UP Violence: महबूबा ने ट्वीट किया कि ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कोई कंगारू अदालत चला रहे हैं, जहां अल्पसंख्यकों के स्वामित्व वाली इमारतों को नियमित रूप से ध्वस्त किया जाता है.

UP Violence: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ‘कंगारू अदालत’ (अवैध अदालत) चला रहे हैं, जहां अल्पसंख्यकों के स्वामित्व वाली इमारतों को लगातार ध्वस्त किया जाता है. मुफ्ती की यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश में कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा शनिवार को की गई एक कार्रवाई के बाद आई है, जिसके तहत शहर में पिछले सप्ताह हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के मुख्य आरोपी के एक करीबी सहयोगी के स्वामित्व वाली एक बहुमंजिला इमारत ध्वस्त कर दी.

महबूबा का भारत सरकार से सवाल

महबूबा ने ट्वीट किया, ‘ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कोई कंगारू अदालत चला रहे हैं, जहां अल्पसंख्यकों के स्वामित्व वाली इमारतों को नियमित रूप से ध्वस्त किया जाता है. घर जीवन बर्बाद हो जाते हैं….दुर्भाग्य से न्यायपालिका मौन रहकर देखती रहती है. क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोष जताया जाएगा, तब भारत सरकार इस बारे में अपने रुख में बदलाव करेगी?’

मुफ्ती का भाजपा पर हमला

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ भाजपा के पूर्व नेताओं की टिप्पणियों से उपजे विवाद पर कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार अपने प्रवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं थी, लेकिन खाड़ी देशों का दबाव बढ़ने के बाद उनके पास कोई रास्ता नहीं बचा था.’ उन्होंने कहा था कि हम सभी मुसलमान कुछ भी बर्दाश्त कर सकते हैं लेकिन प्यारे पैगंबर (PBUH) के खिलाफ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं कर सकते. एक मुसलमान पैगंबर की मर्यादा के लिए अपनी जान भी कुर्बान कर सकता है.’ जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत के खिलाफ अल-कायदा के खतरे की निंदा करती हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा इस खतरे का इस्तेमाल अपने इस कथन को मजबूत करने के लिए करेगी कि ‘हिंदू खतरे में हैं’.

‘जल्द ही उन लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा’

बीजेपी और केंद्र सरकार को कोसते हुए उन्होंने कहा था कि कार्रवाई तभी हुई जब खाड़ी देशों ने भारत पर अपना दबाव बनाया. उन्हें (भाजपा) कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया अन्यथा वे उन्हें दंडित करने के मूड में नहीं थे. इसके अलावा उन्होंने पूर्व भाजपा नेताओं नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल भी उठाया. पीडीपी प्रमुख ने कहा कि पैगंबर विरोधी टिप्पणी के लिए उनके प्रवक्ता के खिलाफ की गई कार्रवाई बहुत मामूली है और आरोप लगाया कि जल्द ही उन लोगों (नूपुर शर्मा, नवीन जिंदल) को पुरस्कृत किया जाएगा और उन्हें माला पहनाई जाएगी. उन्होंने कहा कि भाजपा नेता इस्लाम और मुसलमानों से नफरत के लिए जाने जाते हैं.

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