगस्त को सामूहिक राष्ट्रगान गाने का ऐलान किया है. इस कार्यक्रम के चलते देश के सभी जिलों में सुबह कुछ देर के लिए ट्रैफिक और आवाजाही पूरी तरह से रोक दी जाएगी.

Mass singing of national anthem: भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है और 15 अगस्त के मौके पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. लेकिन तेलंगाना में मंगलवार यानी 16 अगस्त को ‘स्वतंत्र भारत वज्रोत्सवलु’ के नाम से आजादी का जश्न मनाया जाएगा. इस कार्यक्रम के तहत 16 अगस्त को राज्य भर में सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया जाएगा और हर जगह ट्रैफिक से लेकर आवाजाही को रोक दिया जाएगा. हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को ऐलान किया कि सामूहिक राष्ट्रगान गायन कार्यक्रम की वजह से 16 अगस्त को सुबह 11:30 बजे सभी जंक्शनों पर ट्रैफिक को पूरी तरह रोक दिया जाएगा.

हर गली-मोहल्ले में बजेगा राष्ट्रगान

हैदराबाद में मंगलवार को सुबह 11:30 बजे सभी पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर राष्ट्रगान बजाया जाएगा. सभी ट्रैफिक सिग्नल लाल हो जाएंगे, जबकि ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ओर से संचालित सभी जंक्शन यानी चौराहे या फिर रास्ते भी बंद कर दिए जाएंगे. राज्य सरकार की ओर से पहले ही सामूहिक राष्ट्रगान कार्यक्रम का ऐलान किया जा चुका है. मुख्य सचिव सोमेश कुमार ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों के वार्ड, प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन, शैक्षणिक संस्थानों, जेलों, दफ्तरों और बाजारों में 16 अगस्त को दिन में 11.30 बजे राष्ट्रगान के सामूहिक गायन का आयोजन किया जाएगा.

सोमेश कुमार ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों ने संबंधित पुलिस सुपरिटेंडेंट/कमिश्नर के साथ मिलकर इस आयोजन के लिए प्लान तैयार किया है. मुख्य सचिव ने सभी से कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आग्रह करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान बिना किसी हलचल या शोर-शराबे के अनुशासन बनाए रखा जाएगा. हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (HMDA) ने एक बयान में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर एचएमडीए के तहत आने वाले सभी पार्क में 15 अगस्त को लोग फ्री एंट्री कर सकेंगे. 

केसीआर का केंद्र पर निशाना

उधर, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गोलकुंडा किले पर ध्वजारोहण के बाद आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने संघीय ढांचा बनाया था क्योंकि वे चाहते थे कि केंद्र और राज्य मिलकर विकास की ओर बढ़ें. उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की मौजूदा केंद्र सरकार संघीय मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है, केंद्र राज्यों को वित्तीय तौर पर कमजोर करने की साजिश में शामिल है. साथ ही उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं को मुफ्त की सौगात बताना लोगों का अपमान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में मुफ्त की सौगात की राजनीति में शामिल होने को लेकर कुछ सियासी दलों की आलोचना की थी, जिसके बाद से देशभर में ‘रेवड़ी कल्चर’ पर बहस छिड़ गई है.

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