Delhi DTC Bus: दिल्ली सरकार के ग्रुप ए और बी के अधिकारियों हफ्ते में एक बार डीटीसी और क्लस्टर बसों में सफर करना होगा. इसके लिए परिवहन विभाग ने सर्कुलर जारी कर दिया है. सफर के दौरान अधिकारियों को अपना फीडबैक भी देना होगा.

Delhi DTC Bus: अगर आप दिल्ली में रहते हैं, तो ये खबर आपके काम की है. दिल्ली के  ग्रुप ए और बी के कर्मचारियों को हफ्ते में कम से कम एक बार एक बार डीटीसी और क्लस्टर बसों में यात्रा करनी होगी. इसके लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग की तरफ से बुधवार को एक सर्कुलर जारी किया गया है. इस सर्कुलर में कहा गया है कि सफर के दौरान ग्रुप ए और बी के कर्मचारियों को अपना फीडबैक भी देना होगा.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार के लिए उठाया कदम

दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि हम सार्वजनिक परिवहन सिस्टम में ज्यादा से ज्यादा सुधार करना चाहते हैं, ताकि दिल्ली वासियों को आरामदायक और सुगम सफर का लाभ मिल सके. इसके लिए हमारे अधिकारी विश्व स्तरीय सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए बहुत उत्साहित और प्रतिबद्ध हैं. इसमें दिल्ली की जनता की भागीदारी भी बहुत अहम है. 

अधिकारी देंगे फीडबैक

उन्होंने कहा कि परिवहन और डीटीसी के अधिकारी अक्सर हमारी सार्वजनिक बसों में यात्रा करते हैं, हम अपनी सेवाओं में सुधार के लिए एक नियमित प्रतिक्रिया स्थापित करने में सक्षम होंगे. मैं अपने दिल्ली के नागरिकों से अपील करता हूं कि वे सार्वजनिक बसों में सफर के दौरान हमारे अधिकारियों से मिलें और उन्हें बताएं कि वे सार्वजनिक परिवहन सिस्टम में क्या बदलाव देखना चाहते हैं. हम आपके सुझावों और मुद्दों का संज्ञान लेकर उसमें बदलाव करेंगे.

फीडबैक के लिए भरना होगा प्रोफार्मा

डीटीसी बसों में सफर करने वाले ग्रुप ए और बी के अधिकारियों को बसों में सेवा की गुणवत्ता संबंधी विभिन्न मानकों पर एक प्रोफार्मा भर कर यह फीडबैक देना है. इस पहल के माध्यम से, दिल्ली सरकार का उद्देश्य यह संदेश देना है कि स्थायी सार्वजनिक परिवहन में बदलाव कर दिल्ली के नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की बेहतरी के लिए जीवन शैली में बदलाव है.

150 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी

गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वयं 150 इलेक्ट्रिक बसों को झंडी दिखाकर दिल्ली के विभिन्न रूटों पर रवाना किया था. दिल्ली सरकार द्वारा खरीदी गई बसें एक बार फुल चार्ज किए जाने के बाद लगभग 180 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती हैं. इन बसों की उम्र अगले 10 साल है. डीटीसी अधिकारियों का कहना है कि सामान्य सीएनजी बसों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक बसें 1.6 लाख टन कम पीएम-2.5 और 1. 7 लाख टन कम पीएम 10 का उत्सर्जन करेंगी.

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