Delhi News: निरीक्षण के दौरान दिल्ली के शिक्षा विभाग के निदेशक ने यह भी पाया कि स्कूल के Estate Manager अपना काम करने के बजाए कमरे में आराम फरमा रहे थे जिस कारण सादिक नगर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय के Estate manager को निष्कासित कर दिया गया है. 

Delhi school reality check: एक तरफ जहां दिल्ली सरकार दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ़ खुद दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के निदेशक की 17 अगस्त को जारी की गई निरीक्षण रिपोर्ट इस दावे को कमज़ोर कर रही है. 17 अगस्त यानी आज से 4 दिन पहले दिल्ली के शिक्षा विभाग के निदेशक हिमांशु गुप्ता की निरीक्षण रिपोर्ट (Inspection Report) में बताया गया कि दिल्ली के शिक्षा विभाग के निदेशक 17 अगस्त को दिल्ली के सादिक नगर स्थित सरकारी सर्वोदय बाल विद्यालय सुबह 9 बजे निरीक्षण (inspection) करने एकाएक पहुंचे थे.

स्कूल में बच्चों की हाजिरी सिर्फ 63%

स्कूल के गेट के नजदीक ही कूड़े का ढेर पड़ा हुआ था. साथ ही स्कूल की बिल्डिंग भी साफ नही थी. इसके अलावा दिल्ली के शिक्षा निदेशक ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में बताया कि स्कूल में 6वीं कक्षा से लेकर 12 वीं कक्षा में कुल 779 विद्यार्थी पढ़ते हैं लेकिन निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि 779 में से सिर्फ 491 विद्यार्थी ही स्कूल आये थे यानी उपस्थिति मात्र 63% ही थी. शिक्षा निदेशक ने 37% विद्यार्थियों के स्कूल में अनुपस्थित रहने को बेहद खराब करार दिया है.

नौकरी से बाहर किए गए एस्टेट मैनेजर

निरीक्षण के दौरान दिल्ली के शिक्षा विभाग के निदेशक ने यह भी पाया कि स्कूल के एस्टेट मैनेजर (Estate Manager) अपना काम करने के बजाए कमरे में आराम फरमा रहे थे जिस कारण सादिक नगर स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय के एस्टेट मैनेजर को निष्कासित कर दिया गया है. इसके अलावा शिक्षा विभाग (Directorate of Education) के निदेशक ने DDE जोन 25 से विद्यालय का पूरा निरीक्षण कर 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है.

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