Delhi Robbery: आरोपी मोहन लॉकडाउन के वक्त ही वारदात को अंजाम देने के फिराक में था लेकिन तब उसे मौका नहीं मिला. इस दौरान नेपाली नौकर की छुट्टी हो गई और मोहन ने घर में सबका भरोसा जीत लिया. इसी का फायदा उठाकर उसने इतनी बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया. 

Punjabi Bagh Robbery: दिल्ली के पंजाबी बाग में 10 करोड़ की चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. चोरी के आरोप में दिल्ली पुलिस ने घर के सबसे भरोसेमंद नौकर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की गिरफ़्तारी बिहार के शिवहर जिले से हुई है. चोरी की इस वारदात को 18 जुलाई को अंजाम दिया गया है. वारदात उस वक्त हुई जब घर के मालिक और उनका परिवार विदेश गया हुआ था. मालिक ने अपने सबसे भरोसेमंद नौकर मोहन की जिम्मेदारी पर घर छोड़ दिया था और अब चोरी के पीछे उसी की साजिश का पर्दाफाश हुआ है.

नौकरों की खीर में मिलाई नींद की गोली

आरोपी मोहन ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वारदात वाले दिन उसने  घर के बाकी तीन नौकरों के लिए खीर बनाई और उसमें नींद की गोली मिलाकर सबको खिला कर बेहोश कर दिया. इसके बाद तिजोरी खोल कर 8 से 10 करोड़ की ज्वैलरी और 6 लाख रुपये कैश निकाल लिया. फिर घर के मालिक की ही क्रेटा कार में बैग रख कर भाग निकला. चोरी के बाद घर से भागते हुए उसने कोठी के गार्ड को बताया कि वह मालिक को लेने एयरपोर्ट जा रहा है.

कोठी से निकलने के बाद वह मेट्रो स्टेशन के बाहर कार को छोड़ कर ट्रेन के जरिए बिहार भाग गया. इस काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसने अपने मौसेरे भाई को भी बुलाया था. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इस चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए दो साल से साजिश रच रहा था. घर के दूसरे पुराने  नेपाली नौकर के साथ उसे पूरी जानकारी थी कि मालिक अपने घर में कहां-कहां कैश और ज्वैलरी रखते हैं.

मालिक के भरोसे का उठाया फायदा

आरोपी मोहन लॉकडाउन के वक्त ही वारदात को अंजाम देने के फिराक में था. लेकिन तब उसे मौका नहीं मिला. इस दौरान नेपाली नौकर की छुट्टी हो गई और मोहन ने घर में सबका भरोसा जीत लिया. इसलिए घर के मालिक से लेकर सभी सदस्य मोहन पर निर्भर रहने लगे. इसी का फायदा उठाकर उसने इतनी बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया.  फिलहाल पुलिस ने चोरी की गई ज्वैलरी और कैश बरामद कर लिया है. इस घटना के पीछे एक बड़ी लापारवाही घर के मालिक से भी हुई और उन्होंने घर के नौकरों का सर्वेंट वेरिफिकेशन तक नहीं कराया था. 

जांच के दौरान जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो उसमें आरोपी को सूटकेस के साथ देखा गया और फिर रमेश नगर मेट्रो स्टेशन से मालिक की वो कार मिली जिसे छोड़कर आरोपी फरार हो गया था. इसके बाद पुलिस की एक टीम बिहार के शिवहर जिले पहुंची जहां से आरोपी मोहन को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद पूछताछ के आधार पर उसके साथ आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है.

Reported By- Rajkumar

By admin

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